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Hindi News NCRअशोक प्रधान गैंग के गुर्गे की गिरफ्तारी से दिल्ली में गैंगवार टला, अदालत में नीरज बवानिया और उसके गैंग के खात्मे का मिला था काम

अशोक प्रधान गैंग के गुर्गे की गिरफ्तारी से दिल्ली में गैंगवार टला, अदालत में नीरज बवानिया और उसके गैंग के खात्मे का मिला था काम

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश रोहित उर्फ लांबा (30) अशोक प्रधान-नीतू दाबोदिया गैंग से जुड़ा है और वह दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा में 20 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।

अशोक प्रधान गैंग के गुर्गे की गिरफ्तारी से दिल्ली में गैंगवार टला, अदालत में नीरज बवानिया और उसके गैंग के खात्मे का मिला था काम
Praveen Sharmaनई दिल्ली | पीटीआईTue, 12 Jul 2022 05:39 PM

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक कुख्यात गैंगस्टर को गिरफ्तार कर बदमाशों के बीच संभावित गैंगवार को टाल देने का दावा किया है। कथित रूप से इस बदमाश को गैंगस्टर नीरज बवानिया और उसके गिरोह के सदस्यों का सफाया करने का काम दिया गया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश रोहित उर्फ लांबा (30) अशोक प्रधान-नीतू दाबोदिया गैंग से जुड़ा है और वह दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा में 20 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। अधिकारियों ने दावा किया कि लांबा 2017 में हुई बवानिया के चाचा गैंगस्टर काला आसोदिया की हत्या में भी शामिल था। आसोदिया की हत्या उस वक्त हुई थी जब उसे झज्जर अदालत में पेश किया जा रहा था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जेल में बंद अशोक प्रधान ने अपने साथियों के मार्फत लांबा तक हथियार पहुंचाए थे। उनकी योजना थी कि अदालत में पेश करते समय नीरज बवानिया या उसके गिरोह के किसी सदस्य को मार डाला जाए।

डीसीपी (क्राइम) रोहित मीणा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर लांबा को सात जुलाई को उत्तम नगर में पकड़ा गया। वह नजफगढ़ का रहने वाला है। आरोपी लांबा के पास से एक पिस्तौल और दो कारतूस जब्त किए गए हैं और पता लगाया जा रहा है कि उसके पास हथियार कहां से आया। उनके मुताबिक, लांबा नजफगढ़ में हत्या के प्रयास के एक मामले में कथित रूप से शामिल था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि 12 जनवरी को लांबा ने अपने साथियों के साथ मिलकर नजफगढ़ के निवासी दुर्गा सिंह पर गोलियां चलाईं थीं। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन लांबा एवं उसके साथी फरार हो गए थे।

लांबा नजफगढ़ और उत्तम नगर क्षेत्रों में सट्टा (जुआ) संचालकों से पैसे वसूल करता था। चूंकि वह बार-बार स्थान बदलता था, इसलिए तकनीकी निगरानी लगाई जाती थी। लांबा को आखिरकार उत्तम नगर इलाके में विपिन गार्डन के पास ढूंढ लिया गया।"

अधिकारी ने बताया कि इसके सरगना अशोक प्रधान समेत गिरोह के अधिकतर सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन लांबा अभी तक फरार था।

डीसीपी मीणा ने कहा कि हमारी जांच में पता चला है कि 2016 में प्रतिद्वंद्वियों द्वारा अशोक प्रधान गैंग के सदस्य विक्रम की हत्या कर दी गई थी। इसलिए, प्रधान और लांबा प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर नीरज बवानिया और उसके सहयोगियों को अदालत में पेश करने के दौरान मारने की योजना बना रहे थे। बवानिया इस समय मकोका मामले में तिहाड़ जेल में बंद है।