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घर की नौकरानी 6 महीने से Facebook पर रच रही थी साजिश, डॉक्टर के मर्डर की जांच में खुले नए राज

दिल्ली के जंगपुरा एक्सटेंशन में 63 वर्षीय डॉक्टर योगेश चंद्र पॉल की उनके घर में हत्या की जांच में पुलिस को पता चला है कि उनकी 60 वर्षीय घरेलू नौकरानी बसंती ही हत्या और डकैती की कथित मास्टरमाइंड है।

घर की नौकरानी 6 महीने से Facebook पर रच रही थी साजिश, डॉक्टर के मर्डर की जांच में खुले नए राज
Praveen Sharmaनई दिल्ली। जिग्नासा सिन्हा (हिन्दुस्तान टाइम्स डॉट काम)Tue, 14 May 2024 11:40 AM
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दिल्ली के जंगपुरा एक्सटेंशन में 63 वर्षीय डॉक्टर योगेश चंद्र पॉल की उनके घर में हत्या की जांच में पुलिस को पता चला है कि उनकी 60 वर्षीय घरेलू नौकरानी बसंती ही हत्या और डकैती की कथित मास्टरमाइंड है। बसंती मृतक डॉक्टर के पर 24 साल से काम कर रही थी। पुलिस ने बताया कि वह अपने साथियों को अपराध को अंजाम देने में मदद करने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से घर की तस्वीरें शेयर कर रही थी।

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को फरार चार संदिग्धों की तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज शेयर कीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने संदिग्धों के स्कैच भी बनाए हैं और उन्हें विभिन्न राज्यों के पुलिस विभागों के साथ-साथ नेपाल पुलिस के साथ भी शेयर किया है।

24 साल पुरानी घर की नौकरानी निकली डॉक्टर के मर्डर की मास्टरमाइंड, ये थी वजह

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उनकी प्लानिंंग दो महीने पहले शुरू हुई थी, बसंती करीब पांच से छह महीने से अपने फेसबुक अकाउंट पर तस्वीरें पोस्ट कर रही थी। वह कमरों और घर की तस्वीरें खींचती और उन्हें पोस्ट करती। हमें लगता है कि वह लंबे समय से कीमती सामान लूटने की योजना बना रही थी और सभी कमरों की तस्वीरों का रिकॉर्ड रखती थी। बाद में उसने अपनी दोस्त वर्षा और साईं को भी इस योजना में शामिल कर लिया था। 

पुलिस ने रविवार को बताया कि उन्होंने बसंती, हरिद्वार के 38 वर्षीय पुजारी हिमांशु और उसके भाई आकाश को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर तीन नेपाली नागरिकों और एक अन्य घरेलू नौकर की मदद ली, जिनका पुलिस पता लगा रही है।

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पुलिस ने संदिग्धों वर्षा (घरेलू नौकरानी), उसके पति भीम, विष्णुरूप साई के रूप में पहचाने गए एक अन्य आरोपी और एक अज्ञात व्यक्ति की फाइल फोटो शेयर की हैं। इसके साथ ही पुलिस ने घटनास्थल के पास और सराय काले खान में जहां वे रह रहे थे, आरोपियों की गतिविधियों को दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज भी शेयर की हैं। पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से अपराध में उनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है।

हत्या के बाद घर में की थी लूटपाट

बता दें कि, डॉ. योगेश चंद्र पॉल की शुक्रवार को उनके घर के अंदर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी डॉ. नीना पॉल को अपने पति की लाश किचन के अंदर मिली थी। आरोपियो ने दोपहर में 1.30 बजे अपने क्लीनिक से घर लौटे डॉक्टर योगेश के घर में घुसकर उनके हाथ बांध दिए, उनका मुंह बंद कर उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या  से पहले आरोपियों ने उनके पालतू कुत्ते को बाथरूम के अंदर बंद कर दिया था। घटना के बाद आरोपी नकदी और सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए थे।

जांच अधिकारियों ने बताया कि बसंती, वर्षा और साई ने उसी इमारत की पहली मंजिल पर एक और घर में चोरी करने की योजना बनाई थी, लेकिन वो नाकाम रहे। पीड़ित परिवार अपर ग्राउंड फ्लोर पर रहता था। अधिकारी ने कहा कि उसने अपनी साथी वर्षा को पहली मंजिल पर भेजा था, लेकिन घर परिवार के सदस्यों से भरा होने के कारण वे अपनी योजना को अंजाम नहीं दे सके।”

तीन बार डॉक्टर के घर आई थी वर्षा

पुलिस ने कहा कि वर्षा घटना से पहले कम से कम तीन बार पीड़ित के घर गई थी। जांच में हमने पाया कि बसंती वर्षा को लेकर आई और दंपती से कहा कि वह बर्तन साफ करेगी। 15 मार्च से अप्रैल तक वर्षा तीन बार घर आई थी। एक अन्य जांच अधिकारी ने बताया कि वर्षा अक्सर अपने दोस्तों को वीडियो कॉल करती रहती थी और एक बार बेडरूम में घुसते और एक अलमारी खोलते हुए पकड़ी गई थी, तब दंपती ने उसे नौकरी से निकाल दिया था। बसंती ने उसे घर के वीडियो बनाने और अन्य आरोपियों की मदद करने के लिए बुलाया था। महिलाएं अपने लिए कुछ गहने और छोटी नकदी लूटने की भी योजना बना रही थीं।

बसंती हर दिन साथियों को करती थी वीडियो कॉल

एक अन्य जांच अधिकारी ने कहा कि बसंती हर दिन अपने साथियों को वीडियो कॉल करती थी। उसने एक फेसबुक अकाउंट भी बनाया और अपने साथियों के साथ कमरों और घर की तस्वीरें पोस्ट कीं। वह ऐसा दो-तीन महीने से कर रही थी। पुलिस ने कहा कि 2017 में उसी इमारत में चोरी हुई थी और वे जांच कर रहे हैं कि क्या बसंती और उसके साथी उस मामले में शामिल थे।

डीसीप (दक्षिण पूर्व) राजेश देव ने कहा कि बसंती ने रेकी करने के लिए अपने साथियों को 5 मई को दिल्ली बुलाया था। इसके बाद व वे लोग घर लौट गए और 7 मई को तीन नेपाली नागरिकों के साथ वापस आए। डीसीपी ने कहा कि अन्य सभी आरोपी फरार हैं। वर्षा भी फरार है। गिरोह सराय काले खां के एक छोटे से होटल में रुका और घटना वाले दिन डॉक्टर का पीछा किया। उन्होंने उन्हें तब मार डाला जब वह अपने घर पर अकेले थे। परिवार ने पुलिस को बताया है कि घर से करीब 4 से 5 लाख रुपये और 100 ग्राम सोने के आभूषण गायब हैं।