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Hindi News NCR'मैं पॉलिग्राफ टेस्ट के लिए भी तैयार', मालीवाल बोलीं- लेकिन इस आरोप के साथ कैसे जिंदा रहूं?

'मैं पॉलिग्राफ टेस्ट के लिए भी तैयार', मालीवाल बोलीं- लेकिन इस आरोप के साथ कैसे जिंदा रहूं?

मालीवाल ने कहा, मैंने कब FIR में कह दिया कि मेरे कपड़े फट गए, मैंने कब कहा कि मेरा सिर फट गया मैं खूनम खून हो गई। जो मेरे साथ हुआ है, वर्ड टू वर्ड मैंने बिल्कुल वही लिखा है। ना उससे आगे और ना पीछे।

'मैं पॉलिग्राफ टेस्ट के लिए भी तैयार', मालीवाल बोलीं- लेकिन इस आरोप के साथ कैसे जिंदा रहूं?
Sourabh JainANI,नई दिल्लीThu, 23 May 2024 05:40 PM
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आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में 13 मई को सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास में अपने साथ हुई बदसलूकी और मारपीट के बारे में सबकुछ विस्तार से बताया है। इस दौरान उन्होंने इस आरोप का भी जवाब दिया कि उस दिन वे बिना लड़खड़ाए सीएम हाउस से कैसे बाहर निकलती दिखी थीं और फिर बाद में क्यों लड़खड़ाने लगीं। मालीवाल ने कहा कि जब किसी को चोट लगती है तो उस वक्त र्द का अहसास उतना नहीं होता है, जितना कि बाद में होता है। उन्होंने इसे विक्टिम शेमिंग बताते हुए कहा कि निर्भया को भी इसका सामना करना पड़ा था। साथ ही मालीवाल ने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए वो पॉलिग्राफ टेस्ट करवाने को भी तैयार हैं, क्योंकि खुद पर लगे झूठे आरोपों के साथ वो कैसे जिंदा रह सकती हैं?

याद दिलाई निर्भया की मां की कही बात

एएनआई को दिए इंटरव्यू में स्वाति मालीवाल ने कहा, 'मैं निर्भया की मम्मी से मिली थी और उन्होंने एक बात बोली थी, जो मैं जिंदगी में कभी नहीं भूला सकती। उन्होंने मुझे ये कहा था, कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है कि अच्छा हुआ मेरी बेटी अब दुनिया में नहीं है। क्योंकि इस देश में न्याय पाने की जो जिल्लत है ना कम से कम वो तो उसे नहीं देखनी पड़ रही। निर्भया से भी पूछा गया था कि तुम बस में क्यों गई, ऑटो में क्यों नहीं गई, रात में क्यों गई, दिन में क्यों नहीं गई, वो लड़का कौन था। तो इस तरह की जो विक्टिम शेमिंग है वो हर लड़की के साथ होती है, ये कोई नई बात नहीं है।'

बताया पिटाई के बाद क्यों नहीं लड़खड़ाई थीं

राज्यसभा सांसद ने इस बात का भी जवाब दिया कि उस दिन के सीएम हाउस के CCTV फुटेज में वो बिना लड़खड़ाए कैसे वहां से निकलती दिख रही हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे एक बात बताइए, जब आपके साथ मार पिटाई होती है, तो आपका सबसे पहला रिएक्शन क्या होता है? आप बहुत घबरा जाते हैं, उस वक्त दर्द भी होता है, लेकिन जो घबराहट होती है वो आप पर ज्यादा हावी रहती है। साथ ही उस वक्त आपकी बॉडी में हाई एड्रिनलन भी बहने लगता है। आपको अगर कोई गोली भी मार दे, तब भी आप उठकर भागते हो, क्योंकि आपको अपने आप को बचाना भी है और न्याय भी पाना है।'

उन्होंने कहा, 'मैं अभी चल रही हूं और चार दिन बाद लड़खड़ा रही हूं, तो जिसको भी चोट लगी होगी उसको ये समझ आएगा कि जब चोट गरम-गरम होती है, उसमें इंसान दौड़ भी जाता है, फ्रैक्चर भी हो जाता है तो भी इंसान दौड़ जाता है। जब वो चोट सेटल करती है, जब आप एक्चुली अहसास करते हो कि आपके साथ क्या हो गया, तब जाकर वो दर्द उभर कर आता है। तो ये कहना कि वो तेज चल रही थी और फिर बाद में लड़खड़ा रही थी, तो इससे बुरी विक्टिम शेमिंग क्या हो सकती है।'

स्वाति बोलीं- मैंने कब कहा कि मेरे कपड़े फट गए

आगे मालीवाल ने कहा, 'दुख इस बात का है कि दिल्ली की महिला मंत्री ये कहती हैं कि देखो इसके तो कपड़े नहीं फटे हैं, देखो इसका तो सिर नहीं फूटा है, तो बस अब इसी की कसर रह गई थी, वो भी करवा देते। लेकिन सबसे प्रमुख बात तो ये है कि मैंने कब FIR में कह दिया कि मेरे कपड़े फट गए, मैंने कब कहा कि मेरा सिर फट गया मैं खूनम खून हो गई। एग्जेक्टली जो मेरे साथ हुआ है, वर्ड टू वर्ड (शब्दशः) मैंने बिल्कुल वही लिखा है, मैंने ना आगे लिखा, ना पीछे लिखा।

'इस आरोप के साथ मैं कैसे जिंदा रहूं?'

आगे वे बोलीं,  'अगर किसी को लगता है कि मैं गलत हूं तो मैं पॉलिग्राफ टेस्ट के लिए भी बिल्कुल तैयार हूं, मैं चाहती हूं कि पुलिस मेरा पॉलिग्राफ टेस्ट करे, उससे सब क्लियर हो जाएगा। क्योंकि मैं इस आरोप के साथ कैसे जिंदा रहूं। जिस लड़की ने हमेशा और लड़कियों को हिम्मत दी लड़ने के लिए आज उसी को तुमने पूरी दुनिया के सामने ऐसे दिखाया कि ये तो झूठे आरोप लगाती है। तो इस आरोप के साथ मैं कैसे जिंदा रहूं?'