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30 मार्च, 2021|1:07|IST

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नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का टेंडर तीसरी बार भी निरस्त, 2022 में शुरू करने का था लक्ष्य, प्रक्रिया पर उठे सवाल

noida metro

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच चलने वाली मेट्रो का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। मेट्रो के निर्माण के लिए कंपनी का चयन करने के लिए तीसरी बार निकाला गया टेंडर भी निरस्त हो गया। अब चौथी बार इसके लिए टेंडर डाला जाएगा। यह योजना पिछले डेढ़ साल से टेंडर प्रक्रिया में ही उलझी हुई है, जबकि इसकी घोषणा के साथ ही इसे 2022 में प्रारम्भ करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अभी तक इस पर काम भी शुरू नहीं हो सका है।

पांच स्टेशन बनने हैं

नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो लाइन जानी है। तय कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण में सेक्टर-2 तक मेट्रो जाएगी। इसमें पांच स्टेशन सेक्टर-122, 123, सेक्टर-4 ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सेक्टर-12 इकोटेक और सेक्ट-2 ग्रेटर नोएडा वेस्ट होंगे।

पहली बार ही कागजातों में कमी मिली

नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने मई 2020 में पहली बार टेंडर जारी किए थे। जुलाई में खोले गए टेंडर में आईं तीन कंपनियों के कागजातों में कमी मिली थी। इसके बाद फिर से नए सिरे से टेंडर जारी किए गए लेकिन कंपनियों का चयन नहीं हो सका। नवंबर महीने में तीसरी बार टेंडर जारी किया गया। यह टेंडर 18 दिसंबर को खोला गया, लेकिन अब एक दिन पूर्व इस टेंडर को भी निरस्त करने की घोषणा कर दी गई है। अब इसके लिए चौथी बार टेंडर डाले जाएंगे।

निर्माण की लागत भी बढ़ी

इस मेट्रो के लिए पहली बार जारी किए गए टेंडर में इसकी लागत 430 करोड़ 69 लाख रुपये रखी गई थी, लेकिन बाद में इसके डिजाइन में कुछ बदलाव किए जाने से इसकी लागत भी बढ़ गई और अब तीसरी बार जारी किए गए टेंडर में सिविल के काम की लागत बढ़ाकर 491 करोड़ रखी गई थी और तय शर्त के अनुसार जो भी कंपनी निर्माण का जिम्मा लेती उसे 20 माह में निर्माण कार्य को पूरा करना होता।

चार मंजिल तक बनने हैं स्टेशन

नोएडा में चल रही मेट्रो के स्टेशन अभी तक सिर्फ एक मंजिल ही हैं, लेकिन नोएडा-ग्रेनो वेस्ट में चलने वाली मेट्रो के स्टेशन भी अलग ही होंगे और इनका निर्माण चार मंजिल तक किया जा सकेगा। इसका उल्लेख तीसरे टेंडर में भी किया गया था। एनएमआरसी द्वारा जारी टेंडर के अनुसार इन स्टेशनों का निर्माण प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ मंजिल तक किया जा सकेगा। इसके निर्माण का जिम्मा लेने वाली कंपनी को दूसरे तल तक ही निर्माण करना था और उसके ऊपर के दो तलों का निर्माण बीओटी आधार पर किया जाना था। इसका निर्माण करने वाले के द्वारा ही इसका संचालन किया जाएगा। यहां पर दुकानें, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट आदि का निर्माण किया जा सकेगा।

सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल

नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का टेंडर तीसरी बार भी निरस्त हो जाने पर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। नेफोवा के मनीष की ओर से टेंडर के निरस्तीकरण की सूचना को पोस्ट कर सीईओ प्राधिकरण, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव आदि से सवाल किया गया है कि नोएडा और ग्रेनो वेस्ट को जोड़ने वाली महत्वकांक्षी मेट्रो विस्तार परियोजना की निविदा लगातार तीसरी बार निरस्त। आखिर इस परियोजना में इतना विलम्ब क्यों? इस पोस्ट पर अनेक लोगों ने कमेंट कर सवाल भी उठाए हैं और कहा है कि मेट्रो की घोषणा का लाभ बिल्डरों ने ले लिया और अब मेट्रो के ना चल पाने से यहां पर रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं।

''तीसरी बार भी कंपनियों ने शर्तें पूरी नहीं की। ऐसे में चौथी बार टेंडर जारी करने का निर्णय लिया गया है। एक सप्ताह में टेंडर जारी कर दिया जाएगा। अब तक डाले गए तीन टेंडर में हर बार 2-2 कंपनी ही आई हैं, जबकि तीन कंपनी टेंडर में आनी जरूरी हैं।'' -मनोज वाजपेयी, जीएम, एनएमआरसी

इस सप्ताह केंद्र से डीपीआर हो सकती है मंजूर

नोएडा-ग्रेनो वेस्ट के बीच चलने वाली मेट्रो की डीपीआर को अभी तक केंद्र से मंजूरी नही मिल पाई है। इस वजह से भी काम शुरू होने में अटकाव है। यूपी सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। एनएमआरसी के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जल्द केंद्र से मंजूरी मिल जाएगी।

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  • Web Title:Noida-Greater Noida West Metro tender cancelled for the third time