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सबसे बड़ी चोरी : किशलय पांडे के योग गुरु से पुलिस नहीं उगलवा सकी कोई राज

नोएडा | वरिष्ठ संवाददाताPublished By: Praveen Sharma
Sun, 20 Jun 2021 10:12 AM
सबसे बड़ी चोरी : किशलय पांडे के योग गुरु से पुलिस नहीं उगलवा सकी कोई राज

नोएडा की सबसे बड़ी चोरी के खुलासे के नौ दिन बाद भी पुलिस फरार आरोपियों में से एक को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। अभी तक पुलिस के हाथ न तो चोरी का मास्टरमाइंड गोपाल लगा है और ना ही करोड़ों के फर्जीवाड़े का आरोपी राममणि पांडे। इसके अलावा पुलिस किशलय पांडे के योग गुरु कृष्ण मुरारी से भी कुछ नहीं उगलवा सकी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया है।

बता दें कि ग्रेटर नोएडा की सिल्वर सिटी-2 सोसाइटी के 301 नंबर फ्लैट से अगस्त 2020 को चोरों ने 36 किलो सोना और छह करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी चोरी की थी। इस चोरी का मास्टर माइंड फ्लैट का केयर टेकर गोपाल को माना जा रहा है। गोपाल ने नोएडा और गाजियाबाद के साथियों की मदद से चोरी की साजिश रची थी। चोरों के बीच धन के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने 11 जून को छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 13.9 किलो सोना, एक करोड़ की संपत्ति के कागजात और 57 लाख रुपये बरामद किए थे।

पुलिस ने दावा किया था कि यह फ्लैट सुप्रीम कोर्ट के वकील किशलय पांडे ने अपने योग गुरु कृष्ण मुरारी के माध्यम से किराये पर लिया था। पुलिस ने मुरारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन वह उससे कुछ नहीं उगलवा सकी। कृष्ण मुरारी किशलय और उसके पिता राममणि पांडे का करीबी है। फ्लैट से चोरी करोड़ों के कालेधन के बारे में मुरारी ने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। फिर से छोड़ दिया गया।

अहम कड़ी था योग गुरु : कालेधन के स्त्रोत और राममणि पांडे के बारे में जानकारी देने के लिए योग गुरु कृष्ण मुरारी अहम कड़ी था। पांडे परिवार का करीबी होने के नाते उसे बहुत कुछ जानकारी थी, लेकिन उसने कोई अहम सूचना पुलिस को नहीं दी। उसके जाने के बाद पुलिस फिर खाली हाथ हो गई है। अभी पुलिस के हाथ कोई ऐसा संदिग्ध नहीं लगा है जो उसे गोपाल और राममणि तक पहुंचा सके।

क्राइम ब्रांच के हाथ कोई भी आरोपी नहीं लगा

किशलय पांडे के संबंध में पुलिस दावा कर रही है कि वह विदेश में है। इस वजह से उससे पूछताछ करना संभव नहीं है। वहीं, उसका पिता राममणि पांडे देश में ही है। वारदात का खुलासा होने के बाद से ही वह फरार है। पुलिस को अभी तक उसका भी कोई सुराग नहीं लगा है, जबकि क्राइम ब्रांच के अलावा पुलिस की दस से ज्यादा टीमें छापेमारी कर रही हैं। पुलिस सिर्फ तर्क दे रही है कि उसने मोबाइल बंद कर रखा है।

मास्टरमाइंड गोपाल भी पुलिस के लिए बना पहेली

करोड़ों की चोरी की साजिश रचने वाला मास्टरमाइंड गोपाल पुलिस के लिए पहेली बन गया है। फ्लैट नंबर 301 के केयरटेकर गोपाल के बारे में भी पुलिस के पास कोई पुख्ता सूचना नहीं है। फ्लैट से चोरी किए गए कालेधन के बारे में गोपाल को भी बहुत जानकारी है। इतना ही नहीं पुलिस चोरी में शामिल तीन अन्य आरोपियों का भी पता नहीं लगा सकी है। अधिकारी जल्द आरोपियों को गिरफ्तार का दावा कर रहे हैं।

''गोपाल और राममणि की तलाश में छापेमारी की जा रही है। कई संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। किशलय के योग गुरु कृष्ण मुरारी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उससे संबंधित फ्लैट के बारे में जानकारी ली गई थी। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।'' - रणविजय सिंह, एडीसीपी

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