DA Image
हिंदी न्यूज़ › NCR › कालरा की बढ़तीं मुश्किलेंं, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सैंपल रिपोर्ट के खुलासे के बाद बढ़ीं और धाराएं
एनसीआर

कालरा की बढ़तीं मुश्किलेंं, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सैंपल रिपोर्ट के खुलासे के बाद बढ़ीं और धाराएं

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Deep Pandey
Fri, 21 May 2021 05:18 AM
कालरा की बढ़तीं मुश्किलेंं, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सैंपल रिपोर्ट के खुलासे के बाद बढ़ीं और धाराएं

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कथित कालाबाजारी के आरोपी दिल्ली के मशहूर खान चाचा रेस्टोरेंट के मालिक नवनीत कालरा के ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर ठीक से काम नहीं कर रहे थे। दरअसल कालरा से खरीदे गए कंसंट्रेटर को लेकर लोगों ने उससे तो ठीक से काम नहीं करने की शिकायत की ही थी। साथ ही जब उसके खिलाफ मामला दर्ज दर्ज हुआ तो क्राइम ब्रांच के पास भी कंसंट्रेटर के खरीदारों की तरफ से शिकायत आई। इसके बाद जब क्राइम ब्रांच की तरफ से जब्त किए गए कंसंट्रेटर में एक को जांच के लिए लैब भेजा गया तो वह सचमुच ठीक से काम नहीं कर रहा था। 

लैब की यह रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को सौंपी गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब उन सभी के बयान दर्ज कर रही है, ये रिपोर्ट अब नवनीत कालरा के खिलाफ सबूतों की सूची में शामिल हो चुकी है। दरअसल, ये वो लैब रिपोर्ट है जिसमें लिखा है कि नवनीत कलरा के खान चाचा, टाउन हॉल, नेगे जु रेस्तरां के अलावा छतरपुर फार्म से जो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बरामद हुए थे उनमें से कुछ की जांच में यह पता चला कि वे ठीक से काम नहीं कर रहे थे। ये कंसंट्रेटर महज 38 फीसदी के आसपास ही ऑक्सीजन मुहैया करा पा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने बरामद कंसंट्रेटर की टेस्टिंग के लिए खुद इस लैब को जिम्मा दिया था। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने फिर कालरा के खिलाफ दर्ज किए गए मामले में आईपीसी एक और धारा भी बढ़ा दी थी। 

मामले की जांच में जुटी पुलिस अब उनलोगों के बयान दर्ज कर रही है, जिन्होंने कालरा से ऐसे कंसंट्रेटर खरीदे थे जो ठीक से काम नहीं कर रहे थे। इस रिपोर्ट के आने के बाद जांच टीम का कहना है कि जान बचाने के लिए जिस कंसंट्रेटर को लोगों ने खरीदा था, वे मरीजो के लिए उतने कामयाब नहीं होते। ऐसे में इसका इस्तेमाल करना मरीजों के लिए घातक भी हो सकता था। इसलिए ही पुलिस ने रिपोर्ट आने के बाद नवनीत कालरा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज किया है।

उधर क्राइम ब्रांच ने नवनीत कालरा के जो 2 मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं, उनका इस्तेमाल चूंकि बरामद कंसंट्रेटर की खरीद-फरोख्त में किया था। इन मोबाइल फोन में कंसंट्रेटर की खरीद और उसकी बिक्री के कई इनवॉइस भी मौजूद हैं। इसलिए उससे डिलीट किए गए डाटा को रिकवर करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। क्राइम ब्रांच तकनीकी जांच के जरिये यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिरकार डिलीट की गई सामग्री में कोई जरूरी दस्तावेज तो नहीं था, जिस कालरा हटाना चाहता था। बहरहाल डाटा रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मोबाइल व लैपटॉप की बारीकी से जांच की जा सके। अबतक पुलिस कालरा के छह ठिकानों की तलाशी ले चुकी है और वहां से बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है। इस मामले में क्राइम ब्रांच का कहना है कि फर्जीवाड़े की इस घटना की कड़ियों की परत खोलने के लिए अभी कई लोगों से पूछताछ करनी है।

संबंधित खबरें