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मेवात हिंसा पर विवादित बोल; पुलिस ने जंतर-मंतर पर रोकी पंचायत, लोगों को वापस लौटाया

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर मेवात हिंसा के मसले पर बुलाई गई पंचायत को रोक दिया है। पुलिस ने लोगों को वहां से लौटा दिया। पंचायत में शामिल होने के लिए साधु-संत और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग पहुंचे थे।

मेवात हिंसा पर विवादित बोल; पुलिस ने जंतर-मंतर पर रोकी पंचायत, लोगों को वापस लौटाया
Krishna Singhहिंदुस्तान,नई दिल्लीSun, 20 Aug 2023 10:51 PM
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हरियाणा के मेवात में हुई हिंसा के विरोध जंतर-मंतर पर रविवार को पंचायत बुलाई गई थी। ऑल इंडिया सनातन फेडरेशन और हिंदू संगठनों की ओर से पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में वक्ताओं ने धर्म विशेष पर विवादित और भड़काऊ बयान दिए जिसके बाद पुलिस ने पंचायत को बीच में रोक दिया। पंचायत में शामिल होने के लिए साधु-संत और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग पहुंचे थे।

पंचायत में गाजियाबाद डासना मंदिर के महंत स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती भी आए थे। विवादित बयान के बाद पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर चली गई। पंचायत को देखते हुए पुलिस ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। बैरिकेडिंग के दायरे में पंचायत का आयोजन किया जा रहा था। पंचायत में बिट्टू बजरंगी पर हुई कानूनी कार्रवाई को गलत बताया गया और उसे रिहा करने की मांग की गई। 

पंचायत में मेवात में सीआरपीएफ कैंप एवं सेना की छावनी बनाने की निंदा की गई। पुलिस ने पंचायत में हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता के भाषण को बीच में रोक कर उनसे माइक ले लिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आयोजकों को कई बार बताया गया था कि किसी धर्म विशेष के प्रति कुछ नहीं बोलना है। बार-बार मना करने के बाद भी लोग नहीं मान रहे थे इसलिए पंचायत खत्म करा दी गई। 

पुलिस ने लोगों से कहा- आप से निवेदन की अपनी जगह पर जाएं। आपको जो समय दिया था वह खत्म हो गया है। इसके साथ ही पुलिस सभा की वीडियो क्लिपिंग का अध्ययन कर रही है। यदि कुछ भी आपत्तिजनक पाया गया तो पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने सभा के लिए कुछ शर्तें लगाई थीं। इसमें मुख्य शर्त यह थी कि सभा में दूसरे समुदाय के बारे में चर्चा नहीं की जाएगी। 

पुलिस ने बताया कि आयोजकों की ओर से पहले कहा गया था कि सौ से अधिक लोग इस पंचायत में शामिल नहीं होंगे लेकिन जंतर मंतर पर भीड़ बढ़ती गई। इतना ही नहीं यति नरसिंहा नंद के आने के बाद दूसरे समुदाय पर टीका टिप्पणी भी शुरू हो गई। इसके बाद नई दिल्ली के एडिशनल डीसीपी हेमंत तिवारी ने लोगों को ऐसा करने से मना किया। फिर जब लोग नहीं माने तो सभा समाप्त करा दी गई। 

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