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Hindi News NCR'देश तोड़ने की विदेशी साजिश का हिस्सा थे प्रबीर, चीन से धन...', न्यूजक्लिक विवाद पर कोर्ट में दिल्ली पुलिस का दावा

'देश तोड़ने की विदेशी साजिश का हिस्सा थे प्रबीर, चीन से धन...', न्यूजक्लिक विवाद पर कोर्ट में दिल्ली पुलिस का दावा

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोप लगाया कि प्रबीर पुरकायस्थ ने कश्मीर में विद्रोह पैदा करने के लिए अपने बेटे प्रतीक पुरकायस्थ की अध्यक्षता में एक कश्मीर सेल का भी गठन किया था।

'देश तोड़ने की विदेशी साजिश का हिस्सा थे प्रबीर, चीन से धन...', न्यूजक्लिक विवाद पर कोर्ट में दिल्ली पुलिस का दावा
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानFri, 03 May 2024 05:51 AM
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न्यूजक्लिक विवाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि न्यूज क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ (NewsClick Founder Prabir Purkayastha) चीन से धन लेकर दंगे भड़काने की साजिश का हिस्सा थे। मंगलवार को आरोपपत्र पर संज्ञान लेने की कार्रवाई के दौरान स्पेशल सेल ने आरोप लगाए कि प्रबीर पुरकायस्थ देश को तोड़ने की अंतरराष्ट्रीय साजिश में शामिल थे।

प्रबीर ने कश्मीर और अरुणाचल को देश का हिस्सा न होने और उन्हें विवादित स्थान बनाने के लिए फोरम बनाए। 2020 के दिल्ली दंगों को भड़काने और बनाए रखने, कोविड पर दुष्प्रचार अभियान चलाने, किसानों के विरोध को भड़काने और इसमें शामिल होने के लिए चीन से धन लिया। इतना ही नहीं, पुरकायस्थ कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के कई कर्मचारियों को सैलरी देते थे।

कश्मीर में विद्रोह की कोशिश : दिल्ली पुलिस का दावा है कि पुरकायस्थ ने कश्मीर में विद्रोह पैदा करने के लिए अपने बेटे प्रतीक पुरकायस्थ की अध्यक्षता में एक कश्मीर सेल का भी गठन किया था। अनुच्छेद 370 हटने के बाद राष्ट्र विरोधी तत्वों को थोड़ी मात्रा में अवैध विदेशी फंड भी दिया जा रहा था।

दिल्ली हिंसा के लिए शरजील को मिला धन

प्रबीर पुरकायस्थ को श्रीलंकाई मूल के अमेरिकी नागरिक नेविल रॉय सिंघम के स्वामित्व वाली विभिन्न कंपनियों से अवैध धन प्राप्त होता था। आरोप लगाया गया कि सिंघम से प्राप्त धन में से पुरकायस्थ ने एक व्यक्ति को 36 लाख रुपये दिए और इसे 2020 के दिल्ली दंगों को भड़काने के लिए शरजील इमाम को देने का निर्देश दिया।

कोविड के दौरान दुष्प्रचार का आरोप

स्पेशल सेल ने आरोप लगाया कि कोविड महामारी के दौरान सिंघम ने पुरकायस्थ को लेख लिखकर एक कैम्पेन शुरू करने का निर्देश दिया था ताकि लोग भारतीय वैक्सीन लेने से बचें। इसने आरोप लगाया कि परिणामस्वरूप कई लोग मरेंगे, सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ेगा और गृह युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है।