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धोनी ने मानहानि मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में दीं दलीलें, कहा- सुनवाई के लायक नहीं केस

मानहानि के एक मामले में महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) के वकील की ओर से सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में दलीलें रखी गईं। इस रिपोर्ट में जाने धोनी के वकील की ओर से क्या दी गई दलीलें...

धोनी ने मानहानि मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में दीं दलीलें, कहा- सुनवाई के लायक नहीं केस
Krishna Singhभाषा,नई दिल्लीMon, 29 Jan 2024 02:10 PM
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मानहानि के एक मामले में टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के वकील की ओर से सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में दलीलें रखी गईं। धोनी के वकील ने कहा कि उनके दो पूर्व व्यावसायिक साझेदारों द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है। हालांकि हाईकोर्ट ने फिलहाल धोनी, कई मीडिया घरानों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया ताकि उन्हें किसी भी मंच पर वादी के खिलाफ किसी भी कथित झूठी मानहानिकारक सामग्री को पोस्ट करने या प्रकाशित करने से रोका जा सके जो उनकी साख और प्रतिष्ठा को धूमिल कर सकती है।

बता दें कि वादी और पूर्व व्यावसायिक साझेदार मिहिर दिवाकर और उनकी पत्नी सौम्या दास ने एमएस धोनी, कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मीडिया घरानों के खिलाफ स्थायी रोक और क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं ने मानहानि कारक, झूठी बातें बनाने, प्रकाशित करने, प्रसारित करने पर रोक लगाने की मांग की है। इसी मामले में धोनी के वकील अदालत में पेश हुए और कहा कि उनके खिलाफ दायर याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने हाल ही में रांची की एक अदालत में दंपति के खिलाफ मामला दायर किया है।

एमएस धोनी के वकील ने आगे कहा कि उन्हें वादपत्र और संबंधित दस्तावेजों की प्रति नहीं मिली है। उनको मामला दायर करने के बारे में केवल हाईकोर्ट की रजिस्ट्री की ओर से सूचित किया गया था। इस पर अदालत ने वादी के वकील से तीन दिन के भीतर धोनी के वकील को दस्तावेजों का पूरा सेट उपलब्ध कराने को कहा।

वहीं वादी की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह केवल मीडिया द्वारा निष्पक्ष रिपोर्टिंग चाहते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ मीडिया रिपोर्टिंग निष्पक्ष नहीं थी क्योंकि उन्हें पहले ही ठग और चोर करार दिया जा चुका है।

मीडिया घरानों में से एक का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील सिद्धांत कुमार ने यह भी दलील दी कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने पहले के फैसले में कहा था कि जब तक मीडिया घरानों सहित प्रत्येक प्रतिवादी के खिलाफ विशिष्ट आरोप नहीं लगाए जाते, तब तक कोई मामला नहीं बनाया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला इस अदालत के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है। इसके बाद अदालत ने वादी के वकील से प्रतिवादियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए कहा और मामले की अगली सुनवाई तीन अप्रैल को तय की। अदालत ने पहले अपनी रजिस्ट्री से एमएस धोनी को उनके दो पूर्व व्यावसायिक साझेदारों द्वारा उनके खिलाफ मानहानि याचिका दायर करने के बारे में सूचित करने को कहा था।

वादी के वकील ने पहले कहा था कि क्रिकेटर एमएस धोनी की ओर से वादी के खिलाफ आरोप लगाने के लिए एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया था। खेल प्रबंधन कंपनी आरका स्पोर्ट्स के दो निदेशकों के खिलाफ रांची की निचली अदालत में मामला दायर किया गया है। धोनी के प्रतिनिधियों ने कहा था कि उन्होंने क्रिकेटर की ओर से रांची की एक अदालत में आरका स्पोर्ट्स के निदेशक मिहिर दिवाकर और सौम्या दास के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत एक आपराधिक मामला दायर किया है।

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