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किसानों का दिल्ली मार्च रुका, फिर क्यों दिल्ली-NCR के लोग जाम से परेशान; क्या है वजह

किसानों ने केंद्र से बातचीत तक दिल्ली मार्च को रोक दिया है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर के लोग ट्रैफिक जाम से परेशान हैं। आंदोलन के दूसरे हफ्ते भी जाम एक वास्तविकता बनी हुई है।

किसानों का दिल्ली मार्च रुका, फिर क्यों दिल्ली-NCR के लोग जाम से परेशान; क्या है वजह
Sneha Baluniलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 20 Feb 2024 10:21 AM
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पंजाब-हरियाणा के बॉर्डर पर डटे किसानों ने केंद्र सरकार के साथ अपनी मांगों को लेकर बातचीत के चलते फिलहाल के लिए दिल्ली मार्च को रोक दिया है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर के लोग जाम से परेशान हैं। किसान आंदोलन के दूसरे हफ्ते भी ट्रैफिक जाम एक वास्तविकता बनी हुई है। दरअसल पुलिस ने सभी बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। साथ ही, अंदरुनी सड़कों पर भी बैरिकेड लगाकर जांच की जा रही है। ऐसे में वाहन चालक जाम से सुबह से लेकर देर शाम तक जूझ रहे हैं।

यूपी गेट बॉर्डर, 14-लेन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 के कारण सबसे व्यस्त में से एक है। यहां सोमवार सुबह पीक आवर में जाम लग गया, क्योंकि हजारों कारें आंशिक रूप से बंद लेन और फ्लाईओवरों से गुजर रही थीं। इसकी वजह पुलिस का क्रेन, कारें, बसें, ट्रक और सुरक्षाकर्मियों की एक टुकड़ी की तैनाती करना है। यात्रियों ने इसे लेकर निराशा जताई है। गतिरोध से गाजियाबाद और दिल्ली के बीच उनकी यात्रा का समय बढ़ गया है और पिछले सोमवार से सीमा पर किलेबंदी होने के बाद से कई लोग दफ्तर देरी से पहुंच रहे हैं।

दिल्ली स्थित एक स्टार्टअप के निदेशक रघुनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर कोई किसान या कोई प्रदर्शन नहीं था, लेकिन दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स की वजह से सोमवार की सुबह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ऑफिस जाने वालों और अन्य यात्री वाहनों की लगभग एक किलोमीटर लंबी कतार में फंसे रहे। पिछले हफ्ते, कुछ दिनों के लिए जाम नोएडा सेक्टर-62 तक मिला था। उन्होंने कहा, 'एक वाहन की जांच करने में पुलिस को मुश्किल से एक मिनट का समय लगा, लेकिन जहां पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं, वहां वाहनों को एक लाइन में खड़ा कर दिया गया, जिससे सुबह के समय यातायात काफी धीमा हो गया। मैं लगभग 15-20 मिनट तक वहां फंसा रहा।'

एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका सुनिधि चतुर्वेदी ने कहा कि वह देर से स्कूल पहुंची क्योंकि वह जाम में फंस गई थी। उन्होंने कहा, 'पिछले हफ्ते, मैंने स्कूल जाने के लिए मेट्रो ली थी, लेकिन आज मैंने मान लिया कि कोई ट्रैफिक जाम नहीं होगा क्योंकि किसान नेताओं ने केंद्र के साथ बातचीत के बाद ‘दिल्ली चलो’ मार्च को रोकने का फैसला किया है। लेकिन वाहनों की जांच जारी रही और मैं फ्लाईओवर पर फंस गई।' वहीं ट्रैफिक इंस्पेक्टर (यूपी गेट) संतोष सिंह ने कहा कि यूपी पुलिस ने सीमा पर 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है और ट्रैफिक मूवमेंट को आसान बनाने के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा, 'हम अपनी तरफ से बेस्ट कोशिश कर रहे हैं ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।'

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