ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCRगुरुग्राम में अब बढ़ गई शराब की कीमत, कितना महंगा हुआ आपका जाम?

गुरुग्राम में अब बढ़ गई शराब की कीमत, कितना महंगा हुआ आपका जाम?

हरियाणा सरकार ने ई-टेंडरों के माध्यम से गुरुग्राम में 324 शराब की दुकानों की निलामी की। इसमें 79 दुकानें गुरुग्राम पूर्व और 83 दुकानें पश्चिम में स्थित है। नई आबकारी नीति बुधवार से लागू हो गई है।

गुरुग्राम में अब बढ़ गई शराब की कीमत, कितना महंगा हुआ आपका जाम?
Subodh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,गुरुग्रामThu, 13 Jun 2024 09:48 AM
ऐप पर पढ़ें

गुरुग्राम में शराब पीना अब महंगा हो गया है। हरियाणा सरकार ने ई-टेंडरों के माध्यम से गुरुग्राम में 324 शराब की दुकानों की निलामी की। इसमें 79 दुकानें गुरुग्राम पूर्व और 83 दुकानें गुरुग्राम पश्चिम में स्थित है। हरियाणा की नई आबकारी नीति 2024-25 बुधवार से लागू हो गई है। इसमें शराब के दाम में वृद्धि का प्रस्ताव है। नई आबकारी नीति लागू होने के बाद गुरुग्राम में शराब की कीमतें 20 प्रतिशत बढ़ गई है।

उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नई उत्पाद शुल्क नीति के तहत हरियाणा सरकार ने ई-टेंडरों के माध्यम से गुरुग्राम पूर्व और पश्चिम में शराब की 324 दुकानों के साथ 162 क्षेत्रों की नीलामी की। इससे सरकार को 1756 करोड़ रुपये की कमाई हुई।

वहीं, कीमत में बढ़ोतरी के बावजूद दिल्ली और नोएडा के उपभोक्ताओं को गुरुग्राम में शराब खरीदते देखा गया। दिल्ली के छतरपुर के रहने वाले विकास अंबावता ने कहा कि गुरुग्राम में उपलब्ध ब्रांडों की विविधता शराब के शौकीनों को यहां की दुकानों की ओर खींचती है। चूंकि दिल्ली में पसंद के ब्रांड उपलब्ध नहीं रहती इसलिए वह गुरुग्राम से शराब खरीदना पसंद करते हैं, भले ही इसके लिए ज्यादा पैसा क्यों न खर्च करना पड़े।

वहीं, वसंत कुंज के रवि देसाई का कहना है कि दिल्ली के कई दुकानों में स्टॉक जल्दी खत्म हो जाता है। इसके अलावा में गुरुग्राम में दिल्ली की तुलना में अच्छे ब्रांडों की शराब मिलती है। यहां की शराब की शानदार दुकानें लोगों को अपनी ओर खींचती है। ऐसे में शराब के शौकीनों पर कीमतों में बढ़ोतरी का कुछ खास असर नहीं पड़ता है।

हरियाणा सरकार ने अब तक गुरुग्राम में 162 जोन की नीलामी की है। इसमें पश्चिम में 83 और पूर्व में 79 जोन है। सबसे ऊंची बोली गोल्फ कोर्स रोड पर एक शराब की दुकान के लिए 50.57 करोड़ और दूसरी सबसे बड़ी बोली ब्रिस्टल चौक पर एक शराब की दुकान के लिए 48.28 करोड़ रुपये की रही। 

उत्पाद शुल्क विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से पता चला है कि शराब की दुकानों के लिए शीर्ष 10 बोलियों में से पांच दिल्ली की सीमा के पास स्थित हैं। इसके अलावा पश्चिम में दो जोन और पूर्व में 20 जोन की नीलामी 14 जून को दूसरे चरण में होने वाली है। उप उत्पाद शुल्क और कराधान आयुक्त (पूर्व) अमित भाटिया ने कहा कि सभी शराब की दुकानों की नीलामी होने के बाद राजस्व की राशि और बढ़ जाएगी। उत्पाद शुल्क और कराधान के उप आयुक्त (गुरुग्राम पश्चिम) जितेंद्र डूडी ने कहा कि नीलामी को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और समय के साथ दुकानों पर ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी।

डूडी ने कहा कि आगामी शादी के मौसम के कारण नए मालिकों द्वारा दुकानों का संचालन करने के कुछ दिनों के भीतर ही बिक्री बढ़ जाएगी। अधिकांश दुकानें पहले के मालिकों को ही नीलाम की गई हैं, इसलिए ज्यादा बदलाव नहीं होगा। हालांकि  पहली बार लोग एक निश्चित कीमत पर आयातित शराब खरीद सकते हैं। इसमें कोई एकाधिकार नहीं होगा। 

बार मालिकों के लिए लचीला रुख

नई उत्पाद शुल्क नीति के तहत लाइसेंस प्राप्त करने वाले बार संचालकों को अपने दो निकटतम दुकानों में से किसी से भी शराब खरीदने की अनुमति होगी। बशर्ते कि ये दुकानें अलग-अलग लाइसेंस धारकों की हों। अधिकारियों ने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य बार संचालकों को उनकी आपूर्ति प्राप्त करने में अधिक लचीलापन और सुविधा प्रदान करना है।

नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के ट्रस्टी और बीयर कैफे के संस्थापक राहुल सिंह ने कहा कि नई नीति का एक मुख्य उद्देश्य खुदरा दुकानों के आवंटन की पारदर्शी प्रणाली स्थापित करना और उचित मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता वाली शराब उपलब्ध कराना है।