DA Image
13 जनवरी, 2021|5:00|IST

अगली स्टोरी

जानिए कैसे कुछ लोगों के जीवन यापन का नया सहारा बना किसानों का आंदोलन स्थल?

farmers protest at singhu border  file photo   ht

केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन आज 49वें दिन भी जारी है। कानूनों को रद्द कराने पर अड़े किसान जहां इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं। वहीं, किसानों का यह आंदोल कुछ लोगों के लिए जीवन यापन का नया जरिया बन गया है। 

कोरोना वायरस महामारी के पहले राकेश अरोड़ा इंडिया गेट पर सामान बेचते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद सब बंद हो गया और घर चला पाना मुश्किल हो गया। अब वह सिंघु बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन के कारण उन्हें रोजी-रोटी चलाने का सहारा मिला है और वह बैज तथा स्टिकर बेचते हैं।

पिछले छह हफ्ते से ज्यादा समय से किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं और इस दौरान आसपास के कुछ विक्रेता भी यहां सामान बेचने पहुंच गए हैं। 'आई लव खेती', 'आई लव किसान' और 'किसान एकता जिंदाबाद' के बैज और स्टिकर बेचने वाले कई विक्रेता प्रदर्शन स्थल पर आ रहे हैं। लगभग सारे प्रदर्शनकारी बैज लगाते हैं जबकि ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों पर स्टिकर लगाए जाते हैं।

राकेश अरोड़ा और उनके भतीजे अंबाला से 2500 रुपये का सामान लेकर यहां पहुंचे और अब तक 700 रुपये के बैज, पोस्टर बेच चुके हैं। अरोड़ा ने कहा कि मैं इंडिया गेट पर सामान बेचता था, लेकिन लॉकडाउन के बाद धंधा चल नहीं पाया। इसलिए हमने प्रदर्शन स्थल के पास दुकान चलाने का फैसला किया।

दिल्ली के ओखला के इलेक्ट्रिशियन अमन भी काम नहीं रहने के कारण यहां पर बैज और स्टिकर बेचने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आमदनी तो बहुत नहीं होती है, लेकिन काम चल जाता है। हर दिन 15-20 लोग बैज-स्टिकर खरीदते हैं।

उत्तर प्रदेश के लोनी के रहने वाले मोईन (17) और नदीफ (11) भी इसी तरह का काम कर रहे हैं। एक सप्ताह पहले सिंघु बॉर्डर पर दुकान शुरू करने वाले मोईन ने कहा कि हम हर दिन 500 बैज-स्टिकर लाते हैं। इनमें से 300 तक की बिक्री हो जाती है।

पिछले पांच साल से सिंघु बॉर्डर पर बिजली के उपकरणों की दुकान चलाने वाले चंदन कुमार भी अपनी दुकान में 'किसान नहीं तो अन्न नहीं' के नारे वाले स्टिकर और बैज की बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली का काम चल नहीं रहा। मुझे लगा कि किसान आंदोलन के दौरान स्टिकर लेना चाहेंगे, इसलिए मैंने कश्मीरी गेट मार्केट इसे मंगवाना शुरू किया।

पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हजारों किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Know how the Farmers Protest became the site of livelihood of some people