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रिकॉर्ड मतों के साथ 5वीं बार जीते राव इंद्रजीत सिंह, 2014 से भी बड़ी जीत

17वीं लोकसभा के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राव इंद्रजीत ने गुरुवार को ऐतिहासिक जीत हासिल की। उन्होंने 3 लाख 86 हजार 256 वोट के बड़े अंतर से कांग्रेस के प्रत्याशी कैप्टन अजय सिंह यादव को हराया। इसके साथ वह अपने पिता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री राव बिरेंद्र सिंह से भी आगे निकल गए और रिकॉर्ड पांचवीं बार सांसद निर्वाचित हुए। 

राव इंद्रजीत गुरुवार से रेवाड़ी में डेरा डाले हुए थे। जीत सुनिश्चित होने के बाद उन्होंने दोपहर बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी और ट्विटर पर गुरुग्राम से लगातार तीसरी बार जीत के लिए लोगों का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि आप सभी के समर्थन और आशीर्वाद से गुरुग्राम में ऐतिहासिक जीत होने जा रही है। इसके बाद वह शाम को गुरुग्राम के सेक्टर-15 पार्ट दो स्थित कार्यालय में पहुंचे और समर्थकों को संबोधित किया। 

...तब एक फीसदी ज्यादा वोट पाने के बाद भी हार गए थे राव इंद्रजीत सिंह

गौरतलब है कि स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राव तुलाराम के वंशज राव इंद्रजीत सिंह 2014 के लोकसभा में 2 लाख 74 हजार 722 वोट से जीते थे। इस बार उन्हें 8 लाख 81हजार 546 वोट मिले हैं। वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के प्रत्याशी कैप्टन अजय सिंह यादव को 4लाख 95 हजार 290 वोट मिले। वहीं बाकी अन्य 22 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। 19 उम्मीदवारों को नोटा से भी कम मत हासिल हुए।

हरियाणा में बनाया रिकॉर्ड : पांचवीं बार सांसद निर्वाचित होने से राव इंद्रजीत सिंह का कद और बढ़ने की उम्मीद है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में दबदबा रखने वाले राव इंद्रजीत के मुकाबले अब कोई नहीं बचा है। उन्होंने पांचवीं बार सांसद बनकर वह कारनामा किया है जो प्रदेश की राजनीति में धुरंधर माने जाने वाले पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल, चिरंजी लाल शर्मा, पूर्व सीएम बंशीलाल, भजनलाल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा एवं खुद उनके पिता राव बिरेंद्र भी नहीं कर पाए। राव ने अपनी सियासी पारी अपने पिता राव बिरेंद्र सिंह की तैयार की गई पिच से शुरू की और पीछे मुड़कर नहीं देखा। जाटुसाना से चार बार विधायक एवं महेंद्रगढ़ से दो बार तथा गुरुग्राम से लगातार तीन बार विजय पताका फहराकर देश की सबसे बड़ी पंचायत के लिए फिर निर्वाचित हुए। 

छह क्षेत्रों में रहे हावी : बड़े अंतर से बाजी मारने वाले राव इंद्रजीत लोकसभा क्षेत्र की नौ विधानसभाओं में से छह में हावी रहे। मेवात जिले की फिरोजपुर झिरका, नूंह, पुन्हाना में उन्हें पिछली बार की तुलना में अधिक मत मिले लेकिन वह कांग्रेस उम्मीदवार पर बढ़त नहीं बना पाए। रेवाड़ी जिले के रेवाड़ी और बावल विधानसभा क्षेत्र के साथ गुरुग्राम जिले के गुरुग्राम, बादशाहपुर, पटौदी और सोहना विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी तादाद में वोट मिले। शाम सात बजे मतगणना खत्म होने के बाद लघु सचिवलाय में गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी अमित खत्री ने राव इंद्रजीत को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया।

गुरुग्राम सीट पर मौजूदा स्थिति

कुल मतदाता : 21,39,788

पुरुष मतदाता : 11,35,004

महिला मतदाता : 10,04,749

थर्ड जेंडर : 35

राव इंद्रजीत का राजनीतिक सफरनामा

  • 1977 में जाटूसाना से पहली बार विधायक चुने गए, इसके बाद भी तीन बार विधायक रहे और मंत्री भी बने।
  • 1998 में पहली बार महेंद्रगढ़ से सांसद चुने गए, साल भर बाद उपचुनाव में शिकस्त मिली।
  • 2000 में फिर से महेंद्रगढ़ सीट से जीते। इसके बाद 2004 में फिर से जीत मिली। यूपीए-1 की सरकार में केंद्रीय केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री और फिर रक्षा राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
  • 2009 में गुड़गांव लोकसभा अस्तित्व में आई, कांग्रेस के टिकट पर लड़े बसपा उम्मीदवार को हराया।
  • 2014 मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मतभेद बढ़े, मंत्रीपद से इस्तीफे के बाद इंसाफ मंच का गठन किया और बाद में भाजपा के टिकट पर लड़े। 

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019 Results BJP Candidate Rao Inderjit Singh wins Gurugram Lok Sabha seat