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बढ़े हुए पानी बिल का मुद्दा: जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की इजाजत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची AAP

याचिका में आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस ने 23 फरवरी, 2024 को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के याचिकाकर्ता के अनुरोध को गलत और मनमाने ढंग से अस्वीकार कर दिया।

बढ़े हुए पानी बिल का मुद्दा: जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की इजाजत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची AAP
Praveen Sharmaनई दिल्ली। एएनआई Fri, 23 Feb 2024 01:37 PM
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दिल्ली में वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के माध्यम से पानी के बकाया बिलों के निपटान को लेकर छिड़ी तकरार अब दिल्ली हाईकोर्ट तक जा पहुंची है। आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली जल बोर्ड की वन टाइम सेटलमेंट योजना के कार्यान्वयन में कथित बाधाओं के संबंध में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देने के लिए दिल्ली पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया है।

'आप' याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली पुलिस ने 23 फरवरी, 2024 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के याचिकाकर्ता के अनुरोध को गलत और मनमाने ढंग से अस्वीकार कर दिया, जो याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।

याचिका के अनुसार, 'आप' 23 फरवरी को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (बी) के तहत प्रदत्त अपने मौलिक अधिकार का इस्तेमाल कर रही है, जो लोकतंत्र का एक अभिन्न हिस्सा है।

आम आदमी पार्टी ने 17 फरवरी को नई दिल्ली जिले के डीसीपी को पत्र लिखकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए इजाजत देने का अनुरोध किया था। 'आप' ने पत्र में कहा था कि उक्त विरोध प्रदर्शन में दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार के मंत्री  और लगभग 800 लोगों की भीड़ के साथ आम आदमी पार्टी के विधायक शामिल होंगे, जिसे गलत और मनमाने ढंग से अस्वीकार कर दिया गया था। 'आप' ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकार लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसे सीआरपीसी 1973 की धारा 144 के तहत जारी एक व्यापक और निषेधात्मक आदेश द्वारा नहीं छीना जा सकता है।

जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करने वाली है। याचिका में कहा गया है, "यह प्रस्तुत किया गया है कि सीआरपीसी की धारा 144 के आधार पर प्रदर्शनों आदि पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है, लेकिन अनुरोध पर विचार करने के बाद, उचित पैरामीटर निर्धारित करके अनुमति दी जा सकती है।" 

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