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NH और एक्सप्रेसवे पर शुरू होगी सैटेलाइट टोल वसूली, NHAI ट्रायल सफल; आपको क्या-क्या फायदे

Toll Tax: एनएचएआई का ट्रायल सफल रहा है। अब जल्द ही देश भर के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर जल्द सेटेलाइट आधारित टोल वसूली शुरू होगी। नई व्यवस्था से लोगों का टोल प्लाजा पर लगने वाला समय बचेगा।

NH और एक्सप्रेसवे पर शुरू होगी सैटेलाइट टोल वसूली, NHAI ट्रायल सफल; आपको क्या-क्या फायदे
Sneha Baluniअरुण चट्ठा,नई दिल्लीTue, 11 Jun 2024 07:29 AM
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देश भर के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर जल्द सेटेलाइट आधारित टोल वसूली शुरू होगी। एनएचएआई की तरफ से द्वारका एक्सप्रेसवे समेत कई सड़कों पर किए गए शुरुआती ट्रायल सफल रहे हैं, जिसके बाद इसे देश भर में लागू करने का फैसला लिया गया है। नई व्यवस्था के बाद टोल प्लाजा पर लगने वाला समय बचेगा। इसके बाद टोल प्लाजा से बैरियर हटा दिए जाएंगे। एनएचएआई अधिकारी बताते हैं कि ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) के जरिए टोल वसूली में गाड़ियों को दो तरह से ट्रैक किया जा सकेगा। 

पहला, जीपीएस के जरिए गाड़ी को ट्रैक करके टोल काटा जाएगा। दूसरे, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) के जरिए। इन दोनों तरीकों से दूरी के हिसाब से टोल काट लिया जाएगा। इसके लिए टोल प्लाजा से 500 मीटर पहले और बाद में सेंसर लगाएंगे जो नंबर प्लेट से वाहन का पता लगाएगा कि कौन से वाहन कहां से एक्सप्रेसवे या नेशनल हाईवे पर चढ़ा और किस जगह बाहर निकला। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कई बार चर्चा कर चुके हैं, लेकिन अब इस पर तेजी से काम हो रहा है।

क्या होगा फायदा

● नई व्यवस्था के बाद समय घटकर डेढ़ मिनट हो जाएगा
● सभी गाड़ियों में जीपीएस को अनिवार्य किया जाएगा
● सुरक्षा के लिहाज से आधुनिक होगी नई टोल वसूली व्यवस्था
● वाहन को पांच से सात मिनट में किया जा सकेगा ट्रेस

इन देशों में पहले से लागू 

जर्मनी, रूस, स्लोवाकिया, यूरोपियन देशों के साथ कई खाड़ी देशों में भी यह व्यस्था पहले से लागू है।

एनएचएआई ने वैश्विक बोलियां आमंत्रित कीं

एनएचएआई ने सेटेलाइट आधारित टोल वसूली प्रणाली को लागू करने के लिए दुनिया भर से अभिरुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए हैं। एनएचएआई की इस पहल का मकसद राजमार्गों पर मौजूदा टोल बूथ प्रणाली को खत्म करना है। बयान के मुताबिक, 'राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल करने वालों को बाधा-रहित टोल संग्रह अनुभव देने और टोल संचालन की दक्षता तथा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, एनएचएआई की कंपनी भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) ने भारत में जीएनएसएस-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली के विकास और उसे लागू करने के लिए योग्य कंपनियों से ईओआई मंगाया है।' एनएचएआई मौजूदा फास्टैग व्यवस्था के अंदर ही जीएनएसएस आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ईटीसी) प्रणाली को लागू करने की योजना बना रहा है।