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'अखूंदजी मस्जिद' में शब-ए-बरात पर नहीं पढ़ी जाएगी नमाज, दिल्ली HC ने दिया फैसला

जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की प्रबंधन समिति के एक आवेदन पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत ने उस स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है, जो अब डीडीए के कब्जे में है

'अखूंदजी मस्जिद' में शब-ए-बरात पर नहीं पढ़ी जाएगी नमाज, दिल्ली HC ने दिया फैसला
Swati Kumariभाषा,नई दिल्लीFri, 23 Feb 2024 10:16 PM
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को महरौली इलाके में हाल ही में ध्वस्त की गई अखूंदजी मस्जिद और पास के कब्रिस्तान में शब-ए-बारात के अवसर पर नमाज की अनुमति देने से इनकार कर दिया। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की प्रबंधन समिति के एक आवेदन पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत ने उस स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है, जो अब दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के कब्जे में है। 

यह आवेदन विध्वंस के मुद्दे पर समिति की ओर से दायर याचिका का हिस्सा है। न्यायमूर्ति कौरव ने कहा कि मुख्य याचिका, जिस पर अदालत ने कई मौकों पर सुनवाई की थी, पहले से ही सात मार्च को निपटारे के लिए सूचीबद्ध है। इस स्तर पर कोर्ट कोई निर्देश पारित करने के प्रति इच्छुक नहीं है। आवेदन खारिज किया जाता है। बता दें कि करीब 600 साल पुरानी मानी जाने वाली अखूंदजी मस्जिद और साथ ही वहां के बेहरुल उलूम मदरसे को संजय वन में अवैध निर्माण घोषित किया गया था और डीडीए ने 30 जनवरी को इसे ध्वस्त करा दिया था।

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जिन लोगों के परिवारों को पास के कब्रिस्तान में दफनाया गया है, उन्हें इस महीने के अंत में शब-ए-बारात के अवसर पर वहां दुआ करने की इजाजत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मस्जिद सदियों पुरानी थी और पिछले कई वर्षों से वहां नमाज अदा की जा रही थी। वकील ने अदालत को बताया कि वहां एक ‘कब्रिस्तान’ भी था जिसका इस्तेमाल स्थानीय लोग करते थे। हाई कोर्ट ने 5 फरवरी को DDA से उस स्थान पर यथास्थिति बनाए रखने को कहा था, जहां कभी मस्जिद थी। 

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