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Hindi News NCRनोएडा एयरपोर्ट तक ट्रेन भी चलेगी, 61 KM का ट्रैक; NCR में कहां-कहां नए रेलवे स्टेशन

नोएडा एयरपोर्ट तक ट्रेन भी चलेगी, 61 KM का ट्रैक; NCR में कहां-कहां नए रेलवे स्टेशन

नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग से जोड़ा जाएगा। इस ट्रैक पर पांच नए स्टेशन बनेंगे। डीपीआर के बाद भारत सरकार और रेल मंत्रालय ने प्रॉजेक्ट को मंजूरी भी दे दी है।

नोएडा एयरपोर्ट तक ट्रेन भी चलेगी, 61 KM का ट्रैक; NCR में कहां-कहां नए रेलवे स्टेशन
Sudhir Jhaहिन्दुस्तान,ग्रेटर नोएडाWed, 22 May 2024 07:39 AM
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नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग से जोड़ा जाएगा। इस ट्रैक पर पांच नए स्टेशन बनेंगे। उत्तर मध्य रेलवे ने मंगलवार को इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर प्रस्तुत कर दी है। भारत सरकार और रेल मंत्रालय ने परियोजना को मंजूरी भी दे दी है।

यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली-हावड़ा और मुंबई से जोड़ने की योजना एक वर्ष पहले बननी शुरू हुई थी। उत्तर मध्य रेलवे को स्टडी कर डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। रेलवे ने अब इसका खाका तैयार कर मंगलवार को डीपीआर प्रस्तुत कर दी। इन दोनों रेलमार्ग को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 61 किलोमीटर का ट्रैक बिछेगा। 

यह ट्रैक हरिणाया में पलवल के पास रुंधी स्टेशन से शुरू होगा और यमुना को पार कर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा। फिर नोएडा एयरपोर्ट से होते हुए बुलंदशहर के चोला स्टेशन पर खत्म होगा। ट्रैक बिछने के बाद एयरपोर्ट से रुंधी स्टेशन की दूरी 19.20 किलोमीटर और चोला स्टेशन से एयरपोर्ट की 18.6 किलोमीटर रहेगी। एयरपोर्ट पर जीटीसी तक भूमिगत ट्रैक बनाकर नमो भारत को जोड़ने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा बुलेट ट्रेन चलाने को लेकर भी बात चल रही है। तीनों ट्रेनों को जीटीसी से कनेक्ट करना आसान नहीं होगा। ऐसे में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (यापल) किन्हीं दो ट्रेनों से जोड़ने पर विचार कर रहा है।

रूट पर ये स्टेशन होंगे
रुंधी, चांदहट, जेवर खादर, नोएडा एयरपोर्ट, जहांगीरपुर, बीघेपुर और चोला। इनमें रुंधी और चोला स्टेशन पहले से बने हुए हैं।

एयरपोर्ट से भूमिगत कनेक्टिविटी होगी
रेलमार्ग को एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (जीटीसी) से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए भूमिगत ट्रैक या स्टेशन बनाने पर विचार हो रहा है। हालांकि, अभी इसकी रूपरेखा तैयार नहीं हुई है कि जीटीसी को जोड़ने के लिए कितने किलोमीटर का भूमिगत ट्रैक बिछाया जाएगा।