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कुछ गलत है तो उसे सही करिए, अवैध पबों पर दिल्ली सरकार से कोर्ट ने क्यों कहा

दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछा कि कैसे आबकारी विभाग को सिर्फ एक रेस्टोरेंट की इसमें संलिप्ता मिली है जबकि याचिकाकर्ता के मुताबिक, हाल ही में सोशल मीडिया पर पार्टियों का प्रचार किया गया था।

कुछ गलत है तो उसे सही करिए, अवैध पबों पर दिल्ली सरकार से कोर्ट ने क्यों कहा
Nishant Nandanपीटीआई,नई दिल्लीWed, 22 Nov 2023 09:20 PM
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दिल्ली के सफदरजंग इनक्लेव में गैर कानूनी पब और बारों पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। बुधवार को अदालत ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वो अवैध पबों और बारों के आरोपों को देखें। यह पब आवासीय इलाकों में चलाए जा रहे हैं। कार्यकारी चीफ जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि आबकारी विभाग की स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने अपनी जांच में यह पाया है कि इन जगहों पर कुछ भी गैर-कानूनी नहीं मिला है। 

दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि इस इलाके में चल रहे 24 रेस्टोरेंट को शराब का लाइसेंस नहीं दिया गया और सिर्फ जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ है उसे छोड़कर फिजिकल जांच-पड़ताल के दौरान शराब नहीं मिला है। अदालत ने पूछा कि कैसे आबकारी विभाग को सिर्फ एक रेस्टोरेंट की इसमें संलिप्ता मिली है जबकि याचिकाकर्ता के मुताबिक, हाल ही में सोशल मीडिया पर पार्टियों का प्रचार किया गया था।

बेंच में शामिल जस्टिस मिनी पुष्कर्ण ने कहा, 'अगर कुछ गलत हो रहा है तो उसे सही करिए। सच्चाई में इतना फर्क नहीं हो सकता है।'  अदालत ने पूछा, 'आसपास कुछ रेस्टोरेंट बिना फायर एग्जिट के चल रहे हैं। अगर कोई मर गया तो क्या होगा? लोग कैसे बाहर आएंगे? अदालत ने आबकारी विभाग को आदेश दिया कि वो दोबारा इलाके में जाकर जांच-पड़ताल करें और अब इस मामले में 14 दिसंबर को सुनवाई होगी। 

अदालत में एक वकील प्रशांत कुमार उमराव याचिकाकर्ता हैं। उन्होंने इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट का रूख किया था और हुमायूपुर गांव में चल रहे गैरकानूनी रेस्टोरेंटों और पबों के खिलाफ ऐक्शन की गुहार लगाई थी। अदालत में प्रशांत कुमार का प्रतिनिधित्व वकील प्रवीण सिंह औऱ विशाल राय ने किया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह आउटलेट ना सिर्फ यहां रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं बल्कि Deer Park जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों को इनसे परेशानी हो रही है। 

याचिकाकर्ता ने कहा है कि लोग इन बारों से लोग काफी शराब पीकर निकलते हैं। यह बार इलाके के लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं खास तौर से बच्चों के लिए। स्थानीय लोगों को अक्सर मुश्किलें आती हैं। शराब के नशे में लोग मारपीट करते हैं और इन आउटलेट में तेज आवाज में बजने वाले गानों से भी परेशानी हो रही है। 

याचिका में आगे दावा किया गया है कि इन बारों के चलने की वजह से इस इलाके में यातायात की भी समस्या खड़ी होती है। हालत यह हो जाती है कि अगर कोई आग लग जाए तो आपातकालीन वाहन को भी यहां सड़क पर जगह नहीं मिल सकेगा। 
 

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