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JNU में दूसरे दिन भी तनाव, छात्रों के दोनों गुटों ने पुलिस में दी शिकायत, ABVP का मार्च- VIDEO

जेएनयू में शुक्रवार रात को छात्र संघ चुनाव से पहले ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच यूनिवर्सिटी जनरल बॉडी मीटिंग (यूजीबीएम) के दौरान झड़प हो गई। विश्वविद्यालय परिसर में दूसरे दिन भी तनाव देखा गया।

JNU में दूसरे दिन भी तनाव, छात्रों के दोनों गुटों ने पुलिस में दी शिकायत, ABVP का मार्च- VIDEO
Krishna Singhहिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 10 Feb 2024 11:06 PM
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शुक्रवार रात को छात्र संघ चुनाव से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच यूनिवर्सिटी जनरल बॉडी मीटिंग (यूजीबीएम) के दौरान झड़प हो गई। एबीवीपी और वाम संगठनों ने एक दूसरे पर मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाए हैं। मामले में एबीवीपी ने वसंत कुंज थाने में शिकायत भी दी। वहीं दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस जेएनयू प्रशासन के संपर्क में है। घटना को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में दूसरे दिन भी तनाव देखा गया।

एबीवीपी ने निकाला मार्च
एबीवीपी छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया को असंवैधानिक मान रहा है। वहीं, वामपंथी छात्र संगठन इसे लेकर जेएनयू प्रशासन की बैठक के बाद आम सभा कर रहे थे। देर शाम एबीवीपी ने कैंपस में मार्च निकालकर अपना विरोध जताया। सभी संगठनों द्वारा साबरमती ग्राउंड पर शुक्रवार रात 9:30 बजे यूजीबीएम की बैठक आयोजित की गई थी। जेएनयू छात्र संघ ने विरोध स्वरूप साबरमती लॉन में मानव श्रृंखला बनाई।

छात्रों को बोलने नहीं दिया, माइक के तार काटे : आइसा
वामपंथी छात्र संगठनों का आरोप है कि जब सभा के दौरान एबीवीपी के लोगों ने बाधा डाली। आइसा ने बयान जारी कहा कि एबीवीपी चुनाव नहीं कराना चाहती है। सभा के बीच एबीवीपी के लोगों ने माइक के तार काटे, लेकिन कुछ छात्रों ने फिर से तार जोड़ दिए।

JNUSU की अध्यक्ष ने लगाए आरोप
जेएनयूएसयू की अध्यक्ष आइशी घोष और अन्य छात्रों को बोलने नहीं दिया गया। आइशी ने एक वीडियो जारी करते हुए खुद पर पानी फेंकने का भी आरोप लगाया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन की पदाधिकारी मधुरिमा कुंडू का कहना है कि एबीवीपी नहीं चाहती छात्र संघ चुनाव हो, इसलिए उन्होंने हंगामा करके यूजीबीएम नहीं होने दी। हमारे चार छात्र घायल हुए हैं। रात में सभी का मेडिकल कराया गया। हम थाने में शिकायत करेंगे।

वामपंथियों ने भारत विरोधी नारे लगाए थे : एबीवीपी
एबीवीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वामपंथी समूह द्वारा यह यूजीबीएम 9 फरवरी को इसलिए रखी गई, क्योंकि 9 फरवरी को इसी साबरमती मैदान पर इन लोगों ने भारत विरोधी नारे लगाए थे। संसद भवन पर हमले के मास्टरमाइंड आतंकी अफजल गुरु की बरसी मनाई थी। वामपंथी संगठन नहीं चाहते थे कि एबीवीपी के कार्यकर्ता इस यूजीबीएम में भाग लें। क्योंकि एबीवीपी शुरू से निष्पक्षता, नियमावली के पालन और सभी छात्रों के समान प्रतिनिधित्व की बात कर रही है।

कमेटी ने सूची को नकार दिया
एबीवीपी का कहना है कि जेएनयूएसयू संविधान नियमानुसार यूजीबीएम करवाने के लिए कुल छात्रों में से 1/10 छात्रों के हस्ताक्षर की जरूरत होती है। ये हस्ताक्षर उसी जगह होने चाहिएं, जहां यूजीबीएम होना है। एबीवीपी ने यूजीबीएम में बोलने के लिए 150 कार्यकर्ताओं की सूची भी कमेटी को सौंपी, लेकिन उन्होंने इसे नकार दिया। जब हमारे कार्यकर्ताओं ने यूजीबीएम का कोरम वामपंथी पार्टियों से मांगा, तो उन्होने कोरम दिखाने से मना कर दिया।

जेएनयू में कोई आधिकारिक जेएनयूएसयू 
एबीवीपी ने कहा कि कोरम में कई सारे ऐसे छात्रों के हस्ताक्षर थे जो जेएनयू में वर्तमान में पढ़ाई नहीं कर रहे हैं। उसके बाद भी छात्रों के हित के लिए एबीवीपी ने यूजीबीएम के लिए सहमति दे दी। जेएनएसयू को विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमावली का पालन न करने के चलते नोटिफाई नहीं किया था। इस प्रकार पहले से ही जेएनयू में कोई भी आधिकारिक और नोटिफाइड जेएनयूएसयू नहीं है।

दिव्यांग को बुरी तरह पीटने का आरोप
एबीवीपी के अनुसार जब वामपंथी पार्टियों (आइसा, एसएफआई, डीएसएफ और कई अन्य वामपंथी संगठन) को यह पता लगा कि किसी भी स्थिति में एबीवीपी यूजीबीएम का हिस्सा रहते हुए निष्पक्षता सुनिश्चित करेगी, तो उन्होंने यूजीबीएम को बाधित करने का प्रयास किया।

कई छात्रों से मारपीट
एबीवीपी के अनुसार उन्होंने दिव्यांग छात्र दिव्यप्रकाश को बुरी तरह से मारा। प्रफुल्ल कुमार, कन्हैया कुमार, पुष्कर, अंकेश भाटी (छात्रा) विकास पटेल, प्रशांतो बागची के साथ कई छात्रों से मारपीट की गई। एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष उमेश चंद्र अजमीरा ने कहा कि ये एबीवीपी के दबाव के कारण यूजीबीएम संभव हो सका है। एबीवीपी ने मेस अभियान चलाया, हॉस्टल के प्रत्येक कमरे में जाकर छात्रों से बातचीत की, मेस में जाकर छात्रों से उनकी समस्याएं और सुझाव समझने की कोशिश की।

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