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जेल में हरियाणा पुलिस कराती है मोबाइल फोन और ड्रग्स की तस्करी : जेल अधीक्षक

गुरुग्राम जेल (फाइल फोटो)

कैदी की मौत और उसके पेट से ड्रग्स बरामद होने के बाद जेल अधीक्षक जयकिशन छिल्लर ने गुरुवार को हरियाणा पुलिस पर संगीन आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जेल के अंदर ड्रग्स या मोबाइल आदि की तस्करी हरियाणा पुलिस के जवान कराते हैं। 

इस संबंध में जेल प्रबंधन ने पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) गुरुग्राम कुलविंदर सिंह को अवगत करा दिया है। जेल अधीक्षक ने इस मामले में जेल प्रबंधन को क्लीन चिट दी है। उन्होंने कहा कि इलाज या फिर पेशी के लिए जेल से बाहर जाने वाले कैदियों को हरियाणा पुलिस के जवान ही मोबाइल या ड्रग्स उपलब्ध कराते हैं।

रोहतक में निगला था पैकेट

जेल अधीक्षक के मुताबिक कैदी मिथुन को ड्रग्स के पैकेट रोहतक पीजीआई में ही उपलब्ध कराए गए थे। उसनेे पैकेट जेल की सीमा पर पहुंचने से पहले निगल लिया था। बैरेक पहुंचने पर उसनेे उगलने के काफी प्रयास किए, लेकिन पैकेट बाहर आने की बजाय उसकी आंतों में फंस गए। संभवत: इसी वजह से उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई।

पहले भी लग चुके हैं आरोप

हरियाणा पुलिस के जवानों पर जेल में तस्करी के आरोप पहले भी लग चुके हैं। चार दिन पहले ही तलाशी के दौरान एक कैदी के पास से मोबाइल बरामद हुआ था।पूछताछ में कैदी ने बताया था कि उसे मोबाइल सिपाही मनीष ने उपलब्ध कराया था।

जेल अधीक्षक ने मुझे ताजा मामले में रिपोर्ट दी है, लेकिन इसमें भी संदेह है, इसलिए यह कहना कतई उचित नहीं होगा कि पुलिस जेल में तस्करी कराती है। इस रिपोर्ट की जांच करवाईजा रही है। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। -कुलविंदर सिंह, पुलिस उपायुक्त

कैदी की मौत के बाद पेट से ड्रग्स के 20 पैकेट मिले थे

गौरतलब है कि मंगलवार की देर शाम एक कैदी अखिलेश उर्फ मिथुन की बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। बुधवार की दोपहर में पोस्टमार्टम के दौरान मेडिकल बोर्ड ने उसके पेट से ड्रग्स के बीस पैकेट बरामद किए। न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुए इस पोस्टमार्टम के बाद इन पैकेटों को सील बंद कर रख दिया गया है। उधर, इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स बरामद होने के बाद जेल प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति है। 

इस घटना के बाद पहली बार मीडिया से बात करते हुए जेल अधीक्षक जयकिशन छिल्लर ने जेल प्रबंधन को पाक साफ साबित करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि सात जनवरी की सुबह कैदी मिथुन को इलाज के लिए पुलिस की सुरक्षा में रोहतक पीजीआई ले जाया गया था।  

उसी दिन शाम को वह जेल में वापस भी आ गया, लेकिन इस दिन भर की अवधि में पुलिसकर्मियों की मदद से उसे ड्रग्स की यह खेप उपलब्ध कराई गई थी। प्राथमिक जांच के बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट पुलिस उपायुक्त मुख्यालय को दे दी है। आगे की कार्रवाई पुलिस को करनी है। पुलिस उच्चाधिकारियों को इस मामले के बारे में जानकारी दी गई है। 

गुरुग्राम जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी की मौत, पेट में भरा था ड्रग्स

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  • Web Title:Haryana Police sends mobile phones and drugs in Gurugram jail says Jail Superintendent