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दिल्लीवालों की कैसे बुझेगी प्यास, रोजाना 38 करोड़ लीटर पानी की कमी; टैंकर के लिए लंबा इंतजार

Delhi Water Crisis: दिल्ली में पानी की डिमांड और सप्लाई चेन का संतुलन बिगड़ गया है। यही वजह है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही जल संकट भी बढ़ रहा है। रोजाना 38 करोड़ लीटर पानी की कमी हो गई है।

दिल्लीवालों की कैसे बुझेगी प्यास, रोजाना 38 करोड़ लीटर पानी की कमी; टैंकर के लिए लंबा इंतजार
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 20 Jun 2024 05:50 AM
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जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, दिल्ली में पानी का संकट भी बढ़ रहा है। गर्मी के कारण खपत में हुई बढ़ोतरी की वजह से मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ रहा है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब दिल्ली में रोजाना तकरीबन 38 करोड़ लीटर पानी की कमी हो गई है। मानकों के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को 150 लीटर पानी उपलब्ध कराया जाए तो इतने पानी से रोजाना 25.23 लाख लोगों की दिनभर की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। पानी की मांग और आपूर्ति के बढ़े अंतर की वजह से अब लोगों को टैंकरों से भी समय पर पानी नहीं मिल पा रहा। उन्हें टैंकर के लिए एक दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।

जल शोधन संयंत्र की क्षमता 

दिल्ली में पानी के संकट की सबसे बड़ी वजह जल बोर्ड को यमुना और मुनक नहर से मिलने वाले पानी में कमी हो जाना है। यमुना के किनारे स्थित वजीराबाद जल शोधन संयंत्र की क्षमता रोजाना 134 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) पानी की है, लेकिन इससे अब महज 85 से 93 एमजीडी पानी की आपूर्ति हो पा रही है। इस अकेले प्लांट में लगभग 40 एमजीडी की कमी हो गई है। इसके अलावा हैदरपुर जल शोधन संयंत्र से भी 216 एमजीडी की तकरीबन 210 एमजीडी पानी की आपूर्ति हो पा रही है। बवाना प्लांट से 20 की बजाय 17 से 18 एमजीडी पानी की आपूर्ति हो पा रही है। इसी तरह अन्य प्लांटों से भी जल बोर्ड करीब तीन से पांच एमजीडी कम पानी सप्लाई कर पा रहा है।

टैंकर के लिए लंबा इंतजार

दिल्ली जल बोर्ड ने पानी के टैंकरों के फेरे बढ़ाए हैं, लेकिन इसके बाद भी लोगों को समय पर पानी नहीं मिल रहा है। द्वारका सेक्टर-एक निवासी बबली राणा ने बताया कि करीब 15 दिन से पाइप लाइन के जरिए एक दिन के अंतराल पर पानी मिल रहा है। इसके बाद भी कॉल करने पर दो-तीन घंटे में पानी का टैंकर कॉलोनी में पहुंच जाता था। अब कई दिन से कॉलोनी में पानी के टैंकर भी एक दिन छोड़कर अगले दिन पहुंच रहे हैं। पानी की जरूरत को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। उनका आरोप है कि जल बोर्ड की ओर से एयरपोर्ट इलाके में रोजाना पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, लेकिन द्वारका के आवासीय क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति में भेदभाव किया जा रहा है।

मांग बढ़ती जा रही

जल बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि करीब 100 एमजीडी यानी लगभग 38 करोड़ लीटर पानी रोजाना कम सप्लाई किया जा रहा है, जबकि भीषण गर्मी में प्रति व्यक्ति मांग 150 लीटर से बढ़कर करीब 200 लीटर हो गई है। यानी रोजाना पानी की डिमांड में लगभग 25 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। मांग और आपूर्ति के संतुलन के बिगड़ने के कारण संकट बढ़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा संकट दिलली के विनोद नगर, मंडावली, गणेश नगर, गीता कॉलोनी, चाणक्यपुरी, द्वारका, ओखला, बवाना, नेहरू विहार, आदर्श नगर, शालीमार बाग, वजीरपुर, बुराड़ी समेत अधिकांश क्षेत्रों में है। जल बोर्ड का कहना है कि जब तक हरियाणा से अतिरिक्त पानी नहीं मिलता, तब तक इस संकट से पार पाना बड़ी चुनौती है।