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Hindi News NCRNCR के कोचिंग सेंटर संचालक हो जाएं सावाधान! शिक्षा की 'अवैध दुकानों' पर शिकंजा कसने का ये है प्लान

NCR के कोचिंग सेंटर संचालक हो जाएं सावाधान! शिक्षा की 'अवैध दुकानों' पर शिकंजा कसने का ये है प्लान

कोचिंग सेंटर संचालकों के लिए एक बुरी खबर है। विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से चल रहे एक हजार से अधिक कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। इन्हें अब रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा।

NCR के कोचिंग सेंटर संचालक हो जाएं सावाधान! शिक्षा की 'अवैध दुकानों' पर शिकंजा कसने का ये है प्लान
Praveen Sharmaफरीदाबाद। हिन्दुस्तानSun, 02 Jun 2024 01:15 PM
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कोचिंग सेंटर संचालकों के लिए एक बुरी खबर है। फरीदाबाद जिले के विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से चल रहे एक हजार से अधिक कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा कसेगा। इन्हें अब रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा। बगैर रजिस्ट्रेशन के प्रदेश भर में कोई कोचिंग इंस्टीट्यूट नहीं चल सकेगा। रजिस्ट्रेशन के समय कोचिंग सेटर को भवन और कोर्स संबंधी पूरी जानकारी देनी होगी। वहीं, स्कूल-कॉलेज संबंधी कोर्स का ट्यूशन पढ़ाने वाले एक दिन में 50 छात्रों को बगैर किसी रजिस्ट्रेशन के पढ़ा सकेंगे।

बता दें कि, बीते साल दिल्ली के मुखर्जी नगर के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के कारण हरियाणा सरकार नींद से जागी और कोचिंग सेंटरों के लिए नियमावली बनाने की घोषणा की थी। इसे इसी वर्ष बजट में भी रखा गया। अब इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।

राज्य और जिला स्तर पर बनेंगी कमेटी

अब तक प्रदेश में कोचिंग सेंटरों के लिए कोई नियमावली नहीं थी। प्रशासन के पास भी इन कोचिंग सेंटरों का कोई लेखा-जोखा नहीं है। अब नियमावली को जिला स्तर पर आवश्यकताओं के मुताबिक भी संशोधित किया जा सकेगा। इसके लिए राज्य व जिला स्तर पर जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा। जो कोचिंग सेंटरों की शिकायतों का भी निवारण करेंगी। कमेटी में पुलिस अधीक्षक, जिला नगर आयुक्त, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, उपायुक्त के अनुमोदन से एक लेखा अधिकारी और सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल को बतौर सदस्य शामिल किया जाएगा। इसके अलावा जिले के दो निजी केंद्रों के सदस्यो का चयन ड्रॉ के माध्यम से करके शामिल किया जाएगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने का दावा नहीं कर सकेंगे

कोचिंग इंस्टीटयूट या कोचिंग सेंटर के नाम पर चल रही शिक्षा की दुकानों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। अब ये कोचिंग संस्थान छात्रों से मनमानी फीस वसूल नहीं कर सकेंगे और प्रतियोगी परीक्षा पास करने के लिए झूठे दावे करके छात्रों को गुमराह नहीं कर सकेंगे। कोई भी कोचिंग इंस्टीट्यूट शुरू करने के 3 महीने में ही उसका रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक होगा। रजिस्ट्रेशन तीन साल के लिए होगा। इसके बाद नवीनीकरण कराना होगा। अगर किसी संस्थान के अलग-अलग शहरों में सेंटर चल रहे हैं तो सभी का अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा। कोचिंग सेंटर को बताना होगा कि प्रत्येक बैच में कितने छात्र पढ़ सकेंगे। फीस क्या होगी। भवन किस प्रकार का है। सभी सुविधाओं की जानकारी देनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार 50 हजार और दूसरी बार में एक लाख रुपये का जुर्माना लेगा। तीसरी बार में लाइसेंस रद्द किया जाएगा।

शहर में अधिकांश सेंटर बिना मंजूरी के चल रहे

शहर में चल रहे अधिकांश कोचिंग सेंटर प्रशासन की बिना मंजूरी के ही चल रहे हैं, जहां अन्य विभागों के नियमों की भी अवहेलना हो रही है। शहर के कई इलाकों में घनी आबादी वाली कॉलोनियों की भीड़ी गलियों में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। यहां हादसे के बाद दमकल गाड़ी भी नहीं पहुंच सकेगी। इन कोचिंग सेंटर पर अच्छी शिक्षा और नौकरी में शत प्रतिशत सफलता का दावा किया जाता है।

फरीदाबाद नगराधीश अमित मान ने कहा, ''कोचिंग सेंटरों को अब पंजीकरण कराना होगा। अभी यह तय करना है कि पंजीकरण कहां और कैसे किया जाएगा। चुनाव के बाद इस पर कार्रवाई करेंगे।''

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