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5 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, सोते समय भी वीडियो कॉल से नजर; नोएडा की महिला को ऐसे लगी सवा करोड़ की चपत

महिला ने बताया कि जिस नंबर से कॉल आई थी उसकी वॉट्सऐप डीपी में मुंबई पुलिस का लोगो था। जब उसे स्काइप कॉल पर जोड़ा गया तो उसमें सामने वीडियो में जितने लोग दिख रहे थे, सभी ने पुलिस की वर्दी पहनी थी।

5 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, सोते समय भी वीडियो कॉल से नजर; नोएडा की महिला को ऐसे लगी सवा करोड़ की चपत
Praveen Sharmaनोएडा। हिन्दुस्तानSat, 22 Jun 2024 07:57 AM
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एक पार्सल में ड्रग्स समेत अन्य गैरकानूनी सामान होने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने नोएडा की एक 73 वर्षीय बुजुर्ग महिला से एक करोड़ 30 लाख रुपये ठग लिए। इस दौरान ठगों ने महिला को स्काइप कॉल पर वीडियो कॉल कर 5 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और दस अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करा ली। अब पीड़ित महिला की शिकायत पर नोएडा पुलिस अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धारा में केस दर्ज कर जांच कर रही है।

सेक्टर-49 निवासी रिटायर्ड अधिकारी की पत्नी शुचि अग्रवाल ने दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि 13 जून को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने बताया कि वह फेडिक्स कंपनी की अंधेरी शाखा से बात कर रही है। उसने कहा कि उनके नाम से भेजा जा रहा पार्सल पकड़ा गया है, जिसमें एलसीडी, एक्सपायर्ड पासपोर्ट और अन्य सामान हैं। पूछताछ के लिए या तो उन्हें मुंबई आना पड़ेगा या फिर ऑनलाइन ही मुंबई पुलिस के नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों से जुड़ना होगा। इसके बाद महिला को स्काइप कॉल पर जोड़ा गया। 10 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करने के बाद जालसाजों ने महिला से कहा कि बुजुर्ग होने के चलते उन्हें सोने के समय ही स्काइप कॉल से दूर रहने की अनुमति दी जाएगी। इस दौरान भी उन पर स्काइप से नजर रखी जाएगी। 5 दिन तक ठगों ने महिला को डिजिटल अरेस्ट रखा।

वॉट्सऐप डीपी में मुंबई पुलिस के लोगो का इस्तेमाल

शुचि अग्रवाल ने बताया कि 13 जून को जिस नंबर से कॉल आई थी, उस नंबर की वॉट्सऐप डीपी में मुंबई पुलिस का लोगो था। जब महिला को स्काइप कॉल पर जोड़ा गया तो उसमें सामने वीडियो में जितने लोग दिख रहे थे, सभी ने पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी और उनके पीछे दीवार पर मुंबई नारकोटिक्स विभाग का लोगो बना हुआ था। वीडियो में दिख रहे ठगों ने अपना पुलिस का फर्जी आईकार्ड भी महिला को दिखाया ताकि उसे विश्वास में लिया जा सके। इसके बाद आरोपियों ने महिला को डर-धमकाकर रुपये हड़प लिए।

डराकर रकम ट्रांसफर कराई : इसी दौरान स्काइप कॉल से जुड़े कथित नारकोटिक्स अधिकारियों ने महिला से कहा कि उनके आधार कार्ड पर कुल छह अकाउंट चल रहे हैं। सभी खातों में मनी लॉन्ड्रिंग का काम हो रहा है। डरी-सहमी महिला को जालसाजों ने पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट देने के नाम पर रुपये ट्रांसफर करने को कहा। जेल जाने के डर से महिला ने जालसाजों द्वारा बताए गए 10 बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। ठग तब तक महिला से रकम ट्रांसफर कराते रहे जब तक उनका खाता खाली नहीं हो गया। जब महिला पर लोन लेकर और रकम भेजने का दबाव बनाया गया तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने इस बारे में अपने परिजनों को बताया।

क्या होता है डिजिटल अरेस्ट

डिजिटली अरेस्ट कहकर ठग द्वारा पीड़ित को फोन कर बताया जाता है कि उनका किसी नाम ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग के केस में आया है और उन्हें घर से बाहर निकलने की अब अनुमति नहीं है। पीड़ित से कहा जाता है कि वह डिजिटली तौर पर लगातार उनसे जुड़े रहेंगे और किसी को इसकी जानकारी नहीं देंगे। पीड़ित डर की वजह से साइबर अपराधियों के झांसे में आकर उन्हें पास रुपये भेज देता है।

खातों की जांच में जुटी पुलिस

महिला ने बताया कि ठगी की जो रकम गई है, वह उनकी जिंदगीभर की कमाई थी। उन पांच दिनों को यादकर मन सिहर उठता है। आगे क्या होगा, इस बारे में चिंता सता रही है। वहीं, मामले की जांच कर रही पुलिस का दावा है कि जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है, उनके बारे में कई अहम जानकारी मिली है। जल्द ही जालसाजों को दबोचा जाएगा।

ठगों ने पुलिस की वर्दी में महिला को वीडियो कॉल पर धमकाया

साइबर ठगों ने वीडियो कॉल पर महिला को मुंबई पुलिस की वर्दी पहनकर डिजिटल अरेस्ट के दौरान खूब धमकाया। जालसाजों ने इस दौरान कई नेताओं और माफिया के बारे में भी महिला को बताया, जो मनी लॉड्रिंग के मामले में जेल जा चुके हैं।

नोएडा में इस तरह के मामले बढ़े : नोएडा में इन दिनों नामी कूरियर कंपनी के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देशभर के कई हिस्सों में बैठे साइबर ठग आपके नाम से विदेश में कूरियर के जरिये मादक पदार्थ भेजे जाने की बात करते हैं। बातचीत के दौरान बदमाश आपको आपका आधार, पैन, मोबाइल नंबर यहां तक कि आपकी कई बेहद गोपनीय जानकारी भी बताते हैं। डर का माहौल बनाने के लिए पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल, वायरलेस सेट पर दूसरे अधिकारी से बातचीत, यहां तक कि थाने में ही लगी फोटो भी दिखाई जाती है। इस दौरान पीड़ित को और डराने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच का नोटिस, रिजर्व बैंक का पत्र, जिसमें खाता फ्रीज करने का जिक्र किया जाता है, इसके अलावा दूसरे दस्तावेज भेजे जाते हैं।

क्राइम ब्रांच आने की देते हैं धमकी : शुरुआत में पीड़ित कहता है कि उसने इस तरह का कोई पार्सल नहीं भेजा। बाद में उसे बताया जाता है कि आपकी आईडी का गलत इस्तेमाल हुआ है। अब आपको मुंबई क्राइम ब्रांच आना ही पड़ेगा। यहां तक गिरफ्तारी की बात की जाती है। इससे पीड़ित डर जाता है।

श्रमिकों के दस्तावेजों पर खुलवा रहे बैंक खाते

इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के मुताबिक, वर्ष 2024 के शुरुआती चार महीने में देशभर में डिजिटल अरेस्ट के 4599 मामले में लोगों के साथ 120 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। अब तक की पुलिस जांच में यह सामने आया है कि जालसाज ठगी की रकम, जिन खातों में ट्रांसफर कराते हैं, वे मजदूरों और बेरोजगार युवकों के होते हैं। वे बेरोजगारों और श्रमिकों से आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज 500 से हजार रुपये का लालच देकर ले लेते हैं और उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खाते खुलवाए जाते हैं।

ये सावधानी बरतें

● कूरियर पार्सल के नाम से कॉल आए तो उसे नजरअंदाज करें

● फोन उठा भी लें तो किसी ऑपशन का बटन न दबाएं

● अपनी कोई निजी जानकारी किसी को भी उपलब्ध न कराएं

● मोबाइल में आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें

● ठगी होने पर साइबर थाने या 1930 पर शिकायत करें

इस तरह की कॉल से डरें नहीं, शिकायत करें

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपके पास भी इस तरह की धमकी वाली फोन कॉल आती है तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। ऐसी कॉल आने पर तुरंत पुलिस में शिकायत करें। यदि कोई मैसेज या ई-मेल आता है तो उसे सबूत के तौर पर पुलिस को दें। यदि वीडियो कॉल पर कोई धमकी दे तो स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए वीडियो कॉल को रिकॉर्ड करें और शिकायत करें।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि पार्सल में गैरकानूनी सामान होने का डर दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए विस्तृत योजना बनाई गई है। विशेष टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही ठगी में शामिल गिरोह का पर्दाफाश कर जालसाजों को दबोचा जाएगा। 

 

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