ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRमहादेव गेमिंग ऐप: 18 आरोपियों पर होगी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, बेटिंग के जरिए की थी करोड़ों की ठगी

महादेव गेमिंग ऐप: 18 आरोपियों पर होगी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, बेटिंग के जरिए की थी करोड़ों की ठगी

प्रवर्तन निदेशालय के कार्रवाई के बाद महादेव गेमिंग ऐप एक बार फिर से पूरे देश में चर्चा में आ गया है। नोएडा से भी इस ऐप के जरिय व्यापक स्तर पर ठगी का रैकेट चल रहा था।

महादेव गेमिंग ऐप: 18 आरोपियों पर होगी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, बेटिंग के जरिए की थी करोड़ों की ठगी
Swati Kumariहिंदुस्तान,नोएडाSat, 11 Nov 2023 10:44 PM
ऐप पर पढ़ें

देश भर में चर्चित महादेव बेटिंग ऐप के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले 18 आरोपियों के खिलाफ नोएडा पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। केंद्र सरकार ने ईडी के आग्रह पर महादेव सट्टेबाजी ऐप पर प्रत‍िबंध लगा द‍िया है। ऐप को बंद करने के लिए नोएडा पुलिस ने भी पत्र लिखा था। इस बेटिंग ऐप के चलते ही कई फिल्म स्टार भी अलग-अलग एजेंसियों के रडार पर हैं।

एडिशनल डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपियों की चल और अचल संपत्ति की पहचान की जा रही है। इसके बाद इन संपत्ति को कुर्क किया जाएगा। कई आरोपियों की संपत्ति की जानकारी पुलिस को मिल गई है। इस मामले में आगामी दिनों को कुछ अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। प्रवर्तन निदेशालय के कार्रवाई के बाद महादेव गेमिंग ऐप एक बार फिर से पूरे देश में चर्चा में आ गया है। नोएडा से भी इस ऐप के जरिय व्यापक स्तर पर ठगी का रैकेट चल रहा था। इसी साल सात फरवरी को सेक्टर-39 पुलिस ने रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में दो अन्य आरोपियों के नाम इसमें जुड़ गए। ठगी का रैकेट सेक्टर-108 स्थित एक मकान से संचालित हो रहा था।  पुलिस टीम ने कोठी से झांसी निवासी तरूण लखेड़ा, राहुल, अभिषेक प्रजापति, आकाश साहू, हिमांशु, अनुराग वर्मा, विवेक, दीपक कुमार, विशाल शर्मा, रावत , दिव्य प्रकाश, हर्षित चौरसिया, अक्षय तिवारी, नीरज गुप्ता, आकाश जोगी और दीपक को गिरफ्तार किया था। तरुण इस मामले का मुख्य आरोपी था। जिस समय रैकेट का पर्दाफाश नोएडा में हुआ था उसके दो महीने पहले ही आरोपियों ने यहां से ठगी शुरू की थी। 

कई आरोपी विदेश में:

आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह बात निकलकर सामने आई थी मामले से जुड़े कई आरोपी वर्तमान में विदेश में हैं। इन आरोपियों की प्रत्यक्ष तौर पर मामले में संलिप्तता है। आरोपियों की लोकेशन दुबई, बांग्लादेश, थाईलैंड समेत 11 देशों में अलग-अलग मिली थी। इस मामले में नोएडा पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों को ऐप बंद करने के लिए पत्र भी लिखा था। अधिकारियों के मुताबिक महादेव ऐप के संचालक सौरभ व एक अन्य नाम भी सामने आया है। इस एंगल पर भी जांच की जा रही है। 18 आरोपी जो गिरफ्तार हुए हैं जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इन आरोपियों पर ही गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है।

तरुण था नोएडा का हेड:

ठगी का पूरा रैकेट महादेव ऐप के जरिए सौरभ चलवा रहा था। सौरभ अपने ऐप से सट्टेबाजी के रैकेट चलवाने के लिए अलग-अलग शहरों के लिए फ्रेंचाइजी बांटता था। नोएडा का सरगना तरूण था। तरुण ने किराये पर कोठी लेकर ठगी का पूरा सेटअप तैयार किया और कई अन्य आरोपियों को इससे जोड़ा। महादेव ऐप पर आने वाली बोलियों के डेटा को यहां ऐप की लॉगइन आईडी से संभाला जा रहा था। जांच में सामने आया कि नोएडा से चल रहे इस रैकेट ने डेढ़ महीने में 400 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया है। ऐप के माध्यम से देश के अलग-अलग शहरों से भी ठगी हुई है। 

इन देशों में फैला है नेटवर्क

महादेव एप का ऑनर सौरभ चंद्राकर है। इसने छत्तीसगढ़ से मोबाइल के जानकारों को दुबई ले गया। दुबई से इसने सट्टे का खेल शुरू किया। जो अब पाकिस्तान, नेपाल, बंग्लादेश श्रीलंका समेत 11 देशों में है। महादेव ऐप से प्रतिमाह करीब 250 से 300 करोड़ रुपए की कमाई हो रही थी। छत्तीसगढ़ के चुनावों में महादेव एप बड़ा मुद्दा बना है। जिस समय नोएडा में इस गैंग को पकड़ा गया था उसके दो माह में दस बैंकों के 26 फर्जी बैंक खातों में 4 अरब 5 करोड़ 91 लाख 90 हजार रुपए के ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली थी। इन पैसों को अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया था। शेष 1 करोड़ 86 लाख से ज्यादा की रकम को पुलिस ने फ्रीज की थी। 


 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें