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MCD चुनाव में संवेदनशील और दंगा प्रभावित इलाकों पर रही विशेष नजर, ऐसे थे सुरक्षा इंतजाम

दिल्ली में रविवार को एमसीडी चुनावों के लिए वोट डाले गए। दिल्ली के 250 नगरपालिका वार्डों में लगभग 50 फीसद मतदान दर्ज किया गया। कम मतदान प्रतिशन के बावजूद सभी दलों ने अपनी अपनी जीत के दावे किए।

MCD चुनाव में संवेदनशील और दंगा प्रभावित इलाकों पर रही विशेष नजर, ऐसे थे सुरक्षा इंतजाम
Krishna Singhहिंदुस्तान,नई दिल्लीMon, 05 Dec 2022 01:28 AM

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दिल्ली में रविवार को एमसीडी चुनावों के लिए वोट डाले गए। मतदान के दौरान सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए गए थे। एमसीडी चुनाव में बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ लगभग 13,000 होमगार्डों और अर्धसैनिक बलों की 100 कंपनियों को तैनात किया गया था। उत्तर-पूर्वी दिल्ली एवं कुछ अन्य इलाकों में कई लोगों ने शिकायत की कि उनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार भी उन लोगों में शामिल थे, जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं था। वह भी मतदान नहीं कर सके। भाजपा ने कहा कि उसने मतदाता सूचियों से नामों के गायब होने को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। 

दिल्ली पुलिस के 50 हजार जवान थे मुस्तैद 
इस दौरान संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी गई। पूरी दिल्ली में सुरक्षा बल गश्त करते नजर आए। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दिनभर संवेदनशील बूथों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि करीब 50 हजार दिल्ली पुलिस, अर्ध सैनिक बल और होमगार्ड के जवान रविवार सुबह पांच बजे ड्यूटी पर तैनात कर दिए गये थे। ये मतदान केंद्रों के अलावा मार्गों और गलियों में गश्त करते रहे। दिल्ली पुलिस ने इस बार हर जिले को पांच से छह ड्रोन कैमरे भी दिए थे। इनका इस्तेमाल रविवार को इलाके की निगरानी के लिए किया गया। 

इन इलाकों पर रही खास नजर 
खासतौर पर जामिया नगर, शाहीन बाग, संगम विहार, जामा मस्जिद, चांदनी चौक, बाड़ा हिंदूराव, सदर बाजार, जहांगीरपुरी और यमुनापार के इलाकों में विशेष नजर रखी गई। उत्तर पश्चिम जिला पुलिस ने दंगा प्रभावित जहांगीरपुरी इलाके पर विशेष सुरक्षा बंदोबस्त किये थे। आउटर नॉर्थ जिला के डीसीपी देवेश मेहला ने बताया कि हरियाणा की सीमा से सटे इलाकों में विशेष नजर रखी गई। इस दौरान पुलिस ने हरियाणा की शराब लेकर जा रहे शख्स को भी पकड़ा। वहीं, उत्तर जिला डीसीपी सागर सिंह कलसी ने बताया कि मजनूं का टीला, पुरानी दिल्ली इलाके और झड़ौदा में सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ाई गई। 

दंगा प्रभावित इलाकों में शांति पूर्वक मतदान
मतदान के बाद भी सुरक्षा में ढिलाई नहीं की गई। देर रात तक गश्त जारी रही। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में सुरक्षा का माहौल बनाने एवं भयमुक्त मतदान संपन्न कराने के लिए विशेष पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था दीपेंद्र पाठक, एडिशनल सीपी सुमन गोयल और डीसीपी सागर सिंह कलसी के साथ पुरानी दिल्ली के इलाके का दौरा किया। उत्तर पूर्वी दिल्ली के दंगा प्रभावित इलाकों में रविवार को शांति पूर्वक मतदान हुआ। संवेदनशील केंद्रों पर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए। मतदान केंद्रों के आसपास सड़कों पर 100 मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाकर जांच की जा रही थी। अंदर तक वाहनों का प्रवेश वर्जित था। 

भीड़ हटाने पर जोर
वहीं, शिव विहार में दंगा के दौरान जिस डीआरपी कान्वेंट सेकेंडरी स्कूल को दंगाइयों ने आग के हवाले किया था, उस स्कूल को भी केंद्र बनाया गया था। स्कूल के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात थे। दंगा प्रभावित इलाके जाफराबाद, सीलमपुर, भजनपुरा, न्यू उस्मानपुर, करावल नगर, खजूरी खास, गोकुलपुरी, वेलकम, सीमापुरी समेत अन्य इलाके में मतदान केंद्रों के बाहर भीड़ हटाने पर जोर था। मतदान के बाद पुलिस कर्मी मतदाताओं को रुकने नहीं दे रहे थे। जो भी रुककर बात करने का प्रयास कर रहा था, उसे तुरंत हटा दे रहे थे।