Know how People are being cheated by fraud Packers-Movers companies in noida - पैकर्स-मूवर्स के नाम पर चल रहा गोरखधंधा, 20 से ज्यादा लोगों के साथ हुई धोखाधड़ी DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पैकर्स-मूवर्स के नाम पर चल रहा गोरखधंधा, 20 से ज्यादा लोगों के साथ हुई धोखाधड़ी

यदि आप नोएडा से अपने घर का सामान दूसरे शहर में शिफ्ट करने के लिए पैकर्स-मूवर्स को बुक कर रहे हैं तो सतर्क हो जाइये। नोएडा में पैकर्स-मूवर्स के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी का धंधा जोरों से चल रहा है। ठग आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। 

अधिकतर लोग पैकर्स-मूवर्स की तलाश में इंटरनेट का सहारा लेते हैं। इसे देखते हुए ठगों ने इंटरनेट पर लोगों को फंसाने का जाल बिछा रखा है। पिछले छह माह में पैकर्स-मूवर्स के नाम पर 20 से ज्यादा लोगों के साथ लाखों की धोखाधड़ी हुई है। नोएडा में ज्यादातर लोग बाहर के रहने वाले हैं। रोजगार के मद्देनजर देश के कोने-कोने से यहां लोग आकर रहते हैं। यहां ज्यादातर लोग किराये के मकानों में रहते हैं। 

पत्नी ने तलाक नहीं देने पर प्रेमी को सुपारी देकर कराई थी पति की हत्या

जब लोग इस शहर को छोड़कर दूसरे स्थान पर जाते हैं तो लोग इंटरनेट पर पैकर्स-मूवर्स को खोजते हैं तो उस पर काफी संख्या में मोबाइल नंबर आ जाते हैं। इसमें कई नंबर ठगों के होते हैं। ठगों से बात करने पर वह सामान को दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए सौदा तय कर लेते हैं। ठग तमाम सामान को पैक कर अपनी गाड़ी में भर लेते हैं। इसके बाद सामान लेकर मौके से फरार हो जाते हैं। सामान ले जाने की रकम भी वसूल लेते हैं। 

पीड़ित दूसरे स्थान पर गाड़ी का इंतजार करता है, मगर तय समय पर उसका सामान नहीं पहुंचता। फोन करने पर आरोपी खुद को कहीं फंसा हुआ बताकर और रकम की मांग करते हैं। यदि पीड़ित उसके खाते में रकम ट्रांसफर कर देता है तो आरोपी अपना मोबाइल नंबर बंद कर लेते हैं। 

इंटरनेट कॉलिंग करते हैं इस्तेमाल : आरोपी ठगी करने के लिए इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते हैं। इससे पुलिस को उनकी लोकेशन का पता नहीं चल पाता है। जिस कारण ठग पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाते हैं। इंटरनेट कॉलिंग की वॉइस रिकोर्डिंग भी नहीं हो पाती है। 

''मूवर्स-पैकर्स के नाम पर ठगी करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए साइबर सेल को दिशा निर्देश दिए गए हैं। टीम ठगी करने वालों का डाटा खंगाल रही है।'' - वैभव कृष्ण, एसएसपी 

इन लोगों को भी बनाया शिकार

दो सप्ताह पहले फेज थ्री थाना क्षेत्र से एक प्रोफेसर ने नोएडा से नौकरी छोड़कर बिहार के एक जिले में दूसरे कॉलेज में नौकरी शुरू की थी। उन्होंने अपना सामान वहां ले जाने के लिए पैकर्स-मूवर्स का नंबर ऑनलाइन निकाला। आरोपी गाड़ी में सामान और पैसे लेकर फरार हो गया। नवंबर 2018 को वेबसाइट पर खुद को पैकर्स-मूवर्स बताने वाली एक कंपनी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का करीब 10 लाख रुपये का सामान लेकर भाग गई थी। आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहित कुमार का तबादला नोएडा से पुणे शाखा में कर दिया गया था। उन्होंने वेबसाइट में रजिस्टर्ड 'रोज पैकर्स-मूवर्स' एजेंसी को 61 हजार रुपये भी दिए थे। ठग पुणे तक सामान भिजवाने के बजाए इसे लेकर फरारा हो गया

इस तरह बरतें सावधानी

  • पैकर्स-मूवर्स को बुक करते वक्त उसकी वेबसाइट को पूरी तरह खंगाल लें।
  • कंपनी के मालिक और कर्मचारी का आधार कार्ड की फोटो कॉपी अपने पास जमा कर लें।
  • ऑनलाइन आधार की जांच के दौरान फोटो का कंपनी मालिक के चेहरे से ठीक से मिलान कर लें।
  • सामान ले जाने वाले व्यक्ति का अपने मोबाइल से फोटो खींच लें।
  • सरकारी विभाग में कंपनी का रजिस्ट्रेशन आदि को ठीक से चेक कर लें।
  • यदि सामान ले जाते वक्त चालक और पैसे मांगता है तो वह ठग है, तुरंत पुलिस से शिकायत करें। 

'माशूका' समझ छुप-छुपकर अपनी पत्नी से ही चैट करता था पति, ऐसे खुला राज

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Know how People are being cheated by fraud Packers-Movers companies in noida