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मेट्रो हादसा: अब पिंक लाइन किनारे बनी 59 किमी दीवार का होगा निरीक्षण, समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश

डीएमआरसी द्वारा अपने स्तर पर मामले की छानबीन की जा रही है। प्रबंध निदेशक गुरुवार शाम घटनास्थल पर पहुंचे और वहां का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इस हादसे को लेकर जानकारी हासिल की।

मेट्रो हादसा: अब पिंक लाइन किनारे बनी 59 किमी दीवार का होगा निरीक्षण, समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश
Swati Kumariहिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 09 Feb 2024 07:57 PM
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दिल्ली के गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन पर गुरुवार को हुए हादसे के बाद पिंक लाइन पर बनी पूरी दीवार (चारदीवारी) का निरीक्षण किया जाएगा। अगर कहीं भी दीवार कमजोर मिली तो उसकी मरम्मत की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर नई दीवार बनाई जाएगी। यह निर्णय प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लिया गया है। 

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के मुख्य प्रवक्ता अनुज दयाल के अनुसार, गोकुलपुरी हादसे को लेकर प्रबंध निदेशक ने विभिन्न विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक की है। इसमें यह तय किया गया है कि पिंक मेट्रो लाइन के एलिवेटिड हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो। प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर मरम्मत कार्य किया जाए। इस दौरान यह भी ध्यान रखा जाएगा कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा के सभी उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

डीएमआरसी द्वारा अपने स्तर पर मामले की छानबीन की जा रही है। प्रबंध निदेशक गुरुवार शाम घटनास्थल पर पहुंचे और वहां का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इस हादसे को लेकर जानकारी हासिल की। मजलिस पार्क से शिव विहार के बीच बनी पिंक लाइन मेट्रो की कुल लंबाई लगभग 59 किलोमीटर है। इस पर कुल 38 स्टेशन हैं, जिनमें से 26 एलिवेटिड और 12 भूमिगत हैं।

अन्य विभागों को भी निरीक्षण के आदेश
डीएमआरसी सूत्रों ने बताया कि मेट्रो में सफर के दौरान किसी प्रकार का हादसा न हो, इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों को निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें निर्माण के अलावा ट्रैक, सिग्नल, रॉलिंग स्टॉक आदि विभाग भी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि समय-समय पर उनके द्वारा पूर्व में भी निरीक्षण होते रहे हैं, लेकिन इस हादसे के बाद उन्हें बारीकी से सभी लाइनों पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सीएमआरएस की रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
सूत्रों ने बताया कि इस मामले में सीएमआरएस द्वारा जांच की जा रही है। वह छानबीन करने के बाद यह रिपोर्ट देंगे कि हादसे की मुख्य वजह क्या रही और कौन इसके लिए जिम्मेदार है। यह रिपोर्ट न केवल डीएमआरसी को बल्कि सरकार को भी दी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जनता से सहयोग मांगा
मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त जनक गर्ग ने शुक्रवार से जांच शुरू कर दी है। उन्होंने जनता से अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी या साक्ष्य हो तो वह शनिवार सुबह 11 बजे के बाद बाराखंभा रोड स्थित मेट्रो भवन के सम्मेलन कक्ष में दे सकता है। इसके अलावा cmrs-moca@gov.in पर ई-मेल भी जानकारी उन तक पहुंचाई सकती है। 

पहले की लाइन ज्यादा मजबूत
सूत्रों ने बताया कि डीएमआरसी द्वारा अभी तक मेट्रो के तीन फेज में निर्माण कार्य किया गया है। इसमें पहले और दूसरे फेज में मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान अतिरिक्त मजबूती दी गई थी, क्योंकि उस समय ज्यादा सावधानी बरती गई। तीसरे फेज के निर्माण कार्य में भी पूरी मजबूती रखी  गई है, लेकिन पहले और दूसरे फेज से अगर मुकाबला किया जाए तो मेट्रो का तीसरा फेज उनसे हल्का है।

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