ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCRदिल्ली का नतीजा क्यों AAP के लिए अलार्म, सबसे बड़ी चुनौती से होने वाला है सामना

दिल्ली का नतीजा क्यों AAP के लिए अलार्म, सबसे बड़ी चुनौती से होने वाला है सामना

अगले साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव को देखते हुए लोकसभा चुनाव के नतीजे आम आदमी पार्टी के लिए खतरे की घंटी बनकर आए। पार्टी को विधानसभा चुनाव के लिए नए सिरे से अपनी रणनीति को धार देना होगा।

दिल्ली का नतीजा क्यों AAP के लिए अलार्म, सबसे बड़ी चुनौती से होने वाला है सामना
delhi cm and aap convenor arvind kejriwal
Subodh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 05 Jun 2024 02:13 PM
ऐप पर पढ़ें

अगले साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव को देखते हुए लोकसभा चुनाव के नतीजे आम आदमी पार्टी के लिए खतरे की घंटी बनकर आए। लोकसभा चुनाव में दिल्ली में पार्टी को करारी हार का समना करना पड़ा। पार्टी के शीर्ष दो शीर्ष नेता अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अभी जेल में हैं। ऐसे में राजनीतिक रणनीति और चुनावी हार की समीक्षा कर उसमें सुधार करने की जिम्मेदारी पार्टी के अन्य नेताओं को उठाना पड़ेगा। 

बता दें कि आम आदमी पोर्टी ने दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन किया और सात लोकसभा सीटों में से चार पर चुनाव लड़ा। हालांकि इस चुनाव में पार्टी का वोट शेयर तो बढ़ा, लेकिन पार्टी एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं रही। 2019 में आप को 18.2 प्रतिशत वोट शेयर मिला था जो 2024 में बढ़कर 24.14 प्रतिशत हो गया। आप ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और दिल्ली सरकार के प्रदर्शन को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया, लेकिन यह कामयाब नहीं रहा।

लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी ने नारा दिया था, जेल का जवाब वोट से। लेकिन, दिल्ली की जनता ने जेल का जवाब वोट से नहीं दिया। आप-कांग्रेस गठबंधन में अधिकांश लोकसभा सीटों पर दोनों पार्टियों के बीच वोट स्थानांतरित करने में सक्षम होने के लिए आवश्यक समन्वय की कमी दिखाई दी। पार्टी की इन्हीं कमियों के कारण भाजपा दिल्ली में उन सभी सात सीटों को बरकरार रखने में कामयाब रही जो उसने पिछले चुनाव में जीती थीं। लोकसभा चुनाव के नतीजों से पता चलता है कि आम आदमी पार्टी को अगले साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले अपनी रणनीति को फिर से धार देने करने की आवश्यकता होगी।