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7 मई, 2021|10:13|IST

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दिल्ली में अब भी ऑक्सीजन संकट से जूझ रहे हैं कई अस्पताल

nearly 2 lakh deaths in india help from britain to china came forward

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई अस्पतालों ने मंगलवार को भी अधिकारियों से ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर गुहार लगाई और कहा कि ऑक्सीजन की किल्लत के चलते उनके मरीजों की जान दांव पर लगी हुई है। पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी एवं इसके आसपास के अस्पताल चिकित्सीय ऑक्सीजन की किल्लत के चलते सोशल मीडिया पर एसओएस (त्राहिमाम संदेश) भेज रहे हैं। इस बीच, मालवीय नगर के मधुकर रेनबो बाल अस्पताल ने मंगलवार रात करीब 10:30 बजे खत्म होती चिकित्सीय ऑक्सीजन के बारे में सतर्क किया और कहा कि उनके 50 मरीजों की जान खतरे में है।

अस्पताल के प्रमुख दिनेश वशिष्ठ ने कहा कि इस निजी अस्पताल के पास केवल 45 मिनट की ऑक्सीजन बाकी बची थी। उन्होंने कहा कि चार नवजात समेत 50 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। साथ ही कहा कि दोबारा भरे गए ऑक्सीजन सिलेंडर अस्पताल पहुंचने की उम्मीद है। वशिष्ठ ने कहा कि केवल पांच मिनट की देरी भी बड़ी त्रासदी ला सकती है।

उधर, ट्रीटोन अस्पताल ने भी सुबह करीब 9:30 बजे एसओएस संदेश भेजा था, जहां आईसीयू में 10 से अधिक नवजात भर्ती हैं। इस बीच, आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा ने ट्वीट कर आश्वासन दिया कि वह अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति बहाल करने में सहायता करेंगे। शाम करीब चार बजे सिरी फोर्ट के पास स्थित समा अस्पताल ने ऑक्सीजन किल्लत के बारे में सूचित किया। अस्पताल में भर्ती 30 मरीजों की हालत नाजुक थी जबकि कुछ वेंटिलेटर पर थे।

चड्ढा ने अन्य ट्वीट में समा अस्पताल को ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी। उन्होंने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के 41 अस्पतालों ने दिल्ली सरकार को तीन मई को ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए एसओएस (त्राहिमाम संदेश) भेजा, जहां करीब 7000 लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले हफ्ते प्रतिदिन औसतन 393 मीट्रिक टन (एमटी) ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई जबकि जरूरत 976 मीट्रिक टन की थी।

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  • Web Title:Many hospitals in Delhi are still facing oxygen crisis