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जमानत के दौरान दिल्ली के CM ने क्या-क्या सिफारिश किए, LG ऑफिस ने बताया

जमानत अवधि के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एलजी से क्या-क्या सिफारिशें की, इसकी जानकारी एलजी ऑफिस के अधिकारियों ने दी है। मनी लॉड्रिंग मामले में जेल में बंद केजरीवाल 10 मई से 1 जून तक जमानत पर थे।

जमानत के दौरान दिल्ली के CM ने क्या-क्या सिफारिश किए, LG ऑफिस ने बताया
Subodh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 05 Jun 2024 06:08 PM
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दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉड्रिंग के मामले में तिहाड़ जेल में बंद सीएम अरविंद के केजरीवाल 21 दिन की जमानत पर बाहर आए थे। इस दौरान उन्होंने एलजी से क्या-क्या सिफारिशें की, इसकी जानकारी एलजी ऑफिस के अधिकारियों ने दी है।

उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना के कार्यालय के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि अंतरिम जमानत के दौरान मंत्री राज कुमार आनंद के इस्तीफे को स्वीकृति के लिए एलजी ऑफिस भेजना मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा किया गया एकमात्र आधिकारिक कार्य था। अधिकारियों ने बताया कि सीएम ने न तो एमसीडी चुनावों से संबंधित फाइल एलजी को भेजी और न ही एलजी के साथ जल आपूर्ति में सुधार के लिए अंतरराज्यीय समन्वय का मुद्दा उठाया।

एलजी ऑफिस के अधिकारियों ने बताया कि जमानत अवधि के दौरान सीएम ने मंत्री राज कुमार आनंद के इस्तीफे को स्वीकार करने की सिफारिश की। दिलचस्प बात यह है कि केजरीवाल ने एमसीडी में मेयर चुनाव से जुड़ी फाइल भी एलजी के पास भेजना उचित नहीं समझा। इस बार मेयर अनुसूचित जाति वर्ग से बनना है।

बता दें कि 10 मई को कथित शराब घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ अरविंद केजरीवाल को जमानत दी थी। 50 हजार रुपये की जमानत राशि के अलावा, उनकी जमानत की शर्तों में उल्लेख किया गया था कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री के कार्यालय या सचिवालय का दौरा नहीं कर सकते थे। वह किसी भी आधिकारिक फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते थे जब तक कि यह उपराज्यपाल की मंजूरी या अनुमोदन प्राप्त करने के लिए आवश्यक न हो।

उपराज्यपाल कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि मंत्री के इस्तीफे की स्वीकृति के साथ ही  एससी/एसटी कल्याण, सामाजिक कल्याण, सहकारी और गुरुद्वारा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण विभाग नेतृत्वहीन और पंगु हो गए हैं। केजरीवला ने उपराज्यपाल को अपनी सिफारिशों में इन विभागों को किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किया है। ऐसी स्थित में ये सभी विभाग सीएम के पास होंगे, जो इस समय जेल में हैं। ऐसी स्थिति में इन विभागों में कोई भी निर्णय करना या काम करना असंभव हो जाएगा।

हालांकि आम आदमी पार्टी ने कहा कि 8 दिसंबर 2023 को जारी एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि किसी भी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए सभी विभाग आतिशी द्वारा संभाले जाएंगे, जो पहले से ही दिल्ली के वित्त, राजस्व, कानून और जल मंत्री हैं। आप के एक प्रवक्ता ने कहा कि चौंकाने वाली बात है कि एलजी कार्यालय उक्त मंत्री के विभागों के बारे में झूठ फैला रहा है। यह उनकी अज्ञानता को दर्शाता है।

राज कुमारआनंद ने नई दिल्ली संसदीय सीट से बसपा के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए 10 अप्रैल को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जमानत पर बाहर निकले केजरीवाल ने 31 मई को उनका इस्तीफा स्वीकार कर एलजी को भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल ने आनंद का इस्तीफा राष्ट्रपति के पास विचार के लिए भेज दिया है।