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इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, 2,000 करोड़ रुपये की तस्करी, सरगना निकला फिल्म प्रोड्यूसर

Delhi Crime News: एनसीबी (NCB) ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर नशीले पदार्थ बनाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन लोगों से 50 किलो नशीला पदार्थ बनाने वाला केमिकल जब्त किया गया है।

इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, 2,000 करोड़ रुपये की तस्करी, सरगना निकला फिल्म प्रोड्यूसर
Krishna Singhपीटीआई,नई दिल्लीSun, 25 Feb 2024 01:06 AM
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एनसीबी (NCB) ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर नशीले पदार्थ बनाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तार भारत, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया तक बताए जाते हैं। गिरफ्तार किए गए तीन लोगों से 50 किलो नशीला पदार्थ बनाने वाला केमिकल जब्त किया गया है। रसायन को मिक्स फूड पाउडर और सूखे नारियल में छिपाकर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भेजा जा रहा था। अधिकारियों ने बताया, एनसीबी और दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा की एक संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। 

एनसीबी के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि चार महीने पहले ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के अधिकारियों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर छापे मारे गए। सूखे नारियल के पाउडर में छिपाकर भारत से दोनों देशों को बड़ी मात्रा में स्यूडोएफेड्रिन की सप्लाई की जा रही थी। यूएस ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन से मिले अन्य इनपुट से संकेत मिलता है कि इन खेपों का स्रोत दिल्ली था। 

ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि संयुक्त टीम ने 15 फरवरी को दिल्ली के बसई दारापुर इलाके में स्थित एक गोदाम पर छापा मारा था। यहां नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल रसायन को अनाज की खेप में छिपाकर इसकी तस्करी की जा रही थी। गिरफ्तार किए गए तीनों लोग तमिलनाडु के रहने वाले हैं। गिरोह के मास्टरमाइंड की पहचान एक तमिल फिल्म निर्माता के रूप में की गई है। उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि रसायन के स्रोत का पता लगाया जा सके।

जब्त किए गए रसायन की पहचान स्यूडोफेड्रिन के रूप में हुई है। इसका उपयोग मेथामफेटामाइन बनाने के लिए किया जाता है। इस ड्रग्स की डिमांड पूरी दुनिया में है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में यह लगभग 1.5 करोड़ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकती है। गिरफ्तार किए गए तीन लोगों ने एनसीबी को बताया कि बीते तीन वर्षों के दौरान उनके द्वारा कुल 45 स्यूडोफेड्रिन की खेप भेजी गई थी।

डीडीजी ने बताया कि इनमें लगभग 3,500 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन था, जिसकी इंटरनेशनल मार्केट में कीमत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है। स्यूडोएफेड्रिन एक अत्यधिक नशे की लत वाली सिंथेटिक दवा है। भले ही इसका कुछ कानूनी उपयोग है। इसे भारत में एक नियंत्रित पदार्थ के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो इसके उत्पादन, कब्जे, व्यापार, निर्यात और उपयोग पर सख्त रेगुलेशन लाता है। स्यूडोएफेड्रिन की तस्करी के दोषी को एनडीपीएस अधिनियम के तहत 10 साल तक की कैद की सजा का प्रावधान है।

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