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Hindi News NCRबेटा न होने पर जुड़वां बेटियों का कर दिया कत्ल, दिल्ली में शर्मनाक वारदात

बेटा न होने पर जुड़वां बेटियों का कर दिया कत्ल, दिल्ली में शर्मनाक वारदात

बाहरी दिल्ली के पूठकलां में करीब 20 दिन पहले एक परिवार ने जुड़वां बच्चियां पैदा होने पर दोनों नवजात बच्चियों को मार डाला और आनन-फानन में शव को भी दफना दिया। महिला का पति और ससुराल वाले बेटा चाहते थे।

बेटा न होने पर जुड़वां बेटियों का कर दिया कत्ल, दिल्ली में शर्मनाक वारदात
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानMon, 24 Jun 2024 06:31 AM
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राजधानी दिल्ली को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। बाहरी दिल्ली के पूठकलां गांव में करीब 20 दिन पहले एक परिवार ने जुड़वां बच्चियां पैदा होने पर दोनों नवजात बच्चियों को मार डाला और आनन-फानन में शव को भी दफना दिया। महिला का पति और ससुराल वाले बेटा चाहते थे। इस संबंध में मामला दर्ज होने के बाद से बच्चियों का पिता और उसका परिवार फरार है।

दरअसल, जुड़वां बच्चियों होने के कारण महिला का पति और उसके घरवाले नाराज थे। इसलिए उन्होंने महिला के होश में आने से पहले ही वारदात को अंजाम दे डाला। हालांकि, महिला ने होश में आने के बाद जब बच्चियों के बारे में पूछा तो पति ने दोनों बच्चियों के बीमार होने के कारण मौत का बहाना बना दिया। इस पर महिला और उसके मायके वालों को शक हुआ तो मामले की शिकायत पुलिस से की गई।

इसके बाद शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दफना दिए गए बच्चियों के शवों को कब्र से बाहर निकाला और मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामला दर्ज होने के बाद से ही पति परिवार समेत फरार है।

वर्ष 2022 में हुई थी शादी

जानकारी के मुताबिक, नवजात बच्चियों की मां हरियाणा के रोहतक की रहने वाली है। उसकी शादी 2022 में बाहरी दिल्ली के पूठकलां में रहने वाले नीरज सोलंकी नाम के एक शख्स से हुई थी। वह जब गर्भवती हुई तो ससुराल वाले चाहते थे कि वह बेटे को जन्म दे, लेकिन महिला ने जुड़वां बेटियों को जन्म दे दिया। इससे परिवार के लोग परेशान हो गए। योजना के मुताबिक, परिजन महिला को रोहतक में छोड़कर बच्चियों को यह कहकर ले आए कि मां जब स्वस्थ हो जाएगी तो बच्चियों से मिल लेगी, तब तक घर के अन्य सदस्य बेटियों की देखभाल करेंगे।

20 दिन बाद मामला दर्ज

बच्चियों की मां शिकायत लेकर रोहतक सेक्टर-35 के अर्बन एस्टेट थाना पहुंची। मगर उन्हें गांव के थाने सांपला भेज दिया गया। जब वे सांपला पहुंचीं तो दिल्ली का मामला बताकर उन्हें दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने भेजा गया। इस तरह थानों के चक्कर काटने के बाद 5 जून को परिजन दिल्ली के बाहरी जिला के डीसीपी से मिले तो कार्रवाई शुरू की गई। तत्काल अधिकारियों ने क्षेत्रीय एसडीएम को इसकी सूचना दी। उसी दिन बच्चियों के शव श्मशान घाट में कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल में भेज दिया गया। अगले दिन पोस्टमॉर्टम हुआ।

वारदात के बाद आरोपी पिता फरार हुआ

महिला पूजा का पति नीरज फरार है। इसके परिवार में पिता बिजेंद्र सोलंकी, मां चांद कौर, बड़ा भाई दिनेश व बहन मोनिका है। पूजा के भाई जुगनू ने बताया कि बहन के गर्भवती होने पर नीरज व उसके परिजनों ने अवैध रूप से भ्रूण जांच करवाई थी, जिसमें पूजा की गर्भ में जुड़वां लड़कियां होने का पता चला। इसके बाद से ससुराल वाले उसके साथ बदसलूकी करने लगे। बात ज्यादा बढ़ी तो पूजा अपने मायके आ गई। करीब छह माह मायके में रहने के बाद पूजा ने 30 मई को रोहतक के एक निजी अस्पताल में बच्चियों को जन्म दिया। यह सुनकर शाम को पूजा के सास-ससुर अस्पताल पहुंचे। अगले दिन एक जून को नीरज, अपनी मां और बहन के साथ अस्पताल पहुंचा। नीरज और उसकी मां ने दोनों बच्चियों को लिया और उन्हें दिल्ली ले आए।