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रसोई पर पड़ेगा किसान आंदोलन का असर! जरूरी सामान की आवाजाही अटकी; बढ़ सकती हैं फल-सब्जी की कीमत

किसान आंदोलन का असर जरूरी सामान की आवाजाही पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने बुकिंग बंद कर दी है। वहीं फल-सब्जी और दूसरे जरूरी सामान लेकर आ रहे ट्रकों को भी 300-500 किलोमीटर अतिरिक्त चलना पड़ रहा है।

रसोई पर पड़ेगा किसान आंदोलन का असर! जरूरी सामान की आवाजाही अटकी; बढ़ सकती हैं फल-सब्जी की कीमत
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 15 Feb 2024 06:16 AM
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किसान आंदोलन की आहट के बीच ट्रांसपोर्टरों ने सामान की बुकिंग बंद कर दी है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से सामान लेकर चले करीब 10-12 हजार ट्रक इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं। इससे सामान की आवाजाही अटकी हुई है। फल-सब्जी और अन्य जरूरी सामान लेकर आ रहे ट्रकों को भी 300-500 किलोमीटर तक अतिरिक्त चलना पड़ रहा है, जिसके चलते एक-दो दिन में आवाजाही काफी हद तक प्रभावित होने के आसार हैं, जिसका असर कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। 

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पंजाब से होते हुए हरियाणा के रास्ते आने वाले लगभग सभी रास्ते बंद हैं, जिससे काफी ट्रक रास्ते में फंसे हैं। कुछ ट्रकों को हिमाचल के रास्ते उत्तर प्रदेश के सहारनपुर होते हुए निकाला जा रहा है, लेकिन इसमें दूरी काफी बढ़ रही है, जिससे मालभाड़े पर असर पड़ रहा है। दिल्ली से सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी, बहादुरगढ़, नारनौल, गुड़गांव, बावल, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद आदि एनसीआर के शहरों से लगभग 3 लाख खरीदार भ्रमण करते थे। इनकी संख्या 1 लाख से भी कम हो गई है। वहीं, बसंत पंचमी के कारण दिल्ली में लगभग 40 हजार शादियां थी, लेकिन किसान आंदोलन के कारण बैंक्वेट हॉल, होटल मालिकों की चिंता बढ़ गई है। 200 से ज्यादा बैंक्वेट हॉल, होटल, रिसोर्ट, मोटेल बॉर्डर पर स्थित हैं, ऐसे में लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है।

राजधानी में फंसे 25 हजार से अधिक वाहन

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल का कहना है कि बॉर्डर पर सख्ती से दिल्ली के बाजारों में ग्राहकों की संख्या में 75 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। 15 हजार से ज्यादा व्यवसायिक वाहन दिल्ली में प्रवेश से पहले ही फंस गए हैं। इसके साथ ही, 25 हजार से ज्यादा व्यवसायिक वाहन दिल्ली में ही फंसे हैं।

ऑर्डरों पर नहीं हो पा रही आपूर्ति

दिल्ली से रेडीमेट कपड़ों, खिलौनों समते अन्य सामान की आपूर्ति पंजाब, हिमाचल व जम्मू-कश्मीर तक की जाती है। बीते दो दिन से दिल्ली की ओर से ट्रांसपोर्ट सामानों की बुकिंग नहीं कर रही है। फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा का कहना है कि हमारे बाजार से कारोबारी बड़ी संख्या में सामान पंजाब व उससे सटे राज्यों में भेजते हैं। आंदोलन को देखते हुए ट्रांसपोर्टर सामान बुक नहीं कर रहे हैं।

ट्रांसपोर्टरों ने बुकिंग लेना बंद किया

ट्रांसपोर्टरों ने बुकिंग लेना बंद कर दिया है। हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के महासचिव श्रीभगवान बंसल का कहना है कि चांदनी चौक से कपड़ा, इलेक्ट्रिक और सामान जम्मू-कश्मीर तक जाता है। व्यापारियों के पास एडवांस में बुकिंग है, लेकिन कोई भी ट्रांसपोर्टर सामान को बुक करने के लिए तैयार नहीं है। अगर बुकिंग करेंगे तो कोई गारंटी नहीं कि कब तक आपूर्ति की जाएगी। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महासचिव हेमंत गुप्ता का कहना है कि दिल्ली के काफी व्यापारी इन राज्यों में कारोबार करते हैं, लेकिन अब पूरी तरह से बाजार बंद है। न वहां से सामान आ रहा है और न जा रहा है।

सुरक्षा के तहत बॉर्डर के आसपास की फैक्टरी बंद

हेमंत गुप्ता का कहना है कि बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि व्यावसायिक वाहन आसानी से घुस नहीं पा रहे हैं। मेरी जानकारी में है कि सिंघु बॉर्डर के आसपास के क्षेत्रों में काफी संख्या में छोटी-बड़ी फैक्टरी को बंद कर दिया गया है। इसलिए हम चाहते हैं कि सरकार और किसानों के बीच बैठक कर समस्या का समाधान हो। ऐसे न होने पर फैक्टरी में काम कर रहे हजारों श्रमिकों को भी परेशानी होगी।

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