हरियाणा : कंटेनमेंट जोन में धड़ल्ले से बन रहे पीपीई किट-मास्क और सैनिटाइजर
हरियाणा के भिवानी शहर में हर गली-मोहल्ले में जिला प्रशासन और सरकार के मानकों एवं नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए पीपीई किट, फेस मास्क सिलाई और सैनिटाइजर बनाने का अवैध धंधा जोरों से फल-फूल रहा...

हरियाणा के भिवानी शहर में हर गली-मोहल्ले में जिला प्रशासन और सरकार के मानकों एवं नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए पीपीई किट, फेस मास्क सिलाई और सैनिटाइजर बनाने का अवैध धंधा जोरों से फल-फूल रहा है।
प्रशासन एवं संबंधित विभागों के ठीक नाक के नीचे चल रहे इस अवैध कारोबार में कुछ सफेदपोश भी जुड़े हुए हैं जिसकी स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने जिला उपायुक्त को शिकायत दी है। शिकायत के साथ ऐसे 77 ठिकानों की लिस्ट भी दी गई है, जहां पर ये अवैध कारोबार बिना किसी रोक-टोक के धड़ल्ले से चल रहा है।
शिकायत में बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में संगठन की तरफ से जनहित याचिका लेकर गए थे। उस समय कोर्ट ने जनहित याचिका में जिला अधिकारियों को शिकायत देने और इससे जुड़े कई तथ्य और जुटाने के आदेश दिए थे। इन्हीं आदेशों के बाद संगठन ने इस मामले की फिर से जिला उपायुक्त को शिकायत दी है।
परमार ने बताया कि इस अवैध कारोबार से जुड़े लोग आम लोगों की जिंदगी से ही खिलवाड़ नहीं कर रहे, बल्कि डॉक्टरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। सबसे गंभीर बात तो यह है कि शहर में कोरोना केस सामने आ चुके हैं, जिन इलाकों में कोरोना केस आने के बाद जिला प्रशासन द्वारा कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था, उनमें भी धड़ल्ले से पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर बनाए जा रहे हैं जिससे कोरोना के संक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि भिवानी से प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी अनुमति के ही पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर तैयार किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से भी कोई एनओसी तक नहीं ली गई है। इनसे जुड़े काफी तथ्य संगठन द्वारा आरटीआई के जरिए जुटाए जा चुके हैं, जिनके सहारे फिर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली जाएगी।
उन्होंने बताया कि भिवानी में तैयार हो रहे पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइज कोरियर, डाक पार्सल व पर्सनल गाड़ियों के माध्यम से बिना खरीद और बिक्री बिल के देशभर में भेजे जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने इनकी परमिशन भी नियमों की अनदेखी करते हुए दी है। जिला प्रशासन से ऐसा कार्य करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।


