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सिसोदिया की जमानत पर बहस, CBI ने कोर्ट में पूर्व पीएम मनमोहन का क्यों किया जिक्र

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की जमानत को लेकर शनिवार को दिल्ली की एक कोर्ट में बहस हुई। सीबीआई ने विरोध में कई दलीलें दी। इस दौरान पूर्व पीएम मनमोहन का भी जिक्र किया।

सिसोदिया की जमानत पर बहस, CBI ने कोर्ट में पूर्व पीएम मनमोहन का क्यों किया जिक्र
Sneha Baluniहिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीSun, 21 Apr 2024 10:09 AM
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दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली शराब घोटाला में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार और मनी लॉउन्ड्रिंग मामलों में आम आदमी पार्टी (आप) नेता मनीष सिसोदिया की जमानत याचिकाओं पर शनिवार को अपना आदेश 30 अप्रैल तक के लिए सुरक्षित रख लिया। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मनीष सिसोदिया ने जमानत देने के लिए कानून द्वारा निर्धारित ट्रिपल टेस्ट को पूरा नहीं किया है। एजेंसी ने आप नेता की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सिसोदिया एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। वे जारी जांच में बाधा डाल सकते हैं।

सीबीआई की ओर से पेश वकील पंकज गुप्ता ने कहा, 'वह ट्रिपल टेस्ट को पूरा नहीं कर रहे हैं… वह आम आदमी पार्टी (आप) में बहुत शक्तिशाली पद पर हैं और ल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री थे… जिस दिन केस दर्ज हुआ उसी दिन उन्होंने अपना मोबाइल फोन नष्ट कर दिया था। वह दस्तावेजों को गायब करने में भी शामिल हैं, क्योंकि पुराने कैबिनेट नोट वाली फाइल में से एक अब भी गायब है।' 

गुप्ता ने यह भी कहा कि सिसोदिया समानता के आधार पर जमानत के लिए क्वालिफाई (योग्य) नहीं करते हैं क्योंकि वह मुख्य आरोपी हैं। वकील ने उन्हें 'साजिश के पीछे का मास्टरमाइंड' बताते हुए कहा कि यह उनके (सिसोदिया के) निर्देश पर आधारित था कि अपराध किया गया था। पूरा समुदाय आर्थिक अपराधों का खामियाजा भुगत रहा है। इस दौरान पूर्व पीएम का जिक्र करते हुए वकील ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था, भ्रष्टाचार समाज के लिए एक कैंसर है।'

सीबीआई और ईडी का आरोप है कि दिल्ली शराब घोटाले को संशोधित करते समय अनियमितताएं बरती गईं, लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ दिया गया, लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया गया या कम कर दिया गया और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना लाइसेंस दिए गए। कोर्ट 30 अप्रैल को जमानत पर फैसला सुनाएगी।