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'मुस्लिम नाम सुनते ही मना कर दिया', JNU में हुए बवाल की दो अलग-अलग कहानी

एबीवीपी और लेफ्ट के कार्यकर्ता एक दूसरे पर मारपीट करने का आरोप लगा रहे हैं। लेफ्ट का आरोप है कि एबीवीपी ने लेफ्ट कार्यकर्ताओं को मारा जबकि एबीवीपी भी इसी तरह के आरोप लगा रहा है।

'मुस्लिम नाम सुनते ही मना कर दिया', JNU में हुए बवाल की दो अलग-अलग कहानी
Aditi Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 01 Mar 2024 12:08 PM
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दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में देर रात खूब हंगामा हुआ। एबीवीपी और लेफ्ट कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और जमकर लात घूसे चले। इस दौरान एक शख्स को कंधे पर साइकिल उठाकर मारते हुए देखा गया। इस हंगामे के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि बवाल उस वक्त मचा जब कैंपस में इलेक्शन कमिटी मेंबर चुनने के लिए जनरल बॉडी मीटिंग चल रही थी। इस दौरान किसी बात पर बहस हुई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। 

एबीवीपी और लेफ्ट के कार्यकर्ता एक दूसरे पर मारपीट करने का आरोप लगा रहे हैं। लेफ्ट का आरोप है कि एबीवीपी ने लेफ्ट कार्यकर्ताओं को मारा जबकि एबीवीपी भी इसी तरह के आरोप लगा रहा है। AISA की जेनयू उपाध्यक्ष ने कहा, "सबसे पहले, यह कोई झड़प नहीं थी। यह एकतरफा हमला है। हर स्कूल पिछले दो सप्ताह से जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) आयोजित कर रहा है। आखिरी जीबीएम कल थी। स्कूल भाषा के चुनाव निकाय का चुनाव कल होना था। चार नामों का चुनाव हुआ लेकिन एबीवीपी ने पूरी प्रक्रिया को हाईजैक कर लिया। जब यह फिर से शुरू हुई और और खत्म हो गई तो हमें पता चला कि उन्होंने लेफ्ट के दानिश को घेर लिया है  और उसे जाने नहीं दे रहे थे। हमने उनसे बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी और लाठियों से हमला करना शुरू कर दिया।

'मुस्लिम का नाम सुनते ही आपत्ति'

उन्होंने कहा, किसी मुस्लिम उम्मीदवार का नाम लिया जाता है तो एबीपीवी आपत्ति जता देता है, महिला का नाम लिया जाता है तो आपत्ति जता देता है, किसी का नाम लिया जाता है तो वो लोग बोलते हैं पूरा नाम बताओ जिससे उनकी जात पता चल सके और इसी के आधार पर वो फैसला करते हैं कि सपोर्ट करना है कि नहीं। ऐसा एबीवीपी लगातार कर रहा है। ...''

एबीवीपी ने क्या कहा?

उधर एबीवीपी ने आरोप लगाते हुए कहा, लेफ्ट छात्र चुनाव प्रक्रिया में धांधली करने का प्रयास कर रहे थे। स्कूल ऑफ लैंग्वेज के छात्रों ने आपत्ति जताई। पूरी प्रक्रिया 3-4 घंटे से अधिक समय तक रुकी रही। जब आधे घंटे बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई, तो आइशी घोष (जेएनयू अध्यक्ष) ने चार कम्युनिस्ट नामों की घोषणा की और कहा कि वे निर्वाचित हो गये हैं। कार्यकर्ताओं ने नाम उजागर करने और चयन प्रक्रिया की मांग की। दानिश (एआईएसएफ सदस्य) ने कहा कि चार नहीं बल्कि दो ही पुराने सदस्यों को दोबारा चुना गया है. आइशी और दानिश ने विरोधाभासी बातें कहीं. छात्र आपत्तियां उठा रहे थे। नामों का खुलासा करने, उन नामों को वापस लेने और स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से चयन करने की मांग की जा रही थी। इसी बीच लेफ्ट छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया और 'डफली' को हथियार बनाकर छात्रों पर हमला कर दिया। 200 से ज्यादा लेफ्ट छात्रों ने वहां मौजूद 4-5 कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। यह कोई नई बात नहीं है

उधर पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए कहा,  "हमें दोनों तरफ से शिकायत मिली है. पुलिस को तीन लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है. हम शिकायतों की जांच कर रहे हैं."

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