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एनसीआरराजधानी में ऑक्सीजन की कमी पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, दिल्ली ही नहीं, पूरा देश ऑक्सीजन के लिए रो रहा है

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाताPublished By: Dinesh Rathour
Tue, 04 May 2021 10:38 PM
राजधानी में ऑक्सीजन की कमी पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, दिल्ली ही नहीं, पूरा देश ऑक्सीजन के लिए रो रहा है

उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि आक्सीजन की कमी सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी है। न्यायालय ने कहा कि पूरा देश आज आक्सीजन के लिए रो रहा है। न्यायालय ने कहा कि न सिर्फ दिल्ली बल्कि अन्य राज्य भी आक्सीजन की कमी से परेशान है और लोगों की जाने जा रही है।
जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली की पीठ ने मंगलवार को यह टिप्पणी की। इससे पहले केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने पीठ को बताया कि सोमवार की आधी रात तक दिल्ली को 433 मीट्रिक टन आक्सीजन की आपूर्ति की गई और मंगलवार सुबह 307 मीट्रिक टन आक्सीजन दिल्ली को दिया गया है।

शर्मा ने पीठ को बताया कि शाम तक दिल्ली के पास पर्याप्त आक्सीजन होगा। दिल्ली सरकार की ओर से अधिवक्ता ने कि केंद्र को 590मीट्रिक टन आक्सीजन देना था और सिर्फ 420 मीट्रिक टन आपूर्ति किया है। इस पर शर्मा ने दिल्ली सरकार के वकील से कहा कि एक ही बात को बार-बार दोहराइए। इस पर पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या यह हकीकत नहीं है। पीठ ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इस पर केंद्र की ओर से शर्मा ने कहा कि यह भावुक नहीं होना चाहिए। पीठ ने कहा कि लोग रोज मर रहे हैं, यह भावनात्मक मामला है, लोगों की जिंदगी खरते में है। पीठ ने कहा कि सरकार अंधे हो सकती है, हम नहीं। साथ ही कहा कि आप इतने असंवेदनशील कैसे हो सकते है। पीठ ने केंद्र से पूछा कि आगे को लेकर आपकी क्या तैयारी है। पीठ ने कहा कि यह कितना लंबा चलेगा, एक सप्ताह या दो सप्ताह है, हम नहीं जानते, पूरा देश आज ऑक्सीजन के लिए रो रहा है।

पीठ ने सरकार को एम्पावर्ड ग्रुप में अधिक विशेषज्ञ और आईआईएम विशेषज्ञों कोशामिल करने का सुझाव दिया। पीठ ने कहा कि यदि महाराष्ट्र में स्थिति सुधर रही है और आक्सीजन की खपत कम हो रही है तो कुछ आक्सीजन टैंकर दिल्ली व कर्नाटका में स्थानांतरित किया जा सकता है। इस बारे में न्यायालय ने केंद्र सरकार को विचार करने का निर्देश दिया है। पीठ ने कहा कि इससे यदि कुछ बफर स्टॉक दिल्ली में बन जाता है तो आने वाले समय में आपूर्ति पर दवाब कम पड़ेगा। पीठ ने कहा कि महारष्ट्र ही नहीं, किसी अन्य जगह पर भी आक्सीजन की खपत कम हो रही है तो उसे दिल्ली स्थानांतरित किया जा सकता है।

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