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केजरीवाल के लिए पहुंचा था HC, जुर्माना लगा तो बोला- गलती हो गई, माफ कर दीजिए मीलॉर्ड

एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत पीएस अरोड़ा की बेंच ने याचिकाकर्ता श्रीकांत प्रसाद पर लगा एक लाख का जुर्माना माफ करते हुए उन्हें सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया।

केजरीवाल के लिए पहुंचा था HC, जुर्माना लगा तो बोला- गलती हो गई, माफ कर दीजिए मीलॉर्ड
Devesh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 27 May 2024 03:25 PM
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करने वाले वकील को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दरअसल, वकील श्रीकांत प्रसाद ने कोर्ट से यह मांग की थी कि सीएम केजरीवाल के लिए जेल से सरकार चलाने का इंतजाम किया जाए। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी साथ ही उनपर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगा दिया था। ऐसे में उन्होंने दोबारा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और बताया कि वह अपनी गलती स्वीकार करते हैं। सोमवार को कोर्ट ने वकील श्रीकांत प्रसाद पर लगाया जुर्माना माफ कर दिया। साथ ही हाईकोर्ट ने उन्हें समाज सेवा करने का निर्देश भी दिया।

HC ने क्यों किया एक लाख का जुर्माना माफ
'लाइव लॉ' की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत पीएस अरोड़ा की बेंच ने याचिकाकर्ता श्रीकांत प्रसाद पर लगा एक लाख का जुर्माना माफ करते हुए उन्हें सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता को दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (DSLSA) के निर्देशों के अनुसार सेवा करना होगा।

दरअसल, केजरीवाल के लिए याचिका दायर करने वाले वकील सोमवार को हाईकोर्ट पहुंचे। उन्होंने कहा कि 'वह अपनी गलती स्वीकार करते हैं। उनकी जनहित याचिका कानून की नजर में खराब है।' इसी के साथ वह जुर्माना माफ करने की मांग करने लगे। उन्होंने कोर्ट से कहा कि वह एक लाख रुपए का जुर्माना माफ करने के बदले सामुदायिक सेवा करने को तैयार हैं।

कोर्ट का क्या निर्देश
जुर्माना माफ करते हुए हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिया कि यदि वकील श्रीकांत प्रसाद किसी और अदालत में कोई और याचिका दायर करते हैं, तब जनहित याचिका की एक कॉपी और आज का आदेश उसमें संलग्न करना होगा। दरअसल, कथित शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी (आप) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल अंतरिम जमानत पर तिहाड़ जेल से बाहर हैं। उन्हें 2 जून को सरेंडर करना है। हालांकि सोमवार को सीएम केजरीवाल ने दोबारा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपनी अंतरिम जमानत एक हफ्ते और बढ़ाने की मांग की है। 

भाजपा ने जमानत की मांग को बताया 'नाटक'
भाजपा ने मेडिकल जांच कराने के लिए जमानत की अवधि एक हफ्ते बढ़ाए जाने के सीएम अरविंद केजरीवाल के कदम को जेल लौटने से बचने के लिए किया जा रहा 'नाटक' बताया है। 'आप' की वरिष्ठ नेता आतिशी ने सोमवार को कहा कि सीएम केजरीवाल ने उनकी अंतरिम जमानत की अवधि एक सप्ताह बढ़ाए जाने का अनुरोध किया है क्योंकि हाल में उनका वजन कम हो जाने और कीटोन स्तर में बढ़ोतरी होने के कारण उन्हें कुछ जांच करानी हैं जो गुर्दे की किसी समस्या या कैंसर का भी लक्षण हो सकता है। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कदम धनशोधन मामले में उनकी अंतरिम जमानत की अवधि एक जून को समाप्त होने के बाद वापस जेल जाने से बचने के लिए किया गया 'नाटक' है।

(पीटीआई इनपुट के साथ)