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मालीवाल जबरन CM आवास में घुसीं, गालियां दीं; बिभव ने ईमेल भेज की पुलिस से शिकायत

AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने सोमवार को सीएम केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार पर CM आवास में अपने साथ कथित रूप से मारपीट करने का आरोप लगाया था। जवाब में बिभव ने भी पुलिस शिकायत कर दी।

मालीवाल जबरन CM आवास में घुसीं, गालियां दीं; बिभव ने ईमेल भेज की पुलिस से शिकायत
Sourabh Jainलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीFri, 17 May 2024 11:19 PM
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व निजी सचिव बिभव कुमार ने भी AAP सांसद स्वाति मालीवाल के खिलाफ दिल्ली पुलिस से शिकायत कर दी, जिसमें उन्होंने 13 मई को हुए पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार ढंग से बताया है। बिभव कुमार ने शुक्रवार (17 मई) को SHO सिविल लाइन्स को ईमेल भेजकर लिखित शिकायत दी। जिसका ब्यौरा आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार रात को अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया। 

अपनी शिकायत में बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल पर मुख्यमंत्री आवास में अवैध रूप से जबरदस्ती घुसने और अतिक्रमण करके सुरक्षा उल्लंघन करने और हंगामा करते हुए सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी निभाने से रोकने का आरोप लगाया।

अपने शिकायती ईमेल में SHO को संबोधित करते हुए बिभव कुमार ने लिखा, यह आपके ध्यान में लाना है कि 13.05.2024 की सुबह स्वाति मालीवाल (पुत्री संगीता मालीवाल) ने फ्लैगस्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में जबरदस्ती और अनाधिकृत रूप से प्रवेश किया। उन्होंने न केवल सीएम आवास की सुरक्षा में सेंध लगाई, हंगामा किया और शिकायतकर्ता के साथ मारपीट भी की। वह अब शिकायतकर्ता पर अनुचित दबाव बनाने के लिए उसे झूठा फंसाने की कोशिश कर रही है।

आगे उन्होंने लिखा, चूंकि स्वाति मालीवाल के झूठे बयान और दुर्भावनापूर्ण कार्य 13 मई को जो कुछ हुआ उसके बारे में एक गलत कहानी बना रहे हैं, इसलिए सच्चे और सही तथ्य नीचे बता रहा हूं... 

1. 13.05.2024 को सुबह लगभग 8:40 बजे सुश्री स्वाति मालीवाल नई दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आईंं और प्रवेश की अनुमति मांगी। उस समय सीएम आवास के मुख्य प्रवेश द्वार पर मौजूद सुरक्षा अधिकारी ने उनकी पहचान पूछी, जिस पर मालीवाल ने खुद को राज्यसभा सांसद के रूप में बताया। उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों से कहा कि उन्हें अंदर जाने दिया जाए क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लिया है।

फिर उस सुरक्षा अधिकारी ने उनसे तब तक इंतजार करने का अनुरोध किया जब तक कि उनके अपॉइंटमेंट की डिटेल्स वेरिफाई ना हो जाएं। चेक करने के बाद उस सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें बताया कि आपने अपॉइंटमेंट नहीं लिया था इसलिए आपको अंदर जाने की अनुमति नहीं दे सकता।

इसके बाद कर्मचारियों द्वारा रोके जाने के बावजूद मालीवाल जबरन सीएम आवास में घुस गईं। इस दौरान ना केवल उन्होंने सीएम आवास में जाने के लिए अपॉइंटमेंट लेने का झूठा दावा किया, बल्कि बल्कि सुरक्षाकर्मियों और सीएम कार्यालय के कर्मचारियों की बार-बार आपत्तियों के बावजूद जबरदस्ती और अवैध रूप से परिसर में प्रवेश किया।

2. चूंकि सुश्री मालीवाल अब तक सीएम आवास के परिसर में अनधिकृत प्रवेश कर चुकी थीं, इसलिए सीएम कार्यालय के कर्मचारियों ने उन्हें वेटिंग एरिया में इंतजार करने के लिए कहा। यह वेटिंग एरिया सीएम आवास परिसर में स्थित है, लेकिन मुख्य भवन में नहीं जहां सीएम वास्तव में रहते हैं।

3. सीएम आवास के मुख्य भवन से बाहर इंतजार करने के लिए कहे जाने पर वह सीएम ऑफिस स्टाफ पर भड़क गईं और चिल्लाने के साथ-साथ उन्हें गालियां देने लगीं। उन्होंने उनसे कहा कि वे वेटिंग एरिया से जाएं और मेरे अपॉइंटमेंट के बारे में मुख्यमंत्री से पूछें।

4. सुबह करीब 9:00 बजे, सीएम ऑफिस स्टाफ की कड़ी आपत्ति के बावजूद, वह वेटिंग एरिया से बाहर निकल गईं और सीएम आवास के मुख्य भवन में चली गईं, जहां सीएम रहते हैं।

5. इसके बाद सुश्री मालीवाल की उक्त हरकतों को मेरे (बिभव कुमार) यानी शिकायतकर्ता के संज्ञान में लाया गया, जो इस समय तक सीएम आवास परिसर में मौजूद नहीं था। शिकायतकर्ता सुबह करीब 9:20 बजे सीएम आवास पहुंचा और मालीवाल के प्रवेश के बारे में पूछताछ की। शिकायतकर्ता को बताया गया कि उनके पास पहले से कोई अपॉइंटमेंट नहीं था, और सुरक्षा अधिकारियों व सीएम ऑफिस स्टाफ की आपत्तियों के बावजूद, वे अनधिकृत रूप से सीएम आवास परिसर में घुस गईं।

6. सुबह लगभग 9:22 बजे, शिकायतकर्ता ने सीएम आवास के मुख्य भवन में प्रवेश किया और सुश्री मालीवाल को ड्राइंग रूम में बैठा पाया। शिकायतकर्ता ने उनसे संपर्क किया और माननीय मुख्यमंत्री से मिलने के लिए विनम्रतापूर्वक उनसे उचित प्रक्रिया का पालन करने का अनुरोध किया। शिकायतकर्ता की बातें सुनकर सुश्री मालीवाल ने उस पर चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया और गालियां देते हुए कहा.. 'तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई...एक सांसद को रोकने की...तुम्हारी औकात क्या है?'

7. मालीवाल द्वारा लगातार गालियां देने के बाद भी शिकायतकर्ता ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और विनम्रतापूर्वक उनसे सीएम आवास छोड़ने का अनुरोध करता रहा, क्योंकि उनके पास अपॉइंटमेंट नहीं था। साथ ही उनसे उचित प्रक्रिया के माध्यम से सीएम से मिलने का समय लेने का अनुरोध भी करता रहा। हालांकि, मालीवाल ने  बार-बार के अनुरोधों को नजरअंदाज करना जारी रखा और उन्हें सीएम से नहीं मिलने देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

8. शिकायतकर्ता ने मालीवाल से सम्मानपूर्वक और बार-बार अनुरोध किया कि वह कानून को अपने हाथ में न लें और शिकायतकर्ता और अन्य स्टाफ सदस्यों को धमकी देने से बचें।

9. मालीवाल उपरोक्त अनुरोधों को नजरअंदाज करती रहीं और ड्राइंग रूम से सीएम आवास के अंदरूनी हिस्से की ओर चलना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता को आशंका थी कि उनका इरादा संदिग्ध है और उनकी मंशा माननीय मुख्यमंत्री को नुकसान पहुंचाने की थी। इसलिए शिकायतकर्ता (बिभव कुमार) ने आवास के अंदरूनी हिस्सों में जबरन प्रवेश करने की उनकी कोशिश पर कड़ी आपत्ति जताई और उसे रोकने के लिए उनके सामने खड़ा हो गया। इससे नाराज होकर मालीवाल ने शिकायतकर्ता को धक्का दे दिया। इसके बाद वह गुस्से में सोफे पर बैठ गईं और PCR को फोन लगाकर शिकायतकर्ता के बारे में बिल्कुल झूठे आरोप लगाने लगीं।

10. शिकायतकर्ता ने एक बार फिर सुश्री मालीवाल से सीएम आवास छोड़ने का अनुरोध किया, जिस पर वह शिकायतकर्ता को धक्का देने के इरादे से उसकी तरफ आगे बढ़ीं। उन्होंने शिकायतकर्ता को गालियां भी दीं, जो इस प्रकार हैं... 'मैं तुझे देख लूंगी, मैं तुझे ऐसे झूठे केस में फंसाऊंगी कि तुझे जिंदगी भर जेल में सड़ा दूंगी...।'