ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ NCRशहजाद हो या गणेश, बुलडोजर के लिए सब एक: जहांगीरपुरी में एक धर्म को निशाना बनाए जाने के दावों की सच्चाई

शहजाद हो या गणेश, बुलडोजर के लिए सब एक: जहांगीरपुरी में एक धर्म को निशाना बनाए जाने के दावों की सच्चाई

जहांगीरपुरी में नगर निगम अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंच गया। भारी पुलिसबल की मौजूदगी में ढाई घंटे तक 50 से अधिक दुकानों में तोड़फोड़ की। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर चलाने पर रोक लगा दी

शहजाद हो या गणेश, बुलडोजर के लिए सब एक: जहांगीरपुरी में एक धर्म को निशाना बनाए जाने के दावों की सच्चाई
Swati Kumariवरिष्ठ संवाददाता,नई दिल्लीThu, 21 Apr 2022 07:10 AM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली निगम की कार्रवाई को लेकर सियासी दल भले ही इसे कोई भी रंग दे रहे हों लेकिन सच्चाई यही है कि बुधवार को नगर निगम के बुलडोजर ने गणेश गुप्ता की दुकान ढहाई तो शहजाद के खोखे को भी गिरा दिया।

कागज दिखाते रह गए
जहांगीरपुरी स्थित कुशल चौक पर हुई कार्रवाई के बारे में गणेश गुप्ता ने बताया कि वह डीडीए की ओर से दुकान आवंटन का कागज दिखाते रह गए लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। देखते ही देखते उनकी दुकान के काफी हिस्सों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया।

54 वर्षीय गणेश ने बताया कि 1977 में डीडीए ने जहांगीरपुरी में 13 दुकानों का आवंटन किया था। इनमें से एक दुकान उनके पिता श्रीचंद गुप्ता के नाम पर कुशल चौक पर आवंटित हुई थी, जो अब उनके नाम पर है। उन्होंने बताया कि दुकान का सालाना 4800 रुपये किराया भी भरते हैं, जिसकी सभी रसीदें उनके पास हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी दुकान का आवंटन किया गया है तो वह अवैध कैसे हो सकती है। अगर दुकान अवैध है तो फिर एमसीडी को नोटिस देना चाहिए था, लेकिन मेरे पास कोई नोटिस नहीं आया। मेरे परिवार में चार बच्चे, एक बेटे की बहू और पत्नी है। सभी का गुजारा इसी दुकान से चलता है। करीब छह लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले के खिलाफ अदालत की शरण लेंगे।

दंगा फैलाने वाले चले गए, मुसीबत आम लोगों की है
जहांगीरपुरी निवासी शहजाद ने कहा कि साहब हिंसा कराने वाले तो चले गए। अब असल मुसीबत तो उन गरीबों की है जो यहां खोखा या छोटी-मोटी दुकान चलाकर गुजर बसर कर रहे हैं।

हनुमान जयंती के दिन यहां पर जो भी हुआ उस दौरान मुझे नहीं लगता कि इनमें से कोई मौजूद था, जिनकी दुकानें और खोखे आज गिराए जा रहे हैं। अगर कहीं पर अतिक्रमण है तो उसे हटाया जाना चाहिए, लेकिन फिर भेदभाव नहीं होना चाहिए। आखिर अब हमारा क्या होगा।

मालिक को कहां से लौटाएंगे रेहड़ी
लालचंद ने बताया कि वह परिवार को लेकर रोजी रोटी के लिए दिल्ली आया था। सब ठीक चल रहा था। वह फुटपाथ के पास ही छोटे-कुल्चे का ठीहा लगाता था। लेकिन अब उसकी रेहड़ी नहीं लगेगी। बुधवार को बुल्डोजर ने उसे तोड़ दिया है। इसे उन्होंने किराए पर ले रखा था। अब मालिक भी बोल रहा है। उसे नहीं पता कि वो कैसे रेहड़ी देगा। हमारा तो यही कमाने का साधन था।

नोटिस बिना दुकान पर बुलडोजर चढ़ा दिया
आशु ने बताया कि उसकी बाइक रिपेयरिंग की दुकान थी। उसे एमसीडी ने कोई नोटिस नहीं दिया था। बुलडोजर आया और बिना बताए उसकी दुकान को तोड़कर चला गया। अधिकारियों से नोटिस के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया था। मेरा करीब दो लाख रुपये का नुकसान हो गया है। पहले ही तीन दिन से दुकान नहीं खोली थी। अब तो हमेशा के लिए बंद हो गई।

लोगों की ओर से बनाई गई चौपाल भी तोड़ी
जहांगीरपुरी इलाके में बुधवार को अतिक्रमण पर बुलडोजर चला तो लोगों के आंसू निकल पड़े। किसी की रेहड़ी तो किसी के खोखे पर कार्रवाई की गई। इलाके में चले बुल्डोजर से कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिससे लोग काफी आहत हुए। सीडी पार्क इलाके में एक चौपाल थी। जिसपर बुलडोजर चला। पूरी तरह से चौपाल तोड़ दी गई। यह चौपाल कई वर्षों पहले इलाके के लोगों ने खुद ही बनाई थी। इसपर किसी का कोई कब्जा नहीं था। यहां इलाके के हर वर्ग और समुदाय के लोगों की बैठक होती थी। यहां लोग बैठकर आपस में बातचीत भी करते थे, जबकि विभिन्न धर्मों का धार्मिक जलसे की शुरुआत भी इस चौपाल से होती थी। पिछले करीब 11 साल से यहां से ताजिया बनकर निकल रहे है। जिसे बनाने में हर कोई मदद करता था। इसे टूटते सभी ने देखा और दुख जाहिर किया। जहांगीरपुरी में अब यह चौपाल नहीं दिखाई देगी। जहां कभी इलाके के लोगों की बैठक लगती थी, उसका नामोनिशान भी नहीं होगा।

epaper