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एनसीआरनिकिता तोमर हत्याकांड : उम्रकैद की सजा सुनते ही मुरझा गए थे तौसीफ और रेहान के चेहरे

फरीदाबाद | वरिष्ठ संवादादाताPublished By: Praveen Sharma
Sat, 27 Mar 2021 10:52 AM
निकिता तोमर हत्याकांड : उम्रकैद की सजा सुनते ही मुरझा गए थे तौसीफ और रेहान के चेहरे

निकिता तोमर हत्याकांड मामले में फरीदाबाद कोर्ट परिसर में शुक्रवार सुबह सवा 11 बजे शुरू होने वाली सजा पर बहस से पहले कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों दोषियों तौसीफ व रेहान को नीमका जेल से सेक्टर-12 अदालत परिसर में लाया गया। जहां पहले उन्हें अदालत परिसर के लॉकअप में रखा गया। उस समय वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई। बहस के दौरान उन्हें सीधे अदालत परिसर ले जाया गया। इस दौरान उनके चेहरे पर मायूसी छाई हुई थी। बहस पूरी होने के बाद उन्हें दोबारा से लॉक अप में ले जाया गया। जहां शाम चार बजे के बाद उन्हें दोबारा अदालत परिसर में लाया गया। जैसे ही अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई तो दोनों मुजरिमों के चेहरे मुरझा गए। इसके बाद उन्हें पिछले दरवाजे से पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे में पहले लॉकअप में ले जाया गया, इसके बाद वहां से भारी पुलिस बल के साथ उन्हें नीमका जेल ले जाया गया। इससे पहले सुबह से ही पुलिस की कड़ी सुरक्षा अदालत परिसर में की गई थी। भारी संख्या में कमांडो व अन्य पुलिस कर्मी सभी गेटों पर तैनात थे, ताकि किसी तरह की कोई सुरक्षा में चूक न हो जाए।

5 महीने में एक बार ही परिजनों से मिल सके दोषी

26 अक्टूबर को निकिता हत्याकांड में दोनों दोषियों तौसीफ और रेहान को पुलिस ने वारदात के दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे सबूत जुटाए गए और कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जेल जाने के करीब 15 दिन बाद तौसीफ के पिता जाकिर हुसैन और मां असमीना उससे मिलने जेल गए, जबकि रेहान से उसके पिता शहाबुद्दीन मिलने पहुंचे थे। परिजनों ने दनों को उनके पहनने के लिए कपड़े और जूते दिए थे। इसके बाद कोविड के नियमों के तहत बाहर के लोगों के जेल में बंदियों से मिलने पर रोक लगा दी गई।

ट्रांसफर होने से पहले सुनाया आखिरी फैसला : फरीदाबाद की अदालत से पांच व लैबर कोर्ट से दो जजों के ट्रांसफर देर शाम हुए। इनमें निकिता मामले में सजा सुनाने वाले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना भी शामिल थे। लीगल सेल के वकील रविन्द्र गुप्ता ने बताया कि जजों के ट्रांसफर हुए हैं, यह रूटीन है। 

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