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हिसार के नए सांसद बने बृजेंद्र सिंह, दुष्यंत चौटाला 3 लाख से अधिक वोटों से हारे

dushyant chautala  file photo

इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हरियाणा में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन प्रदर्शन करते हुए प्रदेश की सभी 10 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। 2014 में भाजपा ने आठ सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से सात पर जीत दर्ज की थी, जबकि इनेलो ने दो और कांग्रेस ने एक सीट जीती थी। इस बार इनेलो, जेजेपी, आप, बसपा व लोकतांत्रिक सुरक्षा पार्टी जैसे दलों को भी चुनावों में धूल फांकनी पड़ी है।

देवीलाल के बड़े पोते दुष्यंत चौटाला ने पारिवारिक कलह के बाद इनेलो से अगल होकर जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) बनाई थी। 2014 के लोकसभा चुनाव हिसार से जीतने वाले दुष्यंत चौटाला भी इस बार मोदी सुनामी के आगे टिक नहीं सके और भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह से 314068 वोटों से हार गए। नौकरशाह से राजनेता बने बृजेंद्र सिंह केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं।

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2014 के लोकसभा चुनाव में हिसार सीट पर ही उन्होंने कुलदीप बिश्नोई को करीब 32 हजार वोट से हराकर सबसे युवा सांसद बनने की उपलब्धि हासिल की थी। 1988 में जन्मे दुष्यंत की यह उपलब्धि लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है। पिछले साल ही इनेलो से निष्कासित किए जाने के बाद दुष्यंत ने नौ दिसंबर 2018 जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) का गठन किया था। 

राजनीति दुष्यंत चौटाला के खून में हैं। उनके पिता अजय चौटाला सांसद व विधायक रह चुके हैं। उनकी मां नैना चौटाला भी हरियाणा से विधायक हैं। यही नहीं दुष्यंत के दादा ओम प्रकाश चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि पड़दादा चौधरी देवी लाल तो उप-प्रधानमंत्री रहे थे।  

हिसार लोकसभा के दायरे में 9 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। 1951 से अब तक यहां पर 7 बार कांग्रेस को सफलता हासिल हुई है। एक तरह से इस सीट पिछले करीब 3 दशक भजनलाल और देवीलाल के परिवार का ही कब्जा रहा है। पिछले तीन दशक में केवल 2004 में कांग्रेस के जय प्रकाश को यहां से जीत मिली थी। 2019 में हिसार लोकसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। हरियाणा की यह एक ऐसी लोकसभा सीट है, जहां से भाजपा को कभी जीत नसीब नहीं हुई है।

2014 में देशभर में मोदी लहर के बावजूद हिसार सीट पर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के कुलदीप बिश्नोई को हराया था।

जाट बहुल हिसार जिले की अधिकतर आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है और खेती और पशु पालन उनका मुख्य व्यवसाय है। यहां युवाओं में खेलों को लेकर खास उत्साह देखने को मिलता है। राजनीति के अलावा हिसार शहर की अपनी एक अलग पहचान है। हिसार भारत का सबसे बड़ा जस्ती लोहा का उत्पादक है, जिससे इसे इस्पात का शहर भी कहा जाता है।

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  • Web Title:Hisar Lok Sabha seat result 2019 Dushyant Chautala lost know all seats results of haryana