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जामिया में खाने के बाद प्लेट रखने को लेकर विवाद, जमकर चले लाठी-डंडे चले, पुलिस बोली- पूर्व और बाहरी छात्रों से स्थिति बिगड़ी

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों का आपसी झड़प का मामला सामने आता रहता है। इसी कड़ी में शुक्रवार देर रात भी छात्रों का दो गुट जेएनयू के सेनेटरी गेट पर आपस में भिड़ गए

जामिया में खाने के बाद प्लेट रखने को लेकर विवाद, जमकर चले लाठी-डंडे चले, पुलिस बोली- पूर्व और बाहरी छात्रों से स्थिति बिगड़ी
Swati Kumariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 02 Mar 2024 09:50 PM
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया में शुक्रवार रात हॉस्टल में भोजन के बाद प्लेट रखने के विवाद में दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। दोनों ओर से चले लाठी-डंडों में तीन छात्रों को चोट आई है। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मामले से संबंधित वीडियो और सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। दक्षिण पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट-13 पर झगड़े की कॉल मिली थी। स्थानीय एसएचओ समेत पुलिस टीम वहां पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ में पता चला कि जामिया परिसर के भीतर छात्रों के कुछ गुटों के बीच हॉस्टल में खाना खाने के बाद प्लेट रखने को लेकर विवाद शुरू हुआ था।

पुलिस को छानबीन के बीच एम्स ट्रॉमा सेंटर और होली फैमिली अस्पताल से तीन लोगों के घायल होने की सूचना मिली। तीनों घायलों की पहचान जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पढ़ने वाले बटला हाउस निवासी 24 वर्षीय आदिल खान, 25 वर्षीय जफर और जामिया स्कूल में पढ़ने वाले 19 वर्षीय साकिब के रूप में हुई है।
पूछताछ में पता चला कि घायलों का अन्य कई लोगों से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद हमले में तीनों को चोटें आईं। पता चला कि नाबिद हसन, शाहरुख त्यागी, नोमल त्यागी, नोमल अली, अब्दुल हसन जुबैर चौधरी और फरीद चौधरी ने उन पर मारपीट के दौरान हमला किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्षेत्रवाद के नाम पर अलग गुट
पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्रों के गुटों में पूर्वांचली (पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार), पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मेवाती छात्रों के अलग-अलग गुट हैं, जोकि क्षेत्रवाद के नाम पर एकजुट हैं। इन गुटों में जामिया मिल्लिया के पूर्व छात्र और कुछ बाहरी छात्र भी शामिल हैं। इनके बीच अक्सर ऐसे छोटे-छोटे मुद्दों को लेकर एक-दूसरे से झगड़ा होता रहता है। इस झगड़े में जामिया के पूर्व छात्रों और बाहरी छात्रों के हस्तक्षेप से विवाद बढ़ गया और स्थिति बिगड़ गई।

बाहरी छात्रों के प्रवेश रोक की मांग
जामिया के पूर्व और बाहरी छात्रों को परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने के संदर्भ में पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन से बाहरी छात्रों को परिसर के अंदर प्रवेश करने से रोक लगाने को कहा गया है, जोकि अक्सर माहौल खराब कर देते हैं। फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं।

प्रशासन की असफलता : एबीवीपी
मारपीट के दो वीडियो वायरल होने के बाद इसको लेकर छात्रों में चर्चा बढ़ गई। हालांकि, जामिया प्रशासन ने इस बारे में कोई विशेष गंभीरता नहीं दिखाई है। जामिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कोई बड़ी घटना नहीं है छात्रों के बीच मामूली विवाद हुआ है। उधर, जामिया में सक्रिय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चिंता जाहिर की है। एबीवीपी के पदाधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि मारपीट प्रशासन की असफलता है। ऐसी घटनाओं से जामिया की छवि खराब होती है। जामिया को जहां चूक हो रही है उसे ठीक करना चाहिए।

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