ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCR44,000 EWS श्रेणी के बच्चों को निजी स्कूलों में मिलेगा प्रवेश? HC ने दिल्ली सरकार से मांगा साफ जवाब

44,000 EWS श्रेणी के बच्चों को निजी स्कूलों में मिलेगा प्रवेश? HC ने दिल्ली सरकार से मांगा साफ जवाब

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को यहां विभिन्न निजी स्कूलों में कमजोर और वंचित समूहों के 44,000 से अधिक बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करने के लिए दायर एक जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार से 'संक्षिप्त और...

44,000 EWS श्रेणी के बच्चों को निजी स्कूलों में मिलेगा प्रवेश? HC ने दिल्ली सरकार से मांगा साफ जवाब
नई दिल्ली। पीटीआई Mon, 14 Feb 2022 04:10 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को यहां विभिन्न निजी स्कूलों में कमजोर और वंचित समूहों के 44,000 से अधिक बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करने के लिए दायर एक जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार से 'संक्षिप्त और स्पष्ट' जवाब मांगा है। 

जस्टिस राजीव शकधर और जस्टिस तलवंत सिंह की अध्यक्षता वाली बेंच ने एनजीओ 'जस्टिस फॉर ऑल' की जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया और दिल्ली सरकार के वकील संतोष कुमार त्रिपाठी से जवाब दाखिल करने को कहा।

अदालत ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, पिछले वर्ष में सीटों की संख्या, उन पर किए गए आवेदन और दाखिले की संख्या के बारे में आपकी क्या समझ है, इस पर संक्षिप्त और स्पष्ट जवाब दाखिल करें। कोर्ट 26 अप्रैल को मामले की दोबारा सुनवाई करेगी।

वकील खगेश बी झा और शिखा शर्मा बग्गा के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल 2021 से अपने कर्तव्य का पालन करने में सरकार की निष्क्रियता के कारण हजारों बच्चों के मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन हुआ है, जो अप्रैल 2021 से दाखिले का इंतजार कर रहे हैं।

याचिका में कहा गया है कि हालांकि चालू वर्ष से 53,000 से अधिक सीटें हैं और इसके अलावा 24,000 सीटों को पिछले शैक्षणिक सत्र से आगे बढ़ाया जाना है, यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित समूह के बच्चों के लिए कुल 77,000 सीटें हैं। केवल 21,000 बच्चों का दाखिला कराया गया है।

इसमें आरोप लगाया गया कि शिक्षा निदेशक ने अपने स्तर पर प्रक्रिया में देरी की और अब प्रवेश में देरी के आधार पर प्रवेश से इनकार कर रहे हैं जो कि उपयुक्त सरकार का कर्तव्य है।

याचिकाकर्ता एनजीओ ने शिक्षा निदेशक को उन निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने की मांग की है जो आवंटित सीटों पर छात्रों को प्रवेश देने में विफल रहे हैं। 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें