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17 लाख की मशीन का 2 करोड़ से ज्यादा सालाना किराया, दिल्ली सरकार MCD की कराएगी स्पेशल ऑडिट

नई दिल्ली लाइव हिन्दुस्तानPublished By: Yogesh Yadav
Wed, 28 Jul 2021 07:07 PM
17 लाख की मशीन का 2 करोड़ से ज्यादा सालाना किराया, दिल्ली सरकार MCD की कराएगी स्पेशल ऑडिट

दिल्ली की केजरीवाल सरकार और भाजपा शासित एमसीडी के बीच तकरार बढ़ता ही जा रहा है। नया मामला एमसीडी में हुई मशीनों की खरीदारी का है। बुधवार को आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने एमसीडी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार से विशेष ऑडिट कराएंगे। उन्होंने कहा कि नए कॉन्ट्रैक्ट के तहत ली जा रहीं एक मशीन का किराया 6.30 रुपए लाख से बढ़ाकर 18.36 लाख रुपए महीना किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि केवल 17.70 लाख की मशीन का सालाना किराया 2.20 करोड़ रुपए कैसे हो सकता है? 

सौरभ भारद्वाज ने पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम कुछ ट्रामल मशीनें किराए पर ले रहा है। मशीनों के किराए को लेकर एमसीडी की ही ऑडिट रिपोर्ट में सवाल उठाए गए थे। जब कि एक ट्रामल मशीन का महीने का किराया 6.30 लाख रुपए था। अब किराय बढ़ाकर 18.36 लाख रुपए किया जा रहा है। यानि कि ट्रामल मशीनों का किराया तीन गुना बढ़ाया जा रहा है। 

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उत्तरी नगर निगम के स्थाई समिति के अध्यक्ष जोगीराम जैन के बताया था कि ट्रामल मशीनों का कोई किराया नहीं दिया जा रहा है। निस्तारित किए गए कूड़े के 306 रुपए प्रति टन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। 79 मशीनें यहां लगाने की योजना है। एक मशीन से कम से कम 6000 टन कूड़े का प्रतिमाह निस्तारण किया जाएगा। 

सौरभ ने सवाल किया कि एक महीने में एक मशीन कम से कम 6000 टन कूड़े का निस्तारण करेगी। इस तरह यह लोग एक मशीन का एक महीने का कम से कम 18.36 लाख रुपए किराया देंगे। फिर भी ये लोग कह रहे हैं कि हम इन मशीनों का किराया नहीं ले रहे हैं। 

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि हमने जो कहा, वह इनकी स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष ने खुद मान लिया है और यह बात भी मान ली है कि अब तीन गुना अधिक रेट पर इस मशीन को किराए पर लिया जाएगा। इनकी ऑडिट में ही यह बात सामने आई है। यह मशीन मात्र 17.70 लाख रुपए की है। एक मशीन जिसकी कीमत 17.70 लाख रुपए है, उसका महीने का किराया एमसीडी 18.36 लाख रुपए देगी। यह बात अब खुद उनके बयान में ही दर्ज हो गई है। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि नार्थ एमसीडी में आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष विकास गोयल सेक्शन-207 दिल्ली म्युनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, अमेंडमेंट-2011 के तहत दिल्ली सरकार को अपनी शिकायत देंगे। जिससे दिल्ली सरकार एक विशेष ऑडिट इस मामले में कराकर दूध का दूध और पानी का पानी कर सके।

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