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Hindi News NCR100 करोड़ के बाद भी मांगा गया पैसा; AAP पर ईडी का बड़ा आरोप, चार्जशीट में क्या-क्या दावा

100 करोड़ के बाद भी मांगा गया पैसा; AAP पर ईडी का बड़ा आरोप, चार्जशीट में क्या-क्या दावा

ईडी ने दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में दावा किया है कि 100 करोड़ की रिश्वत के बाद और रकम मांगी गई थी। यह रिश्वत गोवा और पंजाब के चुनाव फंड के लिए मांगी गई।

100 करोड़ के बाद भी मांगा गया पैसा; AAP पर ईडी का बड़ा आरोप, चार्जशीट में क्या-क्या दावा
Sneha Baluniहिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीWed, 10 Jul 2024 11:54 AM
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दिल्ली शराब घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में दावा किया है कि सीएम, उनके तत्कालीन डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और पार्टी के पूर्व मीडिया प्रभारी विजय नायर ने गोवा और पंजाब में चुनावी फंडिंग के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की अतिरिक्त धनराशि मांगी थी। जब उन्होंने और पैसा देने से मना कर दिया तो आप नेता उनसे नाराज हो गए। एजेंसी ने यह दावा आरोपी से सरकारी गवाह बने बिजनेसमैन पी सरथ रेड्डी के बयान का हवाला देते हुए किया है।

दिल्ली की एक कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद सीएम (आरोपी संख्या 37) और आप (आरोपी संख्या 38) के खिलाफ 17 मई को दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया। केंद्रीय एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया था कि केजरीवाल के 'करीबी सहयोगी' विनोद चौहान ने न केवल दिल्ली से गोवा तक आप के लिए 25.5 करोड़ रुपये की रिश्वत के ट्रांसफर को हैंडल किया, बल्कि 'सीएम के जरिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) में अधिकारियों की पोस्टिंग को भी मैनेज किया।'

2022 में सरकारी गवाह बने रेड्डी

अरबिंदो ग्रुप के प्रमोटर रेड्डी तथाकथित साउथ ग्रुप के प्रमुख सदस्य थे, जिसने 2021-22 में अनुकूल शराब नीति के बदले आप को कथित तौर पर 100 करोड़ रुपए दिए थे। इस ग्रुप के अन्य प्रमुख व्यक्तियों में लोकसभा सदस्य मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी, उनके बेटे राघव मगुंटा और बीआरएस नेता के कविता (अब तिहाड़ जेल में) थे। सरथ रेड्डी को नवंबर 2022 में ईडी ने गिरफ्तार किया था, लेकिन दिल्ली की एक विशेष अदालत ने उन्हें तत्कालीन सीआरपीसी की धारा 306 के तहत क्षमादान दे दिया था क्योंकि वह मामले में सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हो गए थे।

कैसे बिगड़ी बात

रेड्डी के बयान का हवाला देते हुए, ईडी की चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि नवंबर 2021 में, 'लाइसेंस शुल्क के भुगतान में छूट, गैर-अनुरूप एरिया में दुकानें न खोलने आदि जैसे मामले थे' और जब भी अभिषेक बोइनपल्ली और अरुण पिल्लई (जिन्होंने साउथ ग्रुप का प्रतिनिधित्व किया) ने विजय नायर के साथ इस मसले पर चर्चा करने की कोशिश की तो उन्होंने ठीक से जवाब नहीं दिया।' बाद में, रीटेल जोन को कोविड-19 की वजह से छूट दी गई, लेकिन सरथ रेड्डी के जोन को अपेक्षित छूट नहीं मिली।

आरोप पत्र में आरोप लगाया गया है कि जब इसे लेकर सरथ रेड्डी ने 'के कविता, बोइनपल्ली और पिल्लई से बात की तो उन्हें बताया गया कि 100 करोड़ के अलावा, नायर, सिसोदिया और केजरीवाल ने गोवा और पंजाब में अपने चुनावी फंडिंग के लिए अतिरिक्त रकम मांगी है, जिसे उन्होंने देने से इनकार कर दिया। इससे आप नाराज हो गई और इसीलिए एक समय के बाद नायर ने उनकी बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।' वहीं 21 मार्च को अपनी गिरफ्तारी के दिन दर्ज कराए गए बयान में केजरीवाल ने ईडी को बताया था कि वह 'शरथ रेड्डी को नहीं जानते।'