ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRसिल्कयारा टनल हादसे के जिम्मेदारों का नाम उजागर करें, केजरीवाल के मंत्री ने उठाई मांग

सिल्कयारा टनल हादसे के जिम्मेदारों का नाम उजागर करें, केजरीवाल के मंत्री ने उठाई मांग

Uttarkashi tunnel collapse : इसके साथ ही AAP के नेता सौरभ भारद्वाज ने यह भी सवाल उठाया कि बिना मिट्टी की जांच किए और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसेस को फॉलो किए कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट कैसे चल रहा था। 

सिल्कयारा टनल हादसे के जिम्मेदारों का नाम उजागर करें, केजरीवाल के मंत्री ने उठाई मांग
Nishant Nandanएएनआई,नई दिल्लीThu, 23 Nov 2023 08:06 PM
ऐप पर पढ़ें

Uttarkashi tunnel collapse  : उत्तराखंड के उत्तकाशी में एक निर्माणाधीन टनल के अंदर फंसे 41 मजदूरों की सलामती के लिए पूरे देश दुआ कर रहा है। लेकिन इस मुद्दे को लेकर राजनीति भी हो रही है। अब आम आदमी पार्टी के नेता और अरविंद केजरीवाल सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि उत्तरकाशी टनल हादसे के लिए उत्तराखंड सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। 12 नवंबर से इस टनल में 41 श्रमिक फंसे हुए हैं। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'सुरंग में फंसे मजदूरों के परिवारों के लिए मैं मंगलकामना करता हूं। उत्तराखंड सरकार को इस घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इतना बड़ा हादसा पहले स्थान पर क्यों हुआ उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।' इसके साथ ही सौरभ भारद्वाज ने यह भी सवाल उठाया कि बिना मिट्टी की जांच किए और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसेस को फॉलो किए कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट कैसे चल रहा था। 

AAP नेता ने कहा, 'यह संयोग की बात है कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं क्योंकि उन्हें वहां रहने के लिए एक सुरक्षित जगह मिल गई है। कैसे बिना मिट्टी की जांच किए और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसेस को फॉलो किए यह कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट चल रहा था?' इसके साथ ही उन्होंने यह मांग रखी कि जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं उन्हें जरूर सजा मिलनी चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें और भी ज्यादा सचेत होने की जरूरत है। सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा, 'यह सब बेसिक चीजे हैं। जो भी लोग इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं उनके नाम सामने आने चाहिए। सरकार को ऐसी घटनाओं को लेकर और भी ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है।'

बहरहाल आपको बता दें कि टनल में फंसे 41 मजदूरों को सुरक्षित निकालने का प्रयास जारी है। टनल के बाहर 41 एंबुलेंस तैनात किए गए हैं और मजदूरों के बाहर आते ही उन्हें अस्पताल ले जाने की पूरी तैयारी है। इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी सिल्कयारा टनल पहुंचे थे। यहां उन्होंने मजदूरों के सुरक्षित बाहर आने को लेकर Baukh Nag Devta से कामना भी की है। इधऱ वर्टिकल ड्रिलिंग एक्सपर्ट आर्नोल्ड डिक्स ने कहा है कि वर्टिकल ड्रिलिंग को लेकर सभी तैयारियां हो चुकी हैं।

इसके लिए रास्ते भी तैयार है। हालांकि, जितने रूट बनाए गए हैं वो सभी एक दूसरे से मिलते हैं। इसलिए वर्टिकल ड्रिलिंग किए जाने पर अभी विचार किया जा रहा है। 12 नवंबर को सिल्कयारा से बारकोट तक बन रहे एक टनल का एक हिस्सा गिर गया था। इसके बाद 41 श्रमिक टनल के अंदर ही फंस गए थे। श्रमिक टनल के 2 किलोमीटर के बने हिस्से में फंसे हुए हैं। 

 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें