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अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी; लवली के इस्तीफे पर क्या बोली भाजपा; AAP का रिएक्शन

आम आदमी पार्टी ने इसे कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि लवली ने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी है। आइये जानते हैं दोनों पार्टी के नेताओं ने क्या-क्या कहा है।

अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी; लवली के इस्तीफे पर क्या बोली भाजपा; AAP का रिएक्शन
Mohammad Azamलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 28 Apr 2024 08:54 PM
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आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ गठबंधन के विरोध में कांग्रेस की दिल्ली इकाई के प्रमुख अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे ने पार्टी की गुटीय कलह को खुलकर सामने ला दिया है। इसके बाद कांग्रेस नेताओं का एक वर्ग अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के दिल्ली प्रभारी दीपक बाबरिया को हटाने की मांग कर रहा है। आम आदमी पार्टी ने इसे कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि लवली ने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी है, क्योंकि कोई भी देशभक्त उन लोगों के साथ खड़ा नहीं हो सकता जो देश को विभाजित करने की बात करते हैं और दावा किया कि कांग्रेस को इसके परिणाम भुगतने होंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को शनिवार को भेजे अपने इस्तीफा पत्र में लवली ने यह भी कहा कि वह अपने आप को लाचार महसूस कर रहे थे, क्योंकि दिल्ली इकाई के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए सभी फैसलों पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के दिल्ली प्रभारी दीपक बाबरिया रोक लगा देते थे।

इस दौरान कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता लवली के आवास के बाहर एकत्र हुए और एआईसीसी के दिल्ली प्रभारी बाबरिया के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच, बाबरिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के मुद्दे पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति (डीपीसीसी) के सभी नेताओं को विश्वास में लिया गया था और लवली को पार्टी समिति के समक्ष अपने विचार रखने चाहिए थे।

बाबरिया ने संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करने से पहले डीपीसीसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को विश्वास में लिया गया था। वह (लवली) सभी समितियों का हिस्सा थे। उन्हें उसी समय अपनी आपत्ति उठानी चाहिए थी। जो कोई भी किसी पार्टी या पद से खुद को दूर करता है, वह ऐसा करने का कारण ढूंढ लेता है। लवली के आवास के बाहर उस समय मामूली झड़प हो गई जब उनके समर्थकों ने कथित तौर पर पूर्व कांग्रेस विधायक आसिफ मोहम्मद खान को धक्का दे दिया, जो लवली के इस्तीफे के बाद वहां पहुंचे थे।

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि लवली द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमने उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा की थी। स्पष्ट रूप से, वह पिछले कुछ महीनों में हुई घटनाओं से दुखी हैं। उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उनका समाधान किए जाने की आवश्यकता है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन ने कहा कि यह अपरिहार्य था, क्योंकि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं ने आप-कांग्रेस गठबंधन को स्वीकार नहीं किया है। हर्ष वर्धन ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं गारंटी देता हूं कि चार जून को अपनी हार के बाद इस गठबंधन के नेता फिर से एक-दूसरे को गाली देना शुरू कर देंगे। अरविंदर लवली जी का जाना तो बस शुरुआत है। ऐसे अनेक जमीनी कार्यकर्ताओं की अंतरात्मा अब जागेगी।"