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छोले-भटूरे बेच रहा था 20 साल पहले मर्डर करके भागा आरोपी, पुलिस ने दो दिन आम बेचकर पकड़ा

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने बेहद नृशंस तरीके से अनाज व्यापारी की हत्या की थी। उन्होंने बेहोश होने तक उनके चेहरे पर रंग लगाया था और फिर गुप्ता को तब तक चाकू मारा जब तक की उनकी मौत नहीं हो गई।

छोले-भटूरे बेच रहा था 20 साल पहले मर्डर करके भागा आरोपी, पुलिस ने दो दिन आम बेचकर पकड़ा
Sourabh JainPTI,नई दिल्लीTue, 21 May 2024 10:37 PM
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दिल्ली पुलिस ने 41 साल के एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो 20 साल पहले करवा चौथ के दिन दिल्ली में हुए एक अनाज व्यापारी के अपहरण और उसके कत्ल की वारदात में शामिल था। पुलिस के मुताबिक आरोपी नाम बदलकर उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में रह रहा था और वहां छोले-भटूरे का ठेला लगा रहा था। सबसे खास बात ये है कि आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने भी तगड़ा जाल बिछाया। इसके लिए एक पुलिसकर्मी को आम का ठेला लगाने वाला बनाकर भेजा गया और आरोपी की पहचान पुख्ता होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। 

बीस साल से फरार इस आरोपी का असली नाम सिपाही लाल है, लेकिन यह मैनपुरी में गुरदयाल छोले वाला बनकर रह रहा था। आरोपी ने 20 साल पहले अपने मालिक के साथ मिलकर दिल्ली के एक व्यापारी को प्रताड़ित किया था और फिर चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी थी। 

कई बार चाकू मारकर की थी हत्या

पुलिस उपायुक्त (DCP, अपराध शाखा) राकेश पावरिया ने इस केस की जानकारी देते हुए बताया, 'यह घटना 31 अक्टूबर 2004 की है। वह करवा चौथ का दिन था। उस दिन मुख्य आरोपी ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर फिरौती के लिए अनाज व्यापारी रमेश गुप्ता का अपहरण कर लिया। हालांकि आरोपी फिरौती के लिए फोन नहीं कर सका और इसके बाद उसने व्यापारी के चेहरे पर कई बार पेंट छिड़ककर और चाकू मारकर उनकी हत्या कर दी।'

घरवाले लगाते रह गए फोन

डीसीपी ने कहा, 'दिल्ली के शकरपुर इलाके में रहने वाले रमेश चंद गुप्ता उस रोज किसी काम से अपनी कार में घर से निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे। उनके परिवार के सदस्यों ने उनके मोबाइल फोन पर कई बार कॉल किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उनके भाई जगदीश कुमार ने शालीमार बाग पुलिस स्टेशन में अपने भाई के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई और भाई के लापता होने के पीछे एक स्थानीय फल और सब्जी व्यापारी मुकेश वत्स पर शक जताया।'

मुख्य आरोपी ने कबूल की वारदात

पुलिस अधिकारी ने आगे कहा, '2 नवंबर 2004 को एक टीम ने बहादुरगढ़ CIA पुलिस से पीड़ित की कार बरामद कर ली, लेकिन गुप्ता का कुछ पता नहीं चला। जबकि एक अन्य टीम ने मुकेश वत्स को गिरफ्तार कर लिया, क्योंकि उसने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली थी।' 

फिरौती के लिए किया था अगवा

वत्स ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसने अपने साथियों सिपाही लाल, शरीफ खान, कमलेश और राजेश के साथ मिलकर फिरौती के लिए रमेश गुप्ता का अपहरण किया था। मुख्य आरोपी मुकेश वत्स आजादपुर मंडी में सब्जी व्यापारी था और बाकी चार लोग उसके यहां काम करते थे।

कमरे में बुलाकर दी दर्दनाक मौत

पुलिस ने आगे बताया, करवा चौथ के दिन आरोपी मुकेश ने गुप्ता को मिलने के लिए बुलाया और कराला गांव के एक कमरे में ले गया। कमरे में अपने साथियों के साथ मिलकर उसने गुप्ता के चेहरे पर रंग छिड़कते हुए उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया। इसी बीच जब गुप्ता बेहोश हो गए, तो उनके शरीर पर कई बार चाकू से वार किए और यह सुनिश्चित करने के बाद कि वह मर चुके हैं, आरोपियों ने उनके शरीर को एक बोरे में डालकर बांधा और कराला गांव के एक नाले में फेंक दिया था।'

तीन आरोपियों को आजीवन कारावास

अपराध के कबूलनामे के बाद पुलिस ने मुकेश, शरीफ खान और कमलेश को कराला गांव से गिरफ्तार करते हुए उनकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया था। हालांकि इस दौरान सिपाही लाल और राजेश पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे, जिसके बाद शहर की एक अदालत ने दोनों को अपराधी घोषित कर दिया। जांच के बाद पुलिस ने मुकेश वत्स और उसके दो सहयोगियों शरीफ खान और कमलेश के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी। जिसके बाद शहर की एक अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 

दो दिनों तक पुलिसकर्मी ने बेचे आम

इसी बीच हाल ही में एक पुलिसकर्मी को आरोपी सिपाही लाल के यूपी में होने और नाम बदलकर रहने की सूचना मिली। अधिकारी ने बताया, 'हमारी टीमें आरोपी का पता लगाने के लिए लगी हुई थीं, इसी बीच हमारे ASI सोनू नैन को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी सिपाही लाल मैनपुरी में छिपा हुआ है और वहां के रामलीला मैदान में छोले-भटूरे बेच रहा है। जिसके बाद उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए ASI नैन ने भी उसी इलाके में आम बेचना शुरू कर दिया और दो दिनों के बाद उसे पकड़ लिया। आरोपी सिपाही लाल वहां गुरदयाल छोले वाला के नाम से रह रहा था।' पुलिस ने बताया चौथे आरोपी राजेश की तलाश अभी भी जारी है।