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माफिया से इश्क लड़ा रही थी पत्नी, बदला लेने के लिए खुद बन गया गैंगस्टर और कर डाला कांड

पुलिस ने बताया कि आकाश भाईदा को रविवार को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जैतपुर से गिरफ्तार किया गया है और उसके काना गिरोह के सदस्यों की तलाश जारी है।

माफिया से इश्क लड़ा रही थी पत्नी, बदला लेने के लिए खुद बन गया गैंगस्टर और कर डाला कांड
Aditi Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 11 Jun 2024 02:21 PM
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दिल्ली पुलिस ने काना गैंग के सदस्य आकाश भाईदा को गिरफ्तार कर लिया है। यह आकाश भाईदा वही शख्स है जो पत्नी की बेवफाई का बदला लेने के लिए गैंगस्टर बन गया था। उसकी पत्नी का एक गैंगस्टर के साथ अफेयर था। ऐसे में उसने खुद गैंगस्टर बन  बदला लेने का फैसला किया। उसने पत्नी के बॉयफ्रेंड को मारने की भी कोशिश की और फिर खुद दिल्ली एनसीआर में डकैती और जबरन वसूली का नेटवर्क शुरू कर दिया। डिप्टी कमिश्नर राकेश पावरिया ने कहा कि आकाश भाईदा को रविवार को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जैतपुर से गिरफ्तार किया गया है और उसके काना गिरोह के सदस्यों की तलाश जारी है।

मामले की जानकारी देते हुए क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि आकाश ने गैंगस्टर बनने की शुरुआत छोटी मोटी चोरियों के साथ की। पहली बार 1 सितंबर, 2023 को पुलिस के नजर में तब आया, जब उसने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी गैंगस्टर राजन सिंह के घर में आग लगा दी।  पुलिस ने बताया कि घटना में राजन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। आकाश पूछताछ में इसका कारण भी बताया है। आकाश ने बताया है कि राजन सिंह की ही वह शख्स था जिसका उसकी पत्नी के साथ अफेयर था और इसलिए उसने उसके घर में आग लगाई। 

भाईदा को जब पता चला कि उसकी पत्नी सिंह के साथ रिश्ते में है तो उसने सिंह के घर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इसके बाद उसने सिंह को मारने और उसके साथियों को चोट पहुंचाने की योजना बनाई। भाईदा ने जमानत पर बाहर आए तीन अन्य विचाराधीन कैदियों को भी शामिल किया और गैंगस्टर बनने लिए अपना खुद का गिरोह शुरू किया।

एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा  हम जानते थे कि वह डकैती/चोरी के मामले में शामिल था, और पिछले साल जमानत मिलने से पहले उसे एक साल की जेल हुई थी। हालांकि, यह घटना असामान्य थी। हमें यकीन नहीं था कि एक छोटे चोर ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के साथ काम करने वाले एक गैंगस्टर पर हमला क्यों किया। इसके बाद आकाश की तलाश के लिए एक टीम का गठन किया गया लेकिन उसे पकड़ा नहीं जा सका। इसके बाद टीम को पता चला कि आकाश को कालिंदी कुंज इलाके में देखा गया है।

कई महीनों से पुलिस आकाश की तलाश कर रही थी, लेकिन वह छिपा हुआ था।  अधिकारियों ने बताया कि वह काना गैंग की स्थापना के लिए अपने सहयोगियों को डकैती और जबरन वसूली करने का निर्देश दे रहा था।"

इसके बाद क्राइम ब्रांच को आकाश के तीन सहयोगी मिले, जिनकी पहचान केवल उनके पहले नाम - अमन, अजीत और करण से हुई।  ये सभी दक्षिण और दक्षिण-पूर्व दिल्ली में डकैती और हत्या के प्रयास के मामलों में शामिल थे।  पुलिस ने इन तीनों को पकड़ लिया लेकिन ये लोग जल्द ही जमानत पर बाहर आ गए। इसके बाद  मैन्युअल और तकनीकी निगरानी जरिए उनकी गतिविधियों पर नज़र रखी गई। इसके बाद टीम को पता चला कि आकाश रविवार को एक और अपराध करने के लिए जैतपुर आएगा। एक टीम को तुंरत जैतपुर भेजा गया जहां से आकाश को चोरी की गई बाइक के साथ पकड़ लिया गया।